मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 25 फरवरी 2026 बुधवार

रतलाम जिले में 9 नगरीय निकायों में हुई जल सुनवाई जल सुनवाई में 9 शिकायतों का हुआ निराकरण

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशानुसार पी ओ डूडा श्री अरुण पाठक के मार्गदर्शन में रतलाम जिले में “स्वच्छ जल“ अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। अभियान अंतर्गत मंगलवार को जिले के सभी 9 नगरीय निकायो में ’जल सुनवाई’ आयोजित की गई । जल सुनवाई में कुल 9 शिकायतें प्राप्त हुई जिनका मौके पर ही निराकरण किया गया ।

=============

जनगणना-2027: जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों का द्वितीय दिवस जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न

आज जनगणना 2027 का जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों के लिए द्वितीय दिवस जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन सम्पन्न हुआ।

उक्त प्रशिक्षण जनगणना निदेशालय भोपाल से श्री जय शहदादपुरी (संयुक्त निर्देशक एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षक) तथा सुश्री ओजस्विनी शर्मा जिला प्रभारी (जनगणना कार्य) द्वारा दिया गया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान अधिकारी एवं कर्मचारियों को भारत की जनगणना-2027 के तहत किये जाने वाले कार्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही जनगणना 2027 अंतर्गत मुख्य बिन्दुओं जैसे- जनगणना प्रक्रिया, ग्राम/नगर रजिस्टर, चार्ज रजिस्टर, एचएलवी लेआउट तैयार करना, गोपनीयता सुरक्षा निराकरण, स्वगणना वेब पोर्टल, स्वगणना सत्यापन, उक्त कार्य के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियां सहित अन्य तथ्यों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रशिक्षण के बाद सभी ने डिजिटल जनगणना को प्रक्टिकल करके भी देखा और प्रक्रिया को समझा ।

इस दौरान अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी डॉ शालिनी श्रीवास्तव, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी जिला योजना अधिकारी श्री बी.के. पाटीदार, समस्त अनुविभागीय जनगणना अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) समस्त ग्रामीण चार्ज अधिकारी (तहसीलदार) समस्त अतिरिक्त चार्ज अधिकारी (नायब तहसीलदार) एवं समस्त जनगणना लिपिक उपस्थित थे।

===========

जनसुनवाई में 99 आवेदन पर हुई सुनवाई

कलेक्टर कार्यालय में आज मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने आवेदको को सुना एवं आवेदकों से आवेदन प्राप्त किये। जनसुनवाई में 99 आवेदन प्राप्त हुए। निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही उपस्थित विभागीय अधिकारियों से निराकरण करवाया गया एवं शेष आवेदनों का समय सीमा में निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया।

आवेदक ईश्वरलाल पिता नन्दलाल निवासी धराड़ ने पूर्व मे मिल रही किसान सम्मान निधी जो अब बंद हो गई है, उसे पुनः चालु करने हेतु आवेदन दिया। कार्यवाही हेतु तहसीलदार रतलाम को निर्देशित किया गया। आवेदक नरेन्द्र कुमावत निवासी सिलावटों का वास ने आवेदन मे बताया कि उनके पुत्र की समग्र आईडी में माता पिता का नाम सुधरवाने हेतु समग्र पोर्टल पर 14 जनवरी 2026 को ऑनलाइन आवेदन मे समग्र अपडेट कराया गया था। परंतु आज दिनांक तक दर्ज किये गए अनुरोध को अप्रूव नहीं किया गया। कार्यवाही हेतु नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया गया।

आवेदक मांगूदास पिता प्रहलाददास बैरागी निवासी ढोढर ने आवेदन दिया कि वह विगत कई वर्षो से शासन नियंत्रित देवस्थान कबीर मंदिर ग्राम ढोढर तहसील जावरा में पुजारी के रूप में कार्य कर रहे है। उक्त सेवा कार्य का 32 माह का मानदेय भुगतान करवाने के लिए आवेदन दिया। कार्यवाही हेतु तहसीलदार जावरा को निर्देशित किया गया।

आवेदक राजेंद्र पिता शान्तिलाल सुराना निवासी बाजना ने आवेदन दिया कि वह पेंक्रिया टायपिंस बीमारी से ग्रसित है एवं आवेदक का इलाज चल रहा है। इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन दिया। कार्यवाही हेतु सीएमएचओ को निर्देशित किया गया ।

========

सीएमएचओ ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निरीक्षण किया दस्तक अभियान सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग की

