श्री कृष्ण ने कर्म योग तो श्री राम ने मर्यादा पूर्वक आचरण सिखाया-पं श्री शर्मा

श्री कृष्ण ने कर्म योग तो श्री राम ने मर्यादा पूर्वक आचरण सिखाया-पं श्री शर्मा
देथली बुजुर्ग (गरोठ) में भागवत कथा के आज अंतिम दिन कथा प्रवक्ता पंडित श्री राधेश्याम जी शर्मा निवासी कुम्हारी रतलाम के मुखारविंद से आज कथा की पूर्णाहुति संपन्न हुई। कथा में आज उन्होंने प्रवचनों के दौरान कहा कि श्रीकृष्ण ने द्वापर में जन्म लेकर श्री कर्म योग की शिक्षा दी। त्रेता युग में भगवान श्री राम ने जन्म लेकर मर्यादा पूर्वक आचरण सिखाया। उन्होंने कहा कि भगवान का स्मरण करने मात्र से सभी कष्ट दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि इस बात के हमारे शास्त्र साक्षी हैं। अपना मन भगवान की ओर लगाये। उन्होंने कहा की कथा श्रवण करने से मन, बुद्धि, चित् शुद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि गौ माता और पशु पक्षियों की सेवा की जाना चाहिए। जिस प्रकार तीर्थ यात्रा करने से मन पवित्र होता है उसी प्रकार से भगवान की कथा श्रवण करने से अंतर्मन पवित्र और शुद्ध होते हैं, तथा बुद्धि निर्मल होती है। कथा में मंत्र उच्चारण पंकज शर्मा द्वारा किया गया। आज पूर्णाहुति संपन्न हुई ।इस अवसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ। तथा हनुमान झंडा सम्मेलन का भी आयोजन इस अवसर पर हुआ। पूरे ग्राम वासियों ने आज धार्मिक काम में भागीदारी कर कार्य को सफल बनाया। वहीं आज कथा में गरोठ के पूर्व विधायक देवीलाल धाकड़, भाजपा नेता अजय तिवारी, रमेश चंद्र धाकड़ ,मंडल भाजपा अध्यक्ष सीताराम चारण,चन्द्रप्रकाश पंडा, श्याम सुंदर सिसोदिया, क्षेत्रीय जनपद सदस्य डॉक्टर मुकेश मीणा, सहित कई गणमान्य जन प्रतिनिधि भागवत कथा में उपस्थित हुए। बाद में भागवत समापन पर भागवत कथा की शोभायात्रा निकाली, जिसमें सैकड़ो युवक युवतियों और पुरुषों ने भाग लेकर इस धर्म कार्य को सफल बनाया। इस अवसर पर पूरे गांव को त्यौहार की तरह सजाया गया। छोटे बच्चे बच्चियों के द्वारा रंगोली बनाई गई, तो कई अन्य लोगों के द्वारा तरह-तरह का आयोजन किए गए।