नीमचमध्यप्रदेश

अफीम तौल नियमों में बदलाव पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने उठाए सवाल

अफीम तौल नियमों में बदलाव पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने उठाए सवाल

जब मशीन तय करेगी गुणवत्ता, तो हाथ से जांच कर क्यों किसानों को किया जा रहा है गुमराह
नई प्रणाली से किसान असमंजस में, बाहेती पहुंचे अफीम तौल केंद्र
पुरानी ‘झरड़े’ व्यवस्था खत्म, नई जटिल प्रणाली पर पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल


नीमच। नारकोटिक्स विभाग द्वारा अफीम तौल और गुणवत्ता जांच के नियमों में अचानक किए गए बदलाव से जिले के किसानों में असमंजस और नाराजगी बढ़ती जा रही है। केंद्र सरकार के निर्देश पर लागू नई व्यवस्था में अफीम को सीमित श्रेणियों में बांटा जा रहा है, लेकिन तौल के समय गुणवत्ता की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही। इसको लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने अफ़ीम तौल केंद्र पहुंचकर कड़ा विरोध जताते हुए व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

श्री बाहेती ने कहा कि विभाग ने बिना किसानों को जानकारी दिए ही STD (स्टैंडर्ड) और WM (वाटर मिक्स) जैसे नए नियम लागू कर दिए हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया जटिल हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर अधिकारी कह रहे हैं कि अफीम की गुणवत्ता का अंतिम निर्णय लैब की मशीन करेगी, वहीं दूसरी ओर तौल केंद्रों पर अधिकारी खुद हाथ से अफीम की जांच कर उसे STD या WM घोषित कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अंतिम निर्णय मशीन को ही लेना है, तो मौके पर हाथ से जांच कर किसानों को गुमराह क्यों किया जा रहा है? सीधे सैंपल को मशीन जांच के लिए क्यों नहीं भेजा जाता?
पहले मौके पर ही मिल जाता था स्पष्ट परिणाम-
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि पुरानी झरड़े प्रणाली अधिक पारदर्शी और सरल थी। अफीम की जांच के बाद मौके पर ही ‘मार्क’ (झरड़े) लगा दिए जाते थे, जिससे किसान को तुरंत पता चल जाता था कि उसकी उपज किस श्रेणी की है और कितनी कटौती होगी। जितने अधिक झरड़े, उतनी अधिक खराबी—यह सीधा और स्पष्ट मापदंड था। इस व्यवस्था में किसान तौल केंद्र से ही अपनी उपज और भुगतान को लेकर संतुष्ट होकर लौटता था, लेकिन अचानक नई प्रणाली लागू कर इस पारदर्शिता को खत्म कर दिया है।
नई व्यवस्था में बढ़ी अनिश्चितता-
नई प्रणाली के तहत किसानों को अपनी अफीम की गुणवत्ता और कटौती का अंतिम परिणाम जानने के लिए 4 से 5 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे न केवल उनकी चिंता बढ़ रही है, बल्कि आर्थिक अनिश्चितता भी बनी हुई है। श्री बाहेती ने आरोप लगाया कि यह नई नीति किसानों के हितों को नजरअंदाज कर बनाई गई है। उन्होंने मांग की कि या तो पुरानी ‘मार्क’ प्रणाली को फिर से लागू किया जाए या नई व्यवस्था को पूरी तरह मशीन-आधारित और पारदर्शी बनाया जाए।

मालखेड़ा तौल केंद्र पहुंचकर अधिकारियों से की चर्चा
नीमच में मालखेड़ा के समीप स्थित अफीम तौल केंद्र पर पहुंचकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारियों से सीधे चर्चा की। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों की समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा और नई व्यवस्था से हो रही परेशानियों से अवगत कराया। उन्होंने मांग की कि तौल के समय ही किसानों को उनकी उपज की वास्तविक स्थिति बताई जाए, ताकि उन्हें मानसिक और आर्थिक असमंजस से राहत मिल सके।

कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल करेगा डीएनसी से मुलाकात
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती के नेतृत्व में अफ़ीम किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को डीएनसी (डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर) से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधि मंडल किसानों की समस्याओं को विस्तार से रखेगा और अफीम तौल के नए नियमों से हो रही परेशानियों को लेकर विरोध दर्ज कराएगा।
साथ ही कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन की राह भी अपनाई जा सकती है।

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