समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 21 जनवरी 2026 बुधवार

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जनसुनवाई में अधिकारियों ने तत्परता से सुनी 53 आवेदकों की समस्याएं
मंदसौर 20 जनवरी 26/ जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन ने 53 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए एवं कोई भी व्यक्ति अनावश्यक परेशान न हो। लोगों को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।जनसुनवाई के दौरान आए विभिन्न प्रकरणों में त्वरित निर्देश जारी किए गए। कयामपुर निवासी दिलीप ने स्वयं के स्वामित्व की कृषि भूमि पर कब्जा दिलवाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जिस पर एसडीएम सितामऊ को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। नेतावली निवासी मुमताज ने आर्थिक सहायता के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जिस पर एसडीएम मंदसौर शहर को जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। मंदसौर निवासी रामकन्या बाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाने के संबंध में आवेदन दिया। जिस पर सीएमओ नगर पालिका मंदसौर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त जनसुनवाई में पशु ऋण दिलवाने, आर्थिक सहायता दिलवाने, सिमांकन करवाने, बिजली बिल प्रकरण का निराकरण करने, किसान सम्मान निधि का लाभ दिलवाने, भावांतर योजना की राशि दिलवाने एवं राजस्व अभिलेख में सुधार करने जैसे विविध प्रकार के आवेदन प्राप्त हुए।
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शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 मंदसौर में विधिक साक्षरता शिविर का हुआ आयोजन
बच्चों में न्याय व कानून के प्रति जागरूकता का दिया संदेशमंदसौर 20 जनवरी 26 / शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून, न्याय, अधिकार, कर्तव्य, अपराध एवं दंड की व्यावहारिक समझ प्रदान करना है। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए वास्तव में जागरूकता से परिपूर्ण और प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश माननीय श्री अनीस कुमार मिश्रा तथा न्यायाधीश श्री सुधीर सिंह निगवाल ने वृत्तांतों एवं वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को बताया कि अपराध क्या होता है, दंड का उद्देश्य क्या है तथा नागरिकों एवं अधिकारियों के कर्तव्य किस प्रकार समाज में न्याय की स्थापना करते हैं। अतिथियों ने सरल एवं प्रभावी भाषा में यह संदेश दिया कि कानून का ज्ञान ही सशक्त और जिम्मेदार नागरिक बनाता है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन, चित्रकला एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिनका उद्देश्य बच्चों में विधिक चेतना के साथ-साथ सृजनात्मक सोच विकसित करना था। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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बाल विवाह कानूनी अपराध है : कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग
बाल विवाह कराने या उसमें किसी भी प्रकार से भागीदारी करने वालों के विरुद्ध होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
बाल विवाह उल्लंघन पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दो वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों का प्रावधान
मंदसौर 20 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने जिले के समस्त वैवाहिक कार्यक्रम से जुड़े सेवा प्रदाताओं को निर्देशित किया है कि भारत सरकार द्वारा लागू बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। अधिनियम का उद्देश्य बाल विवाह को पूर्णतः प्रतिबंधित करना तथा बालक एवं बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा करना है।
अधिनियम के अनुसार विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित आयु से कम आयु में किया गया कोई भी विवाह दंडनीय अपराध है। बाल विवाह में संलग्न व्यक्ति, संस्था, प्रतिष्ठान, व्यवसायी अथवा सेवा प्रदाता के विरुद्ध दो वर्ष तक का कठोर कारावास या एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों की सजा का प्रावधान है।
जिले में बाल विवाह की घटनाओं को रोकने एवं अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी सेवा प्रदाताओं—जैसे पंडित, मौलवी, धर्मगुरु, टेंट हाउस, विवाह वाटिका, गार्डन, कैटरिंग, बैंड-बाजा, हलवाई आदि—को निर्देश दिए गए हैं कि विवाह संबंधी किसी भी बुकिंग (आरक्षण) के समय वर एवं वधू की आयु संबंधी प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करें। इसके लिए बोर्ड अथवा मान्यता प्राप्त स्कूल की अंकसूची या जन्म प्रमाण-पत्र की मूल प्रति देखकर उसकी फोटोकॉपी अपने रिकॉर्ड में सुरक्षित रखी जाए। यदि आयु अधिनियम के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो बुकिंग स्वीकार न की जाए।
यदि किसी बुकिंग में बाल विवाह की आशंका हो, तो संबंधित सेवा प्रदाता द्वारा तत्काल निकटतम पुलिस थाना, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई को सूचना देना अनिवार्य होगा। सूचना न देने की स्थिति में सेवाप्रदाता को सह-अपराधी माना जाएगा।
सभी सेवाप्रदाताओं को विवाह संबंधी बुकिंग का रिकॉर्ड एवं आयु प्रमाण-पत्रों की प्रतियां कम से कम दो वर्ष तक सुरक्षित रखना होगा तथा जिला प्रशासन द्वारा मांगने पर उपलब्ध कराना होगा।
सभी सेवाप्रदाताओं को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने-अपने परिसरों में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 से संबंधित पोस्टर, बैनर अथवा दीवार लेखन अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें तथा अपने ग्राहकों को उक्त अधिनियम की जानकारी दें।
बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है। इसका आयोजन करना, प्रोत्साहन देना अथवा किसी भी रूप में सहयोग करना कानूनन अपराध है। जिले के समस्त सेवा प्रदाता यह सुनिश्चित करें कि उनके प्रतिष्ठान में बाल विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार की गतिविधि न हो तथा अधिनियम का पूर्णतः पालन किया जाए।
उक्त निर्देशों का उल्लंघन करने की स्थिति में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की धारा 10 एवं 11 के अंतर्गत एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दो वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों दंड का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त संबंधित सेवा प्रदाता का लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
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समाधान योजना में 653 करोड़ 60 लाख मूल राशि हुई जमा, 281 करोड़ 54 लाख सरचार्ज हुआ माफ : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर
अब 31 जनवरी 2026 तक मिलेगी योजना में सौ फीसदी तक सरचार्ज में छूट
मंदसौर 20 जनवरी 26 / समाधान योजना 2025-26 के प्रथम चरण में अब तक 653 करोड़ 60 लाख रूपये मूल राशि जमा हुई है। साथ ही 281 करोड़ 54 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। योजना में 12 लाख 77 हजार 753 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि बकायादार उपभोक्ताओं की सतत भागीदारी और उनके उत्साह को देखते हुए समाधान योजना के प्रथम चरण की अवधि में 31 जनवरी 2026 तक विस्तार किया गया है। पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 में शामिल होकर लाखों बकायादार उपभोक्ताओं ने सौ फीसदी तक छूट का लाभ लिया। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्ता योजना के प्रथम चरण में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्त जमा कर 100 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठायें।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 4 लाख 2 हजार 593 बकायादार उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 411 करोड़ 49 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 218 करोड़ 44 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 4 लाख 39 हजार 397 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। मूल राशि 130 करोड़ 50 लाख रूपये जमा हुई है तथा 45 करोड़ 41 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत 4 लाख 35 हजार 763 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। कुल मूल राशि 111 करोड़ 61 लाख रूपये जमा हुई है। साथ ही 17 करोड़ 69 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है।
समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में
समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना ‘जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं’ के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ हो रहा है जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कुछ कम हो जाएगा। दो चरणों में प्रारंभ हुई योजना को प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर 2025 से हुई जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। इसमें बकाया बिल एकमुश्त जमा करने पर 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जा रहा। इसके बाद द्वितीय और अंतिम चरण शुरू होगा जो 01 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। दूसरे चरण में 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने उपभोक्ताओं के लिए कंपनी के ऐप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया
करजू में ग्रामोदय से अभ्युदय ग्राम विकास पखवाड़ा अंतर्गत सेक्टर स्तरीय ग्रामोत्सव आयोजित
मंदसौर। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड मंदसौर द्वारा ग्रामोदय से अभ्युदय ग्राम विकास पखवाड़ा के अंतर्गत दलोदा सेक्टर स्तरीय ग्रामोत्सव का आयोजन प्रस्फुटन ग्राम करजू में किया गया। जन अभियान परिषद के रूपदेव सिंह सिसोदिया ने बताया कि ग्रामोदय से अभ्युदय ग्राम विकास पखवाड़ा 12 जनवरी से 26 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है। इस अवधि में परिषद द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, जैविक कृषि, नशा मुक्ति, संदेशी भाव, सामाजिक समरसता एवं गौ-संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी गणपत सिंह आंजना रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी नागेन्द्र सिंह सिसौदिया ने की। विशेष अतिथियों में समिति अध्यक्ष भगवान सिंह आंजना, सरपंच प्रतिनिधि शंकरलाल बड़, समाजसेवी जयराज सिंह चौसला, कृषि विस्तार अधिकारी गणपति गहलोत एवं वरिष्ठ प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष जगदीश आंजना उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि ग्राम स्तर पर प्रस्फुटन समितियाँ जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान में युवाओं, छात्रों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता सराहनीय है। इस अवसर पर पारंपरिक भजन मंडली का आयोजन किया गया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, जिनमें बाल कवि शुभम माली शिक्षा क्षेत्र में शुभम माली, परंपरागत व्यवसाय में शिवलाल प्रजापत, रक्तदान में रामदयाल राठौड़, गौ-संरक्षण में श्यामजी सोनी, चित्रकला में दिव्यांश पाटीदार, कुटुंब प्रबोधन में जीवन आंजना एवं जैविक कृषि में कंवरलाल मालवीय इस अवसर पर बाल विवाह उन्मूलन एवं स्वदेशी अपनाने की शपथ रूपदेव सिंह सिसोदिया द्वारा दिलाई गई। कार्यक्रम का सफल संचालन अंशुल जोशी ने किया एवं आभार प्रदर्शन जगदीश आंजना द्वारा किया गया।


