समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 18 फरवरी 2026 बुधवार

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जनगणना 2027 के अंतर्गत दो चरणों में होगा कार्य, प्रथम चरण में होगी मकान गणना
जनगणना अधिकारियों का प्रथम दिवस का प्रशिक्षण संपन्न
मंदसौर 17 फरवरी 26/ मंदसौर जिले में भारत की जनगणना 2027 के सफल संचालन एवं पर्यवेक्षण हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण का प्रथम दिवस संपन्न हुआ। आगामी जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 मई 2026 से 30 मई 2026 की अवधि में किया जाएगा। जनगणना 2027 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नगरीय एवं ग्रामीण स्तर पर चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन्हें जिला स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जनगणना लिपिक, तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी उपस्थित रहे।
जनगणना के नोडल अधिकारी श्री अभिषेक सिंह ठाकुर एवं श्री अशोक चौबे द्वारा प्रशिक्षण प्रदान करते हुए बताया गया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना तथा द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान निर्देश दिए गए कि घर-घर नंबरिंग का कार्य सुव्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप से किया जाए। जितनी सटीक नंबरिंग होगी, गणना कार्य उतना ही व्यवस्थित रहेगा। प्रगणकों को गांव आवंटित किए जाएंगे, जहां वे घरों की नंबरिंग करेंगे। प्रगणकों को नक्शों का अध्ययन करने तथा तहसील स्तर के नक्शों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए, जिससे कार्य में सुविधा एवं शुद्धता बनी रहे। प्रत्येक गांव में गणना ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा।
यह भी बताया गया कि मकान गणना एवं परिवार गणना अलग-अलग की जाएगी। प्रारंभिक जानकारी पहले कागज पर संकलित करें, तत्पश्चात पोर्टल पर प्रविष्टि करे, जिससे त्रुटियों की संभावना कम होगी। प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी समस्याओं एवं उनके समाधान के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण का द्वितीय दिवस 18 फरवरी 2026 को प्रातः 10:30 बजे से सायं 5:00 बजे तक कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित किया जाएगा।
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जनसुनवाई में अधिकारियों ने तत्परता से सुनी 51 आवेदकों की समस्याएं
मंदसौर 17 फरवरी 26/ जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन ने 51 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए एवं कोई भी व्यक्ति अनावश्यक परेशान न हो।
जनसुनवाई के दौरान आए विभिन्न प्रकरणों में त्वरित निर्देश जारी किए गए। बोहराखेड़ी निवासी रमेश ने भूमि का सिमाकंन करवाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जिस पर तहसीलदार मंदसौर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मंदसौर निवासी कारीबाई ने बकाया संपत्ति कर जमा करने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जिस पर सीएमओ नगर पालिका मंदसौर को जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। थड़ोद निवासी रामनारायण ने खेत में गंदे पानी के निदान के संबंध में आवेदन दिया। जिस पर एसडीएम मल्हारगढ़ को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त जनसुनवाई में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने, सी.सी. रोड़ फोरलेन के बकाया बिलों के भुगतान करवाने, सिमांकन करवाने, कब्जा दिलवाने एवं नक्शा रकबा सुधार करवाने जैसे विविध प्रकार के आवेदन प्राप्त हुए।
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आबकारी विभाग ने मदिरा दुकानों में अनियमितताओं पर की कड़ी कार्रवाई
जनवरी 2026 तक विभिन्न प्रकरणों में 55.22 लाख रुपये की शास्ति अधिरोपित
मंदसौर 17 फरवरी 26/ कलेक्टर अदिती गर्ग के मार्गदर्शन में जिला आबकारी विभाग द्वारा जिले में संचालित विभिन्न कम्पोजिट मदिरा दुकानों के विरुद्ध अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
जिला आबकारी अधिकारी श्री रामहंस पचौरी ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा निर्धारित दरों पर मदिरा विक्रय सुनिश्चित करने एवं अन्य अनियमितताओं पर नियंत्रण के उद्देश्य से विभागीय कार्यबल द्वारा निरंतर निरीक्षण एवं टेस्ट परचेस की कार्रवाई की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के आधार पर पंजीबद्ध विभागीय प्रकरणों में माह जनवरी 2026 तक कुल 55,22,582 रुपये की शास्ति संबंधित कम्पोजिट मदिरा दुकानों के लाइसेंसधारियों पर अधिरोपित की गई है। उक्त राशि की वसूली ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।
जिले में मदिरा का विक्रय शासन द्वारा निर्धारित दरों पर सुनिश्चित करने एवं प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जिला आबकारी कार्यबल द्वारा निरंतर सघन जांच एवं कार्रवाई जारी रहेगी।
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महिलाओं हेतु महिला ब्यूटी पार्लर निः शुल्क ट्रेनिंग 17 फरवरी से प्रारंभ
मंदसौर 17 फरवरी 26/ ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान प्रबंधक द्वारा बताया गया कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान मंदसौर द्वारा महिलाओं हेतु निः शुल्क ब्यूटी पार्लर 30 दिवसीय, ट्रेनिंग प्रारंभ। 18 से 50 वर्ष वाले इच्छुक प्रत्याशी अपना रजिस्ट्रेशन जल्द से जल्द करवा लेवे जिससे उनका स्थान सुरक्षित हो जाए। प्रत्याशी अपने साथ दो फोटो, आधार कार्ड, राशन कार्ड, समग्र आईडी कार्ड, अंतिम मार्कशीट और बैंक खाते की डिटेल फोटो प्रति लेकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते है। प्रवेश संबंधित अधिक जानकारी के लिए सर्किट हाउस के पहले नई आबादी पुलिस थाने के पास ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया आरसेटी) मोबाईल नम्बर 8435806297, 7999852839, 9111858590, 6269058449में कार्यालयीन समय पर संपर्क कर सकते हैं।
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म.प्र. आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26
म.प्र. ने प्रस्तुत किया संतुलित विकास का आदर्श उदाहरण : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा
जीडीपी में 11.14 प्रतिशत वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय बढ़कर हुई 1,69,050 रूपये
