समाचार मध्यप्रदेश नीमच 25 मार्च 2026 बुधवार

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प्रदेश सरकार ने आंगनवाड़ियों में बच्चों के पोषण एवं शिक्षा की बेहतर व्यवस्था की है- श्री परिहार
जिले के 1112 आंगनवाड़ी केंद्रों में विद्यारम्भ उत्सव
नीमच जिला स्तरीय विद्यारम्भ उत्सव सम्पन्न
नीमच 24 मार्च 2026, प्रदेश सरकार ने आंगनवाड़ियों में बच्चों के उचित पोषण एवं शाला पूर्व शिक्षा की बेहतर व्यवस्था की है। जिले के 1112 आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को इन सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। आंगनवाडी केंद्र बच्चों के लिए मां के बाद दूसरी प्रमुख पाठशाला है। यह बात विधायक नीमच श्री दिलीप सिह परिहार ने मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष नीमच में आयोजित जिला स्तरीय विद्यारंभ उत्सव को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही।
इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री अंकिता पंड्या, सहायक संचालक श्री वैभव बैरागी एवं अभिभावकगण तथा विभागीय अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला पंचायत सी.ई.ओ. श्री अमन वैष्णव ने कहा, कि जिले में प्रशासन द्वारा सेम एवं मेम श्रेणी के बच्चों के श्रेणी सुधार, सुपोषण के लिए कार्य किया जा रहा है। पाठशाला बच्चों के जीवन का अहम पड़ाव है। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री पण्ड्या ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा, कि जिले में आंगनवाडी के 10 हजार से अधिक बच्चों को विद्यारंभ उत्सव के माध्यम से शालाओं में प्रवेश दिलाया जा रहा हैं।
कार्यकम में अतिथियों ने उपस्थित 50 बच्चों को विद्यारंभ लोगो की केप पहनाई, प्रमाण पत्र और उपहार प्रदान किए। प्रारंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तदपश्चात सुश्री पंड्या ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन श्री वैभव बैरागी ने किया।
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शाला जाने योग्य सभी बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाए-श्री चंद्रा
एक अप्रेल को सभी शालाओं में पालक, शिक्षक बैठकों का आयोजन
समय-सीमा पत्रों के निराकरण की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश
नीमच 24 मार्च 2026, जिले की सभी शालाओं में दाखिलें के योग्य शतप्रतिशत बच्चों को एक अप्रेल से प्रारंभ हो रहे शिक्षा सत्र के प्रथम दिवस से ही शाला में प्रवेश दिलाना सुनिश्चित करें। एक अप्रेल को सभी शालाओं में पालक शिक्षक बैठक आयोजित कर पालकों को लक्षित बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण के लिए प्रेरित कर उनसे सहमति पत्र प्राप्त कर टीकाकरण करवाएं। आंगनवाडी केंद्रों में भी सभी लक्षित बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करवाए। यह निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में समय-सीमा पत्रों के निराकरण की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, सभी एसडीएम एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने सभी जिला नोडल अधिकारियों को क्षेत्र की पंचायतों में एच.पी.वी. टीकाकरण कार्य की प्रगति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने तथा शतप्रतिशत बच्चों को शाला व आंगनवाडी में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए, कि वे 100 दिवस निक्षय अभियान का पहले दिन से ही सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और अभियान की सतत मॉनीटरिंग कर प्रति सप्ताह प्रगति रिर्पोट प्रस्तुत करें। उन्होने पंचायतों के नोडल अधिकारियों को उनके क्षेत्र में एच.आर.पी.डब्लू. क्लिनिक का भी निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
राजस्व प्रकरणों का सर्वोच्च प्राथमिकता से निराकरण करें-कलेक्टर
बैठक में कलेक्टर ने सभी एसडीएम एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए, कि वे राजस्व प्रकरणों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। सभी राजस्व अधिकारी आर.सी.एम.एम.में दर्ज प्रकरणों का वित्तीय वर्ष के शेष दिनों में शतप्रतिशत निराकरण कर, ए ग्रेड हांसिल करें। राजस्व प्रकरणों के निराकरण में नीमच हमेशा से जिला ए ग्रेड में रहा हैं। प्रदेश स्तर पर यह ग्रेड बरकरार रहे।