रतलाम जिले में दस्तक अभियान का आयोजन 17 फरवरी से 22 मार्च तक किया जा रहा है । अभियान के दौरान 9 माह से 5 वर्ष आयु के बच्चों को विटामिन ए का घोल एवं आयरन फोलिक एसिड का अनुपुरण दिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संध्या बेलसरे व प्रभारी सी पी एच सी सलाहकार लोकेश वैष्णव द्वारा शहरी क्षेत्र रतलाम में संजीवनी क्लीनिक रामगढ़, रतलाम ग्रामीण के आयुष्मान आरोग्य मंदिर -कनेरी एवं टीकाकरण सत्र स्थल-मथुरी का निरीक्षण किया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर कनेरी पर भवन पूर्ण होने पर लाइट कनेक्शन पूर्ण कर शीघ्र ही इसे चालू करने के निर्देश ब्लाक मेडिकल आफिसर को दिए गए। रामगढ़ संजीवनी में डॉ स्वलेहा खान से जांच व उपचार संबंधी जानकारी ली । एएनएम लाड़ कुंवर से टीकाकरण संबंधित लॉजिस्टिक व समस्त रिकार्ड देखा गया । एएनएम व आशा कार्यकर्ता को निर्धारित गणवेश में रहने हेतु निर्देशित किया गया। केंद्र पर गर्भवती जांच संबंधी लॉजिस्टिक हिमोग्लोबीनोमीटर , यूरिन एल्ब्यूमिन कीट, वेट मशीन चाइल्ड, परीक्षण टेबल , साइड स्क्रीन उपलब्ध करा कर सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए गए । जैव चिकित्सा अपशिष्ट का निष्पादन नियम अनुसार करने के लिए निर्देशित किया गया।

टीकाकरण स्थल मथुरी में भी निरीक्षण में एएनएम सीमा सिलावट को बीपी इंस्ट्रूमेंट , स्टेथोस्कोप , डिजिटल थर्मामीटर , हिमोग्लोबीनोमीटर , यूरिन एल्ब्यूमिन कीट , गर्भवती महिलाओं की हाई रिस्क सूची , एंट्री करने वाला टैबलेट , फीटल डाप्लर , इंफेटोमीटर, ओ जी टी टी हेतु प्लास्टिक ग्लास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। आंगनवाडी कार्यकर्ता श्रीमती बबीता से दस्तक अभियान अंतर्गत सैम व मेम बच्चों की जानकारी मांगी जिस पर उनके द्वारा 11 बच्चे मैम में होना बताया गया। सी एम एच ओ ने ए एन एम द्वारा टीकाकरण के निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किए जाने पर दोनों स्थानों की एएनएम व आशा कार्यकर्ता को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। रतलाम जिले के बाजना विकासखंड के ग्राम कलसा, देवपाड़ा केंद्र पर नियमित टीकाकरण की मॉनिटरिंग डी सी एम श्री कमलेश मुवेल, बीपीएम श्री मोइनुद्दीन अंसारी, एविडेंस एक्शन के संभागीय समन्वयक श्री कपिल कुमार यति, द्वारा की गई निरीक्षण के दौरान सभी बच्चों को आयरन फोलिक एसिड का अनुपुरण एवं 9 माह से 5 वर्ष के बच्चों को विटामिन ए का घोल पिलाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान विभिन्न एएनएम आशा कार्यकर्ता एवं मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता आदि उपस्थित थे।

===========

किसानों को लाभान्वित करने हम खेत से बाज़ार तक तैयार कर रहे पूरी श्रृंखला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कृषि में शोध बढ़ायेंगे, मंडी निर्यात नीति भी लायेंगे सरसों को भी लायेंगे भावांतर के योजना में दलहन-तिलहन, औषधीय और मसाला फसलों का भी बढ़ा रहे उत्पादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से ग्वालियर के कृषि मंथन में कृषि वैज्ञानिकों को दिया संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि यह वर्ष ’खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक’ की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा। इस वर्ष हम क़ृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे ’कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026’ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। ’कृषि मंथन’ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश“ की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित ही किसानों को खेती में जरूरी सुधार और बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन करने पर फोकस कर रही है। तकनीकी नवाचार, विविधीकरण और नीतिगत समर्थन से इन क्षेत्रों में न केवल उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि विपणन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में बाजार अनुरूप लाभकारी व्यवस्था कृषकों के लिए निर्मित होगी। हम कृषि के अलावा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्र में भी नई सोच से आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की राह प्रशस्त करेंगे।

वीडियो काँफ्रेंसिंग में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री निशांत वरवड़े, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क श्री मनीष सिंह ने भोपाल से सहभागिता की। यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे इस कृषि मंथन में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलगुरू प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. ब्रजेन्द्र सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, धारवाड़, कर्नाटक के कुलपति डॉ. पी.एल पाटिल, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, देश के विभिन्न कृषि संस्थानों से आये वैज्ञानिक, आईसीएआर के पदाधिकारी सहित कृषि अधिकारी भी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WhatsApp Icon
Whatsapp
ज्वॉइन करें
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}