शासकीय जमीन पर भूमाफियाओं का कब्जा, पंचनामा में बड़ा खेल! 48 आरी में से 15 आरी “गायब”
पटवारी पर चहेते को बचाने के गंभीर आरोप
बंशीदास बैरागी मगराना
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ तहसील के अंतर्गत संजीत उप तहसील के ग्राम मगराना में शासकीय चरागाह भूमि पर कब्जे का मामला अब बड़ा घोटाला बनता जा रहा है। शिकायतकर्ता बापूलाल पिता देवीलाल गायरी द्वारा सर्वे नंबर 993 रकबा 0.48 हेक्टेयर (48 आरी) भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई, लेकिन कार्रवाई में ही गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं।
आदेश के बाद भी अधूरा न्याय
शिकायत के बाद नायब तहसीलदार संजीत ने 5 फरवरी 2026 को हल्का पटवारी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इससे पहले भी प्रकरण क्रमांक 0006/अ 68/2024-25 में अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने का आदेश जारी हो चुका था।
पंचनामा रिपोर्ट में क्या लिखा?
11 फरवरी 2026 को हल्का पटवारी द्वारा मौके पर जांच कर जो पंचनामा बनाया गया, उसमें निम्न अतिक्रमणकर्ता के नाम दर्शाए गए—
नविन कुमार लोहार के कब्जे मे कुल शासकीय भूमि 0.07 आरी
बगदीराम डांगी के कब्जे मे कुल शासकीय भूमि 0.20 आरी
बापूलाल गायरी के कब्जे मे शासकीय कुल भूमि 0.02 आरी
कारूलाल कुम्हार के कब्जे मे कुल शासकीय 0.04 आरी
कुल अतिक्रमण दिखाया गया – 33 आरी
बड़ा खुलासा – 15 आरी जमीन “गायब”
पंचनामा में साफ लिखा गया है कि पूरी 48 आरी भूमि शासकीय है और अतिक्रमण में है, लेकिन रिपोर्ट में केवल 33 आरी का ही जिक्र किया गया। आखिर बाकी 15 आरी जमीन किसके कब्जे में है? यही सवाल अब पूरे मामले को संदिग्ध बना रहा है।
पटवारी पर मिलीभगत के आरोप
ग्रामीणों और शिकायतकर्ता का आरोप है कि हल्का पटवारी ने जानबूझकर अपने किसी चहेते का नाम पंचनामा से गायब कर दिया और शासकीय भूमि के हिस्से को बचाने की कोशिश की।
क्या पटवारी ने दबाव में आकर या मिलीभगत से रिपोर्ट बदली? यह अब जांच का विषय बन गया है।अब उठी बड़ी मांग
मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचनामा रिपोर्ट की सूक्ष्म जांच कराई जाए
गायब 15 आरी जमीन का सटीक खुलासा किया जाएदोषी पटवारी पर कड़ी कार्रवाई हो
ग्रामीणों का कहना-अगर सही जांच हो जाए तो पूरा मामला खुल जाएगा, शासकीय जमीन पर कब्जा करने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है।
सवाल जो जवाब मांगते हैं -48 आरी में से 15 आरी जमीन का हिसाब कौन देगा?
क्या पटवारी ने जानबूझकर सच्चाई छुपाई?
प्रशासन कब करेगा सख्त कार्रवाई?
इनका कहना है:- नायब तहसीलदार ने मौका पंचनामा बनाकर रिपोर्ट पेश करने की कहाँ जो जिसके पास अतिक्रमण था वो लिखा गया व दर्शाया गया बाकि की 15 आरी शासकीय भूमि किसके कब्जे मे मुझे जानकारी नहीं है
योगेश परसाई हल्का पटवारी मगराना