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पीडित परिवार को 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत
नीमच 24 मार्च 2026, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उपखण्ड मनासा सुश्री किरण आंजना द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र भाग 6(4) के तहत एक पीडित परिवार को 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। एसडीएम मनासा द्वारा बेसला निवासी कैलाश पिता नानुराम कीर की पानी में डूबने से मृत्यु हो जाने पर मृतक की निकटतम वारिस पत्नि राधाबाई, को चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। तहसीलदार मनासा द्वारा आर्थिक सहायता का प्रकरण तैयार कर स्वीकृति के लिए एसडीएम मनासा को प्रस्तुत किया गया था।
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जल गंगा संवर्धन अभियान, जल शक्ति से नव भक्ति गतिविधियॉ़ आयोजित
नीमच 24 मार्च 2026, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव के मार्गदर्शन में म.प्र.जन अभियान परिषद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रस्फुटन समितियों, नवांकुर संस्थाओं एवं सी.एम.सी.एल.डी.पी.विद्यार्थी व मेन्टर्स तथा नवांकुर सखियों के साथ ही स्थानीय जनसहभागिता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण संबंधित गतिविधियों का क्रियान्वयन प्रारंभ किया गया हैं।
सुरक्षित जल समृद्ध कल, कार्य योजनानुसार जल गंगा संवर्धन अभियान तीन चरणों में संपादित किया जा रहा है, जिसमें प्रथम चरण जल शक्ति से नव भक्ति 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक सेक्टर में जल मंदिर, प्याऊ की स्थापना, जल स्त्रोंत सेवा समागम एवं बावडी उत्सव, जल संरक्षण हेतु दीवार, नारा लेखन, वृक्ष पूजन, जल स्वच्छता अभियान, जल स्त्रोत किनारे दीपमाला सजाने, जल स्त्रोत पूजन और संकीर्तन कर जल संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। आम नागरिकों सहित स्थानीय जनप्रतिनधियों, प्रतिष्ठितजनों व विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों का भी इस कार्य में उत्साहपूर्वक सहयोग मिल रहा हैं।
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आंगनवाड़ी केन्द्र बच्चों के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक पाठशाला – मंत्री सुश्री भूरिया,
आंगनवाड़ी केन्द्र में पोषण और शिक्षा दोनों का रखा जाता है समग्र ध्यान 97 हजार आंगनवाड़ी केन्द्रों में ‘विद्यारंभ’ उत्सव,
नीमच 24 मार्च 2026, मध्यप्रदेश में शाला-पूर्व शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत प्रदेशभर के आंगनवाड़ी केन्द्रों में मंगलवार को बच्चों का विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया आंगनवाड़ी से प्रारंभिक शिक्षा पूरी कर विद्यालय में प्रवेश लेने जा रहे बच्चों को ‘विद्यारंभ प्रमाणपत्र’ प्रदान कर सम्मानित किया। प्रदेश के 97 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 10 लाख बच्चे आंगनवाड़ी से आगे बढ़कर औपचारिक स्कूली शिक्षा की ओर कदम रख रहे हैं।
भोपाल के नेहरू नगर आंगनवाड़ी क्रं. 1061 में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्र बच्चों के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक पाठशाला हैं, जहाँ पोषण और शिक्षा दोनों का समग्र ध्यान रखा जाता है। आंगनवाड़ी केन्द्र केवल बच्चों की देखभाल का स्थान नहीं बल्कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का समन्वित केन्द्र हैं। यहाँ गर्भवती महिलाओं के पंजीयन से लेकर बच्चे के जन्म और छह वर्ष की आयु तक उनके पोषण, स्वास्थ्य और समग्र विकास का ध्यान रखा जाता है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, इससे बच्चों को खेल-खेल में प्रारंभिक शिक्षा प्रदान की जाती है।
मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि 3 से 6 वर्ष की आयु के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी आधार पर वे आगे विद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार होते हैं। भारत सरकार के निर्देशानुसार अब आंगनवाड़ी में 3 वर्ष की प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण करने वाले बच्चों को ‘विद्यारंभ प्रमाणपत्र’ प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनकी शाला-पूर्व शिक्षा को औपचारिक मान्यता मिल सके। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन समर्पण के साथ कर रही हैं। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि हर वर्ष लाखों बच्चे आंगनवाड़ी केन्द्रों से गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयार हो रहे हैं।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि मध्यप्रदेश में आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से शाला-पूर्व शिक्षा की गुणवत्ता लगातार बेहतर हो रही है। बच्चों को खेल आधारित शिक्षा, पोषण और विकास के समन्वित वातावरण में तैयार कर उन्हें विद्यालयी शिक्षा के लिए सक्षम बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेगी, बल्कि प्रदेश में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
औपचारिक शिक्षा के अनौपचारिक शिक्षा जरूरी – श्रीमती रश्मि
सचिव, महिला बाल विकास श्रीमती जी वी रश्मि ने कहा कि यह प्रमाण पत्र केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा यात्रा का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी की अनौपचारिक शिक्षा से प्राथमिक विद्यालय की औपचारिक शिक्षा में बच्चों का सहज और आनंदपूर्वक प्रवेश सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों की ग्रोथ के लिये पिता की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। माता-पिता के संयुक्त प्रयासों से बच्चे के बेहतर भविष्य की नींव रखी जाती है।
सचिव श्रीमती रश्मि ने कहा कि राष्ट्रीय ECCE नीति 2013 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप यह पहल प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस आयोजन से परिवार और समुदाय में शाला पूर्व शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा बच्चों के स्कूल में प्रवेश और उनकी शैक्षणिक निरंतरता को बल मिलेगा।
इस अवसर पर मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में बच्चों के अभिभावक श्रीमती बबली शुकवारे और श्री अमित करोसिया ने अपने बच्चों के आंगनवाडी में जाने से आए बदलाव के बारे में बताया। कार्यक्रम में आंगनवाडी के बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।
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कलेक्टर ने की जनसुनवाई 74 आवेदको की सुनी समस्याएं
नीमच 24 मार्च 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को जनसुनवाई करते हुए 74 आवेदकों की समस्याएं सुनी और उनका निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस मौके पर जिला पंचायत सी.ई.ओ.श्री अमन वैष्णव, एडीएम श्री बी.एस.कलेश सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।
जनसुनवाई में बालागंज मनासा के सुनिल, अरनिया मामागिर के मदनलाल, नयागांव के सत्तु धाकड़, नीमच की जयश्री, दमोदपुरा की जानीबाई, सरोदा की मांगीबाई, भगवानपुरा के गोपाल, धनेरियाकलां की निर्मला, बरखेडा हाडा के किशोरदास, बोरदियाकला के कचरूलाल, बघाना के मुन्नालाल, बामनिया के शिवनारायण पाटीदार ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
इसी तरह नीमच की गंगाबाई, नयागांव के राजू धाकड, भरभडिया के शंभुलाल, स्कीम नं.7 नई आबादी नीमच की बशीरन, मालाहेडा की बच्चीबाई, रामपुरिया के प्रेम, आंत्रीबुजुर्ग के विनोद कुमार, चम्पी के भागीरथ, बराडा के प्रभुदास, जन्नोद के मोहनलाल, यादव मंडी बघाना के रामनारायण, बत्तीसडा की रामकुंवरीबाई, नीमच सिटी के मदनलाल, बमोरा की सरोजबाई, मालखेडा के शंकरलाल, कनावटी की गायत्रीबाई धनगर, भवरासा के पवनसिह आदि ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन जनसुनवाई में प्रस्तुत कर, समस्याएं सुनाई। जिस पर कलेक्टर ने समय सीमा में प्राप्त आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
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सभी फिल्ड ट्रेनर्स अनुशासन के साथ गंभीरता पूर्वक जनगणना प्रशिक्षण प्राप्त करें-श्री चंद्रा
कलेक्टर ने नीमच में किया फील्ड ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ
नीमच 24 मार्च 2026, जनगणना 2027 के तहत नियुक्त सभी फील्ड ट्रेनर्स तीन दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण को अनुशासन के साथ गंभीरतापूर्वक प्राप्त करें। अपनी शंकाओं, समस्याओं का समाधान प्रशिक्षण दौरान करवाएं। मास्टर ट्रेनर्स भी प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। यह बात कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को आयुष भवन नीमच में जिले के सभी 38 फील्ड ट्रेनर्स के तीन दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कही। इस मौके पर एडीएम श्री बी.एस.कलेश, डिप्टी कलेक्टर श्री पराग जैन, संभाग प्रभारी उप संचालक श्री राजेश कुमार मोर्या एवं जनगणना के जिला प्रभारी श्री संदीप धोरे भी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा, कि जनगणना के संबंध में सभी फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणक एवं सुपरवाईजर जितनी गंभीरता से प्रशिक्षण लेंगे। फिल्ड में उन्हें अपना कार्य करने में उतनी ही अच्छी मदद मिलेगी और जनगणना का कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया जा सकेगा। एडीएम श्री बी.एस.कलेश ने जनगणना 2027 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम को उप संचालक एवं संभाग प्रभारी श्री मोर्या ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन मास्टर ट्रेनर्स श्री मनोज जैन ने किया अतं में डिप्टी कलेक्टर श्री पराग जैन ने आभार माना।
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हबसब मिलकर टी.बी.मुक्त जिला बनाने का संकल्प लें-श्री परिहार
विधायक श्री परिहार ने किया 100 दिवसीय निक्षय अभियान का शुभारंभ
टी.बी.मरीजों को नि:शुल्क फूड बास्केट वितरित
नीमच 24 मार्च 2026, हमसब मिलकर देश एवं प्रदेश तथा नीमच जिले को टी.बी.मुक्त बनाने का संकल्प ले। टी.बी.का उपचार संभव है। समय पर पूरा उपचार लेने से मरीज टीबी से मुक्त हो सकते है। पोलियों मुक्त अभियान के अच्छे परिणाम आज हमारे सामने है। आमजनों को टीबी के प्रति जागरूक करें। यह बात विधायक नीमच श्री दिलीप सिह परिहार ने 24 मार्च विश्व क्षय नियंत्रण दिवस पर जिला चिकित्सालय में आयोजित टी.बी.मुक्त भारत के तहत 100 दिवसीय निक्षय अभियान का शुभारंभ करते हुए कही। इस मौके पर श्री मोहन सिह राणावत, श्री हेमंत हरित, श्री दारासिह, श्री नीलेश पाटीदार एवं अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.दिनेश प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ.मेहन्द्र पाटील, डॉ.मनीष यादव भी उपस्थित थे।
विधायक श्री परिहार ने कहा, कि जिला चिकित्सालय में 102 प्रकार की जांचे निशुल्क हो रही है। मरीजों को नि:शुल्क दवाईयां प्रदान की जा रही है। नीमच में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो गया है। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को नि:शुल्क उपचार का लाभ भी मिल रहा है।
टीबी नोडल अधिकारी डॉ.मनीष यादव ने कहा, कि प्रथम चरण के अभियान में जिले में 134178 के लक्ष्य के विरूद्ध उच्च जोखिम जनसंख्या जैसे-डायबिटिक, 18 बीएमआई, स्मोकर, एल्कोहेलिक, 02 वर्ष के टीबी मरीज, पांच वर्ष के टीबी मरीज परिवार, कि टीबी की स्क्रीनिंग की गई। शतप्रतिशत स्क्रीनिंग करने पर जिले को राज्य स्तर से सम्मानित किया गया है।
नीमच जिले में 204149 के विरूद्ध 197129 संभावित टीबी लक्षण वाले व्यक्तियों कि स्क्रीनिंग की गई है। जिले में अभी तक हेन्डहेल्ड एक्स रे मशीन द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर शिविर लगाकर 50 हजार एक्स रे किये गये है एवं नॉट मशीन से 35 हजार मरीजों की खंखार की जांच की गई हैं। जिसमें 2400 मरीज टीबी के खोजे गये जो, कि उपचाररत होकर टीबी से मुक्त हो गये हैं। जिले में अब तक 3208 का टीबी मरीजों को फुड बास्केट का वितरण किया गया। साथ ही उक्त टीबी मरीजों को प्रतिमाह एक हजार रूपये का डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है।
नीमच जिले में वर्ष 2023 में 51, वर्ष 2024 में 45 एवं वर्ष 2025 में 66 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त की गई। इस प्रकार तीनों वर्षो में कुल 162 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त की गई हैं।
कार्यक्रम को सिविल सर्जन डॉ.महेन्द्र पाटील ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में विधायक ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तदपश्चात अतिथियों का स्वागत किया। विधायक ने टीबी मरीजों को नि:शुल्क फूड बास्केट भी वितरित की।
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