मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 04 मार्च 2026 बुधवार

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शासकीय / प्रायवेट कार्यालयों में आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं किया तो 50 हजार रूपए का जुर्माना होगा

मंदसौर 3 मार्च 26 / जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अधिकारी बी.एल. बिश्नोई द्वारा बताया गया कि महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम-2013 द्वारा महिलाओं को कार्यस्थल पर सुगम वातावरण, सुरक्षा प्रदान करते हुए मजबूत शिकायत तंत्र प्रावधानित किया है। अधिनियम की धारा-4 के अंतर्गत प्रत्येक नियोजक आंतरिक समिति का गठन करेगा। प्रत्येक कार्यालय (शासकीय / प्रायवेट) जहां 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, ऐसे कार्यालय में एक आंतरिक समिति का गठन होना अनिवार्य है।

समिति के पीठासीन अधिकारी एवं सदस्यों की नियुक्ति अधिकतम तीन वर्ष के लिए होती है। तीन वर्ष पश्चात समिति का पुनर्गठन किया जाना होता है। जिले के प्रत्येक 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत शासकीय/ अशासकीय कार्यालय में समिति का गठन पीठासीन अधिकारी कार्यस्थल पर कार्यरत वरिष्ठ महिला कर्मचारी, वरिष्ठ महिला उपलब्ध न होने पर अन्य कार्यालय से किसी अन्य महिला को आमंत्रित किया जाएगा।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने समस्त अशासकीय संस्थाओं में आंतरिक समिति का गठन करें अथवा पूर्व में गठित समितियों का तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के पश्चात नवीन समिति का गठन कर She BOX प्रोर्टल पर रजिस्‍ट्रेशन अनिवार्य रूप से करे, अन्यथा इस स्थिति में कार्यालयीन समिति का सही गठन या गठन न होने पर अधिनियम की धारा-26(1) के अनुसार 50 हजार रुपए की राशि से जुमनि से दंडित करने की कार्रवाई की जाएगी।

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रबी विपणन वर्ष 2026-27 हेतु गेहूं पंजीयन की प्रक्रिया 7 मार्च तक

मंदसौर 3 मार्च 26 / जिला अपूर्ति अधिकारी द्वारा बताया गया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने हेतु किसान पंजीयन की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। शासन द्वारा पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च 2026 निर्धारित की गई है।

शासन निर्देशानुसार समय-सीमा समाप्त होने के पश्चात पंजीयन की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। अतः किसान भाई पंजीयन हेतु अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज (ऋण पुस्तिका) और आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लेकर अपने नजदीकी निर्धारित पंजीयन केंद्रों, एमपी ऑनलाइन कियोस्क, या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अपना पंजीयन समय रहते पूर्ण कराएं।

अंतिम दिनों में सर्वर पर दबाव बढ़ने और तकनीकी समस्याओं की संभावना को देखते हुए, सभी किसान भाईयों से अनुरोध है कि वे 7 मार्च की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल अपना पंजीयन सुनिश्चित करें। “समय पर पंजीयन कराएं, असुविधा से बचें।”

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जिला पंचायत सामान्‍य प्रशासन स्‍थायी समिति की बैठक 5 मार्च को

मंदसौर 3 मार्च 26 / मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन द्वारा बताया गया कि जिला पंचायत सामान्‍य प्रशासन स्‍थायी समिति की बैठक जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार की अध्‍यक्षता में 5 मार्च 2026 को दोपहर 12:00 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष मे आयोजित होगी।

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जिला पंचायत साधारण सभा की बैठक 5 मार्च को

मंदसौर 3 मार्च 26 / मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन द्वारा बताया गया कि जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार की अध्‍यक्षता में 5 मार्च 2026 को दोपहर 1:00 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष मे आयोजित होगी।

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किसान कल्याण वर्ष 2026

पहली कृषि कैबिनेट में कृषि विकास और सिंचाई योजनाओं के लिए 27 हजार 500 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण के लिए दी 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं को स्वीकृति

बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए दीं 2068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नागलवाड़ी में मंत्रि-परिषद की पहली कृषि कैबिनेट

किसान कल्याण वर्ष में हर अंचल में होगी कृषि कैबिनेट

भगोरिया पर्व पर जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का दिया सशक्त संदेश

मंदसौर 3 मार्च 26 / किसान कल्याण वर्ष 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में सोमवार को हुई पहली कृषि कैबिनेट में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से संबंधित 27 हजार 500 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। किसान कल्याण वर्ष में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट में किसानों और विभिन्न उत्पादक गतिविधियों में लगे लोगों के लिए 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कृषि कैबिनेट में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2,068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इन योजनाओं में स्वीकृत की गई राशि अगले 5 वर्षों में व्यय की जायेगी। जनजातीय अंचल में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने जनजातीय परंपरागत वस्त्रों को धारण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का सशक्त संदेश दिया।

मध्यप्रदेश एकीकृत मत्‍स्‍य उद्योग नीति-2026 की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश एकीकृत मत्‍स्‍य उद्योग नीति-2026 को स्वीकृति दी। इसमें अगले 3 वर्षों तक रुपये 3 हजार करोड़ का निवेश एवं लगभग 20 हजार रोजगार (10 हजार प्रत्यक्ष एवं 10 हजार अप्रत्यक्ष) सृजित होंगे। इस नीति में 18 करोड़ 50 लाख रूपये के बजट प्रावधान की स्वीकृति दी गई। इसमें केज कल्चर को आधुनिक स्वरुप में बढ़ावा देते हुए लगभग एक लाख केज स्थापित किये जायेंगे। इस नीति में मछली पालन संबंधी गतिविधि के साथ ईको-टूरिज्म एवं ग्रीन एनर्जी को शामिल करते हुये बहुउद्देशीय आजीविका मॉडल के रुप में कार्य होगा।

पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल कें लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों के अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अगले 5 वर्षों तक पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल कें लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह कार्य वर्ष 2026 से 2031 तक निरंतर जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना को आगामी 2 वर्ष, वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 की निरंतरता के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में मत्स्य बीज संवर्धन, मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण, ब्याज अनुदान एवं रोजगार के अवसर प्रदान किये जाते हैं।

राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी। इस योजना में कृषि क्षेत्र में दक्षता की वृद्धि, विभिन्न कृषि घटकों के प्रभाव वृद्धि, दोहराव से बचाव संबंधी कार्य किये जायेंगे।

सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2020-31 तक) की निरंतरता के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में केन्द्र एवं राज्य सरकार की भागीदारी से, मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करणीय उ‌द्योगों के उन्नयन तथा नवीन खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जायेगी।

पौधशाला उ‌द्यान के लिए 1 हजार 739 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने उद्यानिकी के क्षेत्र में पौधशाला उ‌द्यान में रोपणियों में पौध तैयार करने और उच्च गुणवत्ता की पौध एवं बीज, रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाने के लिए अगले वर्ष 2031 (आगामी 5 वर्ष) तक के लिए 1739 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 20 परियोजनाओं के लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 500 करोड़ से कम वित्तीय आकार की 20 परियोजनाओं को आगामी 5 वर्षों तक अर्थात 31 मार्च, 2031 तक के लिए निरंतर जारी रखने जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

“सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता” योजना के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की “सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता” योजना को अगले 5 वर्षों 31 मार्च, 2031 तक संचालित करने के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। लोकवित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम को ऋण प्रदाय करना सहकारिता विभाग द्वारा जिला बैंकों के माध्यम से, कालातीत ऋणों की पूर्ति किये जाने के लिए कृषकों को फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है।

कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना को 31 मार्च, 2031 तक की निरंतरता के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन फसल ऋण राशि रुपये 3 लाख तक शून्य प्रतिशत दर पर उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को प्राप्त हो रही सुविधा एवं सहायता प्राप्त होती रहेगी।