मंदसौर 17 फरवरी 26/ उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने दूरदर्शी आर्थिक नीतियों के साथ संतुलित और समावेशी विकास का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में प्रस्तुत आँकड़ों से जाहिर है कि मध्यप्रदेश योजनाबद्ध, संतुलित और परिणामोन्मुख विकास पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। श्री देवडा ने कहा कि मध्यप्रदेश का विकास योजनाबद्ध, संतुलित और समावेशी रणनीति पर आधारित है। कृषि से उद्योिग, सेवा से सामाजिक क्षेत्र और वित्तीय अनुशासन से सुशासन तक प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति हुई है।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत को विश्व की मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने मध्यप्रदेश पूरी क्षमता के साथ तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने आर्थिक समृद्धि के जो कदम उठाये हैं, उनके परिणाम मिलना शुरू हो गये हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने मंगलवार को विधानसभा में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 अग्रिम अनुमान में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित भाव पर 16,69,750 करोड़ रूपये आँका गया है, जो वर्ष 2024-25 के 15,02,428 करोड़ रुपये की तुलना में 11.14 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। इसी प्रकार स्थिर (2011-12) भाव पर जीएसडीपी 7,81,911 करोड़ रूपये अनुमानित है, जो 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को प्रतिबिंबित करता है। उन्होने कहा कि आर्थिक विस्तार केवल मूल्य वृद्धि का परिणाम नहीं, बल्कि वास्तविक उत्पादन और गतिविधियों में वृद्धि का परिणाम है।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2011-12 में प्रचलित भाव पर 38,497 रूपये रही प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,69,050 रूपये हो गई है। स्थिर (2011-12) भाव पर यही आय 76,971 रूपये तक पहुँच गई है। उन्होंने कहा कि यह आय स्तर में सुधार का संकेत है, जो जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन को रेखांकित करता है। श्री देवड़ा ने वर्ष 2025-26 में प्रचलित भाव पर सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत रहा। स्थिर भाव पर यह संरचना क्रमशः 33.54 प्रतिशत, 26.18 प्रतिशत और 40.28 प्रतिशत रही। इससे जाहिर है कि कृषि आधारित आधार को मजबूती देते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योतग और सेवा क्षेत्रों में भी संतुलित विस्तार हुआ है।
प्राथमिक क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन 6,79,817 करोड़ रूपये रहा, जो पिछले वर्ष के 6,33,532 करोड़ रूपये की तुलना में 7.31 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। इस क्षेत्र में फसलें 30.17 प्रतिशत भागीदारी के साथ प्रमुख घटक रहीं। पशुधन, वानिकी, मत्स्य एवं जलीय कृषि तथा खनन एवं उत्खनन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कृषि एवं ग्रामीण विकास के मोर्चे पर वर्ष 2024-25 में कुल फसल उत्पादन में 7.66 प्रतिशत तथा खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। उद्या निकी क्षेत्रफल 28.39 लाख हेक्टेयर रहा और दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुँचा। गांवों की समृद्धि के लिए 72,975 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण तथा 40.82 लाख ग्रामीण आवासों के बनने से ग्रामीण आधार को मजबूती मिली है।
द्वितीयक क्षेत्र का कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन- GSVA वर्ष 2025-26 में 3,12,350 करोड़ रूपये रहा, जो 9.93 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। निर्माण, विनिर्माण तथा विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाओं का प्रमुख योगदान रहा। उन्होंने कहा कि औद्योशगिक विकास के अंतर्गत 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिससे ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश और लगभग 1.7 लाख रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त हुआ। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सहायता 2,162 करोड़ रुपये रही। राज्य में 1,723 स्टार्टअप और 103 इनक्यूबेशन केंद्र सक्रिय हैं, जबकि सीएसआर व्यय 600.47 करोड़ रूपये दर्ज किया गया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तृतीयक क्षेत्र ने सर्वाधिक तेज गति से वृद्धि की है। वर्ष 2025-26 में इसका कुल GSVA 5,85,588 करोड़ रूपये रहा, जो 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्टोरेंट, वित्तीय सेवाएँ, रियल एस्टेट, लोक प्रशासन तथा अन्य सेवाओं का प्रमुख योगदान रहा है। पर्यटन क्षेत्र में 13.18 करोड़ पर्यटकों का आना यह बताता है कि इस क्षेत्र में गति आई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में 618 करोड़ रूपये राजस्व आधिक्य अनुमानित कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि तथा ऋण-GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत रहना यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश के वित्तीय अनुशासन में निरंतर सुधार हुआ है।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि नगरीय विकास के अंतर्गत अमृत 2.0 में 4,065 करोड़ रुपये का आवंटन और 1,134 परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 8.75 लाख आवास पूर्ण हुए तथा स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राज्य को 8 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल व्यय 34,112 करोड़ रुपये (GSDP का 3 प्रतिशत) रहा। नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए और मातृ मृत्यु दर 379 (2001-03) से घटकर 142 (2021-23) प्रति लाख जीवित जन्म हो गई।
शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में कुल बजट का 10.37 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य रही और कक्षा 6-8 में यह घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई। 45,668 विद्यार्थियों को 500 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई। तकनीकी शिक्षण संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई है।
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