भगवान राम का जीवन मर्यादा और आदर्शों का जीवंत उदाहरण है- पं. दशरथ भाईजी

भगवान राम का जीवन मर्यादा और आदर्शों का जीवंत उदाहरण है- पं. दशरथ भाईजी
धुंधड़का में श्रीराम कथा महोत्सव: उत्साह के साथ मनाया गया प्रभु श्री राम का जन्मोत्सव
मन्दसौर। ग्राम धुंधड़का के कबीर सत्संग भवन में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा महामहोत्सव के चौथे दिन कथा वाचक पंडित दशरथ शर्मा भाई जी (मानस प्रेमी) ने प्रभु श्री राम के जन्म का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। जैसे ही भगवान राम के प्राकट्य का समय आया, पूरा पंडाल ‘भये प्रगट कृपाला, दीनदयाला’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा और श्रद्धालुओं ने हर्षाेल्लास के साथ राम जन्मोत्सव मनाया।
कथा के दौरान पंडित दशरथ भाई जी ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर भक्तों का उद्धार करते हैं। भगवान राम का जीवन मर्यादा और आदर्शों का जीवंत उदाहरण है। जन्मोत्सव के अवसर पर कथा स्थल पर विशेष सजावट की गई और उपस्थित श्रद्धालु भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।
कथा का आयोजन सोनी परिवार द्वारा अपने पूर्वज स्व. श्री रमेशचंद्र जी सोनी के ‘तृतीय पुण्य स्मरण’ के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। यह आयोजन 9 जनवरी तक निरंतर जारी रहेगा, जिसका समय प्रतिदिन प्रातः 11.45 से सायं 4 बजे तक है।
इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी जनता के साथ गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से सुरेश भावसार (पूर्व पार्षद), प्रदीप श्रीवास्तव, सूरज शर्मा पटवारी (नायब तहसीलदार), चंदन शर्मा, रंजीत शर्मा, प्रदीप शर्मा के साथ ही मंडल के अन्य सदस्य और सोनी परिवार के सदस्य भी मौजूद थे।



