हर घर में तुलसी का पौधा व रामायण और श्रीमद् भागवत गीता ग्रंथ होना चाहिए-महामंडलेश्वर मधुसूदन शास्त्री

हर घर में तुलसी का पौधा व रामायण और श्रीमद् भागवत गीता ग्रंथ होना चाहिए-महामंडलेश्वर मधुसूदन शास्त्री
भवानी मंडी । ( जगदीश पोरवाल ) हमारे देश में काटने की नहीं जोड़ने की परंपरा है क्योंकि भारत की सनातन संस्कृति ने हमेशा जोड़ने का संदेश दिया है यह बात शहर के शिवाजी बस्ती में रविवार को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में मुख्य अतिथि ओर मध्यप्रदेश के सेमलिया रतलाम के श्री निरंजनी अखाड़ा अन्नपूर्णा शक्ति पीठ के महामंडलेश्वर 1008 स्वामी मधुसूदानंद जी शास्त्री ने कही।महामंडलेश्वर मधुसूदानंद जी ने हिंदू सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत हिंदुओं का देश होते हुए भी हमें हिंदू सम्मेलन करने की आवश्यकता पड़ रही है जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हर घर के बाहर तुलसी का पौधा ,घर मे भगवत गीता और रामायण होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि आप सात वारों में मत उलझो आप तो अपने आठवें वार यानि परिवार को संभालिये आपका जीवन सुधर जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि अपने जीवन में एक पौधा लगाइये और उसका पोषण करें ताकि जब आपकी मृत्यु हो और आपके अंतिम संस्कार में जो लकड़ी काम में ली जाए तो उसका कर्ज आप उतार सको। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन देशों ने मोबाईल का अविष्कार किया लेकिन उनके यहाँ बच्चों को 18 वर्ष तक उन्हें मोबाईल नहीं दिया जाता लेकिन भारत में माताएं छोटे छोटे बच्चों को मोबाईल देकर सुलाती है तो सोचो आज हम कहाँ जा रहे हैं।
वहीं कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह राधेश्याम पारेता ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान कार्यक्रम की प्रस्तावना संयोजक गोविंद सिंह परिहार ने रखी। कार्यक्रम में राधेश्याम गुप्ता, सीताराम नवाल, द्वारकादास पोरवाल ओर आयोजन समिति अध्यक्ष महेश खंडेलवाल भी मंचासीन थे। कार्यक्रम का संचालन विवेक जैन पिंटू ने किया।
कलश यात्रा और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया:-
रविवार को दोपहर को भव्य कलश यात्रा निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति शामिल रही। कार्यक्रम के बाद सामुहिक हनुमान चालीसा ओर भारत माता की आरती की गई और सामुहिक भोज का आयोजन किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।



