श्रीमद्भभागवत कथा में भगवान श्री राम और श्री कृष्ण की सीख
रामपुरा में चल रही सात दिवसीय कथा
नीमच

पंडित गोविंद उपाध्याय ने श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्री राम और श्री कृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि भगवान श्री राम जीवन में मर्यादा का पालन करना सिखाते हैं, जबकि श्री कृष्ण का चरित्र राष्ट्र के लिए शांति और क्रांति सिखाता है।
*माता-पिता की सेवा का महत्व*

– माता-पिता की सेवा से यश, आयु, विद्या और बल की प्राप्ति होती है
– नाभाग ने अपने माता-पिता की सेवा से संपत्ति प्राप्त की
*भगवान की भक्ति का महत्व*
– भगवान की भक्ति बचपन से होना चाहिए, ताकि 55 तक वह परिपक्व हो जाती है
– 5 वर्ष की अवस्था में बालक ध्रुव ने ईश्वर को प्राप्त किया और उनकी कृपा प्राप्त की

*अतिथि सत्कार और गौ सेवा*
– मनुष्य के लिए अतिथि सत्कार, गौ सेवा, माता-पिता की सेवा करना आवश्यक है
– पहली रोटी गौ माता के नाम की, आखिरी की रोटी कुत्तों के नाम की निकालना चाहिए
*शुद्ध शाकाहारी भोजन*
– शुद्ध शाकाहारी भोजन ही करना चाहिए, मांस मदिरा अंडा नाली में
– जैसा मनुष्य भोजन करता है, वैसा उसका मन हो जाता है


