समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में देरी के चलते किसानों में भारी आक्रोश-सुरेश रावटी

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में देरी के चलते किसानों में भारी आक्रोश-सुरेश रावटी
सीतामऊ निप्र-किसान नेता सुरेश रावटी ने बताया कि एक तरफ तो कहा जाता है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है किसानों को अन्नदाता का दर्जा दिया जाता है और यहां की विकास दर में कृषि का बड़ा योगदान रहता है लेकिन विडंबना यह है कि आज अन्नदाता दुखी और परेशान है गेहूं खरीदी में देरी के चलते काफी चिंतित है सरकार के द्वारा अन्नदाता किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी हेतु लगातार झूठा आश्वासन दिया जा रहा है सरकार ने पहले गेहूं खरीदी हेतू 16 मार्च निर्धारित की थी फिर उससे बड़ा कर 1 अप्रैल की गई है और अब तीसरी बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी हेतु 10 अप्रैल निर्धारित की गई है एक तरफ तो सरकार अपने आप को किसान हितैषी बताती हैं और दूसरी तरफ किसानों से गेहूं खरीदी के नाम पर केवल तारीख बढ़ाने का काम कर रही है बैंकों द्वारा ऋण वसूली हेतु 28 मार्च निर्धारित की गई थी लेकिन गेहूं खरीदी में देरी के चलते हजारों किसानों के बैंक खाते डिफॉल्ट हो चुके है सरकार केवल गेहूं खरीदी की तारीख पे तारीख बढ़ाने का काम कर रही है लेकिन ऋण वसूली की तारीख आज दिन तक नहीं बढ़ाई गई, किसानों का कहना है कि जब सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी करने में असमर्थ है तो फिर हमें क्यों अंधेरे में रखा गया हम तो न घर के रहे न घाट के हमारे बैंक खाते भी डिफॉल्ट हो गये है हमारी सिविल भी खराब हो रही है जिसको लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। किसान नेता सुरेश रावटी ने बताया कि यदि समय रहते सरकार नहीं जागी व समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी जल्द शुरू नहीं की गई है तो किसान हित में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा साथ में यह भी मांग की की ऋण वसूली की तारीख बढ़ाकर प्रति वर्ष के लिए 30 अप्रैल निर्धारित की जाए ताकि किसानों के बैंक खाते डिफॉल्ट न हो और सिविल भी खराब ना हो।
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