सहकारी संस्थाओं के कुशल संचालन के लिए 1, 073 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अधीन सहकारी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग जैसे अंशपूंजी, ऋण तथा अनुदान आदि सुलभ कराने एवं विभागीय गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए 12 प्रचलित योजनाओं को भी 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की है। इन 12 योजनाओं की निरंतरता के लिए 1073 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

सहकारिता की विभिन्न योजनाओं के लिए 1,229 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा कृषि क्षेत्र में सहकारिता विभाग के अधीन चल रहीं विभिन्न योजनाओं के अगले 5 वर्षों तक सुचारु संचालन एवं मानीटरिंग के लिए विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत एक हजार 229 करोड़ स्वीकृत किये गये।

पशुधन विकास के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना अंतर्गत सोर्टेड सेक्स्ड सीमन उत्पादन परियोजना को 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में चिन्हित नस्ल के मादा गौ-भैंस वंशीय पशुधन बढ़ाये जाने के उद्देश्य से पशु पालकों को आवश्यक तकनीकी सहयोग दिया जाता है। इस योजना से पशु पालकों को निरंतर लाभ प्राप्त होता रहेगा।

पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए संचालित की जा रही 14 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में पशुधन एवं कुक्कुट उत्पाद में वृद्धि करना तथा कमजोर वर्ग के हितग्राहियों को पशुपालन के माध्यम से आर्थिक लाभ दिया जाता है

पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की 11 योजनाओं के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशुपालन एवं डेयरी के क्षेत्र में पशु प्रजनन, मुर्गी पालन, भेड़ बकरी प्रक्षेत्र, रोग उन्मूलन, पशुओं के टीकाकरण, गहन पशु विकास परियोजना आदि 11 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2067.97 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले में अल्प वर्षा क्षेत्र तहसील वरला के 33 ग्रामों में तथा तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2 हजार 68 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

वरला, उद्वहन माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में नर्मदा नदी से 51.42 एम.सी.एम. जल उद्वहन करते हुए वरला तहसील के 33 गाँवों की 15 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इस परियोजना की लागत 860.53 करोड़ रुपये है ।

पानसेमल माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों की 22 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इसके तहत नर्मदा नदी से 74.65 एम.सी.एम. जल उद्वहन किया जायेगा। इस परियोजना की लागत एक हजार 207.44 करोड़ रूपये है।

किसान कल्याण वर्ष की यह पहली कैबिनेट है। भविष्य में प्रदेश के विभिन्न स्थानों में कृषि कैबिनेट का आयोजन कर किसान कल्याण की दिशा में अनेक निर्णय लिए जाएंगे।

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शासकीय सेवकों को मिलेगा 3 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों का डीए बढ़कर हुआ 58 प्रतिशत

मुख्यमंत्री ने दिया होली का तोहफा

एरियर मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किश्तों में दिया जाएगा

पेंशनरों को भी मिलेगा लाभ

मंदसौर 3 मार्च 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को उल्लास एवं रंगों के त्यौहार होली की बधाई और मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को होली के तोहफे के रूप में डीए में वृद्धि की सौगात दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर अब 58 प्रतिशत हो जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के कर्मचारियों को भारत सरकार के समान माह अप्रैल 2026 पेड इन मई 2026 के वेतन पर 58 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा। इसमें जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ कर 6 समान किश्तों में भुगतान करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के सभी पेंशनधारियों को भी जनवरी 2026 पेड इन फरवरी 2026 से 58 प्रतिशत महंगाई राहत का लाभ दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में हमारी सरकार किसानों सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। किसान कल्याण वर्ष में सोमवार को ही पहली कृषि कैबिनेट बड़वानी जिले में हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होली परस्पर आत्मीय प्रेम भाव बढ़ाने का त्यौहार है। हम सभी हर्ष और आनंद के साथ होली मनाएं और राज्य की बेहतरी के लिए मिल-जुलकर कार्य करें।

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निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 13 मार्च से

28 मार्च रहेगी आवेदन करने की अंतिम तिथि, 2 अप्रैल को लॉटरी के माध्यम से मिलेगा प्रवेश

