जमीन पर कब्जे का खेल या कानून से खुली चुनौती ? नारायणगढ़ में पुलिस से भिड़े कब्जाधारी

जमीन पर कब्जे का खेल या कानून से खुली चुनौती ? नारायणगढ़ में पुलिस से भिड़े कब्जाधारी
बंशीदास बैरागी मगराना
नारायणगढ़ में कृषि भूमि पर कब्जे को लेकर ऐसा बवाल मचा कि मौके पर पहुंची पुलिस और कब्जाधारियों के बीच खुली भिड़ंत हो गई। हालात इतने बिगड़े कि दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज, धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता कोई कब्जाधारियों की खुलेआम चुनौती
नारायणगढ़ निवासी कंवरलाल पिता कन्हैयालाल ने आरोप लगाया है कि उसकी सर्वे नंबर 19 की कृषि भूमि (रकबा 0.24 आरी) पर उसके ही भाई-भतीजे मोहनलाल, ललित, अर्जुन और रितेश जबरन मिट्टी डालकर कब्जा करने में जुटे हैं।
पीड़ित का कहना है कि आरोपी न सिर्फ जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, बल्कि खुलेआम धमकी दे रहे हैं पुलिस-कानून हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता
थाने में आवेदन और फाइल ‘ठंडी’!
पीड़ित ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने आवेदन लेकर एक तरफ पटक दिया। कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले और बढ़ गए।
पुलिस पहुंची… तो बन गई रणभूमि!
24 मार्च को प्रधान आरक्षक राजपाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआत में समझाइश चली, लेकिन कुछ ही देर में माहौल गर्म हो गया।
गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद हाथापाई में बदल गया!
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस और कब्जाधारियों के बीच जमकर झड़प हुई—यहां तक कि एक-दूसरे की कॉलर पकड़ ली गई।
वीडियो वायरल — खुली पोल या दबाने की कोशिश? इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जो कई सवाल खड़े कर रहा है।
थाना प्रभारी बोले:– फरियादि कंवरलाल ने थाने मे आवेदन दे रखा था मौका स्थिति देखने गए थे
पूरे मामले पर थाना प्रभारी इंचार्ज भारत भाबर ने साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया फिलहाल तीनो के खिलाफ 151 की धारा मे मामला दर्ज कर लिया है
बड़ा सवाल- जब वीडियो खुद कहानी बयां कर रहा है, तो फिर सच से आखिर कौन भाग रहा है?
क्या जमीन के इस खेल में कानून भी ‘कमजोर’ पड़ रहा है… या फिर पर्दे के पीछे कुछ और ही चल रहा है?


