दशपुर रंगमंच द्वारा शहीदों को दी स्वरांजलि, राष्ट्रीय गीतों से गूंजी संगीत संध्या

‘ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आँख में भर लो पानी’
दशपुर रंगमंच द्वारा शहीदों को दी स्वरांजलि, राष्ट्रीय गीतों से गूंजी संगीत संध्या
मंदसौर। शहीद दिवस के गौरवमयी अवसर पर स्थानीय दशपुर रंगमंच द्वारा एक भव्य राष्ट्रीय गीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 23 मार्च 1931 को देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से देशभक्ति का जज्बा जगा दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए अभय मेहता ने बताया कि देश के इन महान सपूतों ने झुकने के बजाय हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे चाहते तो माफीनामा लिखकर सजा से बच सकते थे, लेकिन उन्होंने राष्ट्र की गरिमा को सर्वोपरि रखा।
देशभक्ति के गीतों के इस सिलसिले की शुरुआत आबिद शाह ने ‘वतन पर जो फिदा होगा अमर वो नौजवां होगा’ गीत से की, जिसने श्रोताओं में जोश भर दिया। इसके पश्चात ललिता मेहता ने अत्यंत भावुक स्वर में ‘ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आँख में भर लो पानी’ सुनाकर सबकी आँखें नम कर दीं। आशा तरवेचा ने ‘हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए’ गाकर देश के प्रति समर्पण का भाव जगाया, तो सतीश सोनी ने ‘जलवा हर तरफ तेरा जलवा’ गीत से माहौल को ऊर्जावान बना दिया।
स्वरांजलि की इस कड़ी में श्याम गुप्ता ने ‘मेरे देश प्रेमियों आपस में प्रेम करो’ के माध्यम से सद्भाव का संदेश दिया। हिमांशु वर्मा ने ‘होठों पे सच्चाई रहती है जहाँ दिल में सफाई रहती है’ और लोकेंद्र पांडेय ने ‘मैं रहूँ या न रहूँ भारत ये रहना चाहिए’ गाकर मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम प्रदर्शित किया। सिमरन बेलानी ने ‘ये देश है वीर जवानों का’ गीत पर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया, वहीं आरक्षक नरेंद्र सागोरे ने ‘वो मिट्टी के बेटे जो वापस न लौटे’ के जरिए सरहद पर शहीद होने वाले जवानों को नमन किया।
राजा भैया सोनी ने ‘संदेशे आते हैं’ गीत से सैनिक के हृदय की पुकार साझा की, जबकि अभय मेहता ने ‘छोड़ो कल की बातें कल की बात पुरानी’ गीत गाकर नए भारत के निर्माण का आह्वान किया। गीतों के साथ-साथ कवि ध्रुव तारा ने अपनी ओजस्वी कविता से दर्शकों के भीतर राष्ट्र प्रेम का संचार किया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