मंदसौर 3 मार्च 26 / शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के अंतर्गत सत्र 2026–27 में निजी स्कूलों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 13 मार्च 2026 से प्रारंभ होंगे। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 28 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। आर.टी.ई पोर्टल www.rteportal.mp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन पत्र का प्रारूप एवं निर्देश उपलब्ध कराये गए हैं। निजी विद्यालय में निःशुल्क प्रवेश के लिए आवेदकों का चयन, ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 2 अप्रैल 2026 को किया जायेगा।

संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह ने बताया कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के अंतर्गत सत्र 2026–27 में निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिए समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है। साथ ही सभी जिला कलेक्टरों एवं संबंधित अधिकारियों को विस्तृत निर्देश भी प्रदान किए गए हैं। समय-सारिणी एवं दिशा निर्देश आर.टी.ई. पोर्टल पर भी उपलब्ध हैं।

सत्र 2026-27 के लिए जारी समय सारिणी के अनुसार, नि:शुल्क प्रवेश के लिए मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों एवं उनमें उपलब्ध कक्षा की सीट्स का पोर्टल पर प्रदर्शन दिनांक 09 मार्च 2026 से किया जाएगा। वहीं वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के आवेदक अपना आवेदन, ऑनलाइन प्रक्रिया से 13 मार्च से 28 मार्च 2026 के बीच जमा कर पंजीयन कर सकते हैं। फार्म के साथ पात्रता सम्बंधित कोई भी एक दस्तावेज अपलोड करना होगा।

ऑनलाइन आवेदन के पश्चात आवेदकों को इसी अवधि में त्रुटि सुधार का अवसर भी मिलेगा। 14 मार्च से 30 मार्च की अवधि में दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित संकुल केन्द्र वाले स्कूल में अधिकृत सत्यापनकर्ता अधिकारी से करवाना होगा। आवेदक ने आर.टी.ई. में निःशुल्क प्रवेश के लिये जिस कैटेगरी/निवास क्षेत्र के माध्यम से प्रवेश चाहा है, तत्तसंबंधी कैटेगरी एवं निवास प्रमाण का सत्यापन, संबंधित मूल प्रमाण पत्र से किया जायेगा। लाटरी के पूर्व ही दस्तावेज सत्यापन हो जाने से, आवेदकों को स्कूल आवंटित होने के बाद दस्तावेजों की त्रुटि या अभाव में, एडमिशन निरस्त होने की समस्या उत्पन्न नही होगी।

एसएमएस के माध्यम से मिलेगी जानकारी

ऑनलाइन आवेदन करने में कोई समस्या या कठिनाई होने की स्थिति में संबधित विकासखंड के बीआरसी कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है। 02 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन लॉटरी द्वारा छात्रों को निजी स्कूलों में सीट का आवंटन किया जायेगा। लॉटरी प्रक्रिया के उपरांत आवंटित सीट की जानकारी, आवेदक को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर, एसएमएस के माध्यम से प्रदान की जायेगी। ऑनलाइन लॉटरी की सूची आर.टी.ई. पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी।

किसी आवेदक को आवेदन करने में कोई दिक्कत हो या उन स्कूलों की जानकारी चाहिए हों, जहां सीटें खाली हैं, तो आर.टी.ई. पोर्टल अथवा सर्व शिक्षा अभियान के ज़िला परियोजना कार्यालय अथवा विकासखण्ड स्रोत केन्द्र या जनशिक्षा केन्द्र कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

आयु के संबंध में, नर्सरी/के.जी.-1/के.जी-2 कक्षाओं में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 03 से 04 वर्ष 06 माह एवं कक्षा-1 में प्रवेश के लिये न्यूनतम आयु 06 वर्ष से अधिक से 07 वर्ष 06 माह तक निर्धारित की गई है। सत्र 2026-27 के प्रवेश हेतु नर्सरी/के.जी.-1/के.जी-2 कक्षाओं के लिए आवेदक की आयु की गणना दिनांक 31 जुलाई 2026 की स्थिति में एवं कक्षा 1 के लिए 30 सितम्बर 2026 की स्थिति में की जायेगी।

 

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