भोपालमध्यप्रदेश

आउटसोर्स ऑपरेटर श्याम सुंदर गौर के कौशल और प्रतिबद्धता से संभव हुई तीन दशक पुराने पावर ट्रांसफार्मर की इन हाउस रिपेयरिंग

आउटसोर्स ऑपरेटर श्याम सुंदर गौर के कौशल और प्रतिबद्धता से संभव हुई तीन दशक पुराने पावर ट्रांसफार्मर की इन हाउस रिपेयरिंग

भोपाल

। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के 132 के.व्ही. एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन में एक लगभग 30 वर्ष पुराने पावर ट्रांसफार्मर का सबस्टेशन में ही सुधार कार्य उपरांत रिकंडिशिनिंग कर उसे पुनः सर्किट में लेने का एक उल्लेखनीय कार्य किया गया है। सामान्यतः पावर ट्रांसफार्मर में मेजर रिपेयरिंग एवं रिकंडिशिनिंग का कार्य ट्रांसफार्मर निर्माता कंपनी के वर्क्स में ही संभव हो पाता है लेकिन 132 के व्ही सबस्टेशन सिवनी मालवा में कार्यरत ग्राम-चतरखेड़ा (सिवनी-मालवा) निवासी आउटसोर्स ऑपरेटर श्री श्याम सुंदर गौर के तकनीकी कौशल, लगन और प्रतिबद्धता से तीन दशक पुराने इस पावर ट्रांसफार्मर की इन हाउस रिपेयरिंग एवं रिकंडिशिनिंग संभव हो सकी। श्याम सुंदर गौर ने व्यक्तिगत उत्साह और कुशलता दिखाते हुये स्थानीय स्तर पर ही ट्रांसफार्मर का 08 टन वजनी भारी भरकम बेलटेंक (ट्रांसफार्मर का बाहरी कवर) उठाने के लिये विभिन्न प्रकार के जैक का इंतजाम किया, जिससे क्रेन का इस्तेमाल किये बिना ही ट्रांसफार्मर की मरम्मत की जा सकी।

सुधरने कंपनी जाता तो लग जाते कई महिने: क्षेत्र में हो सकती थी विद्युत आपूर्ति में दिक्कत

दरअसल नर्मदा पुरम जिले के सिवनी-मालवा 132 के.व्ही. सबस्टेशन में स्थापित तीन दशक पुराने 40 एम.व्ही.ए. पावर ट्रांसफार्मर को मेजर ऑयल लीकेज के कारण सर्किट में रखना संभव नही हो पा रहा था, क्षेत्र में मूंग फसल के सीजन में बढ़ने वाले लोड़ के मद्देनजर अधीक्षण अभियंता श्री आर.सी. शर्मा ने इस ट्रांसफार्मर की इन हाउस रिपेयरिंग एवं रिकंडिशिनिंग करने का निर्णय लिया, क्योंकि यदि इस ट्रांसफार्मर को रिपेयरिंग एवं रिकंडिशिनिंग के लिये ट्रांसफार्मर निर्माता कंपनी को भेजा जाता तो इसमें कई महिनों का समय लगता, साथ ही क्षेत्र में सिंचाई के लिए विद्युत पारेषण व्यवस्था में कठिनाई आ सकती थी। सबस्टेशन में ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग में भी विभिन्न चुनौतियां थी, जिस जगह ट्रांसफार्मर स्थापित था वहां क्रेन ले जाना संभव नही था, बिना बेलटेंक उठाये ट्रांसफार्मर के नीचे वाले ज्वांइटस से ऑयल लीकेज को बंद नही किया जा सकता था।

रिपेयरिंग की कार्ययोजना बनाते समय स्वस्फूर्त आउटसोर्स ऑपरेटर श्री श्याम सुंदर गौर ने क्रेन की सहायता के बिना अपने रूटिन कार्य के साथ ही इस विशिष्ट कार्य को भी पूरा करने की चुनौती स्वीकार की तथा अपनी ठोस रूप-रेखा प्रस्तुत की।

अनुमति मिलते ही श्याम सुंदर गौर ने बेलटेंक को उठाने के लिये स्थानीय स्तर पर स्वंय के प्रयासों से 08 नग के ट्रैक्टर जेक का इंतजाम किया, ऑयल लीकेज रोकने वाली गैसकेट की सटीक कटिंग के लिये टाईल्स कटर मशीन का योजनाबद्ध व विवेक पूर्ण तरीके से उपयोग किया। श्याम सुंदर गौर ने नर्मदापुरम परीक्षण संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री लक्ष्मण आर्या एवं सहायक अभियंता श्री जे.डी. खोरिया के मार्गदर्शन में सबस्टेशन प्रभारी कनिष्ठ अभियंता श्री प्रदीप कुमार गणेशे के साथ स्थानीय उपलब्ध संसाधनों से ही अन्य जरूरी छोटे-छोटे आवश्यक कार्यों को पूरा कर ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग एवं रिकंडिशिनिंग का एक अति महत्वपूर्ण और कठिन कार्य को इनहाउस ही पूर्ण करने में में योगदान दिया। इससे जहां पावर ट्रांसफार्मर के लंबे समय तक आउटेज की स्थिति को टाला जा सका, वहीं कंपनी की आर्थिक बचत भी हुई, साथ ही क्षेत्र में विद्युत पारेषण की निरंतरता बनी रही।

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