वाह रे… पद की महत्वाकांक्षा…पति के मृत्यु के तीसरे दिन ( उठावने के दिन की ) पत्नी ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

वाह रे… पद की महत्वाकांक्षा…पति के मृत्यु के तीसरे दिन ( उठावने के दिन की ) पत्नी ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ
राजनीति में अपने स्वार्थ और पद की लालसा के खातिर संवेदनाएं कितनी मर जाती है इसका उदाहरण शनिवार को महाराष्ट्र की राजनीति में देखने को मिला ,पति की मृत्यु के उठावने के दिन पत्नी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली ।
जबकि उठावने तक तो मृतक पति के विलाप में पत्नी की आंखों के आंसू तक नहीं सूखते हैं ।यही हाल मृतक के बच्चों का होता है वह भी अपने भविष्य को लेकर विलाप में रहते हैं । पूरा परिवार सदमे में रहता है और जब मृतक की मौत स्वाभाविक ना होकर दुर्घटना में होती है तो पूरा परिवार गमगीन माहौल में रहता है । लेकिन राजनीति में अपने स्वार्थ और पद की महत्वाकांक्षा के आगे सारी मर्यादाएं और संस्कार सब भूल जाते हैं ।और सिर्फ अपना स्वार्थ नजर आता है ।
अपने मृतक नेता के विलाप में उसके चहाने वाले रोते बिलखते रहते हैं ।इसकी उनके परिजनों को कोई चिंता नहीं रहती है । जबकि हिंदू संस्कृति में मृतक आदमी की 12 दिनों की रस्म अदायगी तक कोई भी परिवार का सदस्य घर से बाहर नहीं निकलता है यहां तक की उसकी पत्नी तो सवा महीने तक भी घर से कदम बाहर नहीं रखती है ।
शनिवार जो महाराष्ट्र की राजनीति में देखा गया उसने स्वार्थ और पद लालसा की सारी हदें पार कर दी ।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पंवार का 28 जनवरी को विमान हादसे में निधन हो गया था जिनका दाह संस्कार 29 जनवरी को पूरे राजकीय की सम्मान के साथ किया गया ।
दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गई हैं। यहां लोक भवन (पूर्व में राजभवन) ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सुनेत्रा पवार को शनिवार को शाम पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार को नेता चुना गया।
साथ ही दिवंगत अजीत पवार के पुत्र पार्थ ने भी अपनी माता व राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा के स्थान पर राज्यसभा में जाने के लिए एनसीपी नेताओं से चर्चा की ।यहां महत्वाकांक्षा के आगे सामाजिक रीति रिवाज और सारे बंधन झूठे साबित हो गए ।
–जगदीश पोरवाल “पत्रकार”
भवानी मंडी राजस्थान



