मंडी में नीलामी शुरु होने की सूचना पर लहसुन लेकर आए किसानों को किया मना, आक्रोशित किसानों ने लगाया जाम, कांग्रेस नेता जोकचन्द्र की चेतावनी के बाद हुई नीलामी

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पिपलिया स्टेशन (जेपी तेलकार)। व्यापारी संघ के आव्ह्ान पर 11 दिनों से बन्द कृषि उपज मंडी चालू करने के लिए मंडी प्रशासन द्वारा सूचना देने के बाद भी कृषि उपज मंडी में नीलामी चालू नही हुई तो किसान भड़क गए और कृषि मंडी के सामने चक्काजाम कर दिया। सूचना पर पुलिस पहंुची, जाम खुलवाया। लेकिन फिर किसानों ने मंडी कार्यालय का घेराव कर दिया। सूचना पर कांग्रेस नेता व मल्हारगढ़ विस से पूर्व प्रत्याक्षी श्यामलाल जोकचन्द्र भी कृषि मंडी पहंुचे, उन्होंने करीब एक घंटे तक मंडी कार्यालय का घेराव किया। बाद में मंडी प्रशासन ने तहसीलदार, एसडीओपी, व्यापारियों की उपस्थिति में दोपहर 3 बजे मंडी चालू करने का आश्वासन दिया, तब घेराव समाप्त हुआ। जानकारी के अनुसार मप्र मंडी व्यापारी संघ की ओर से अपनी मांगों का निराकरण नही होने पर पूरे प्रदेश में 11 दिनों से कृषि उपज मंडी बन्द थी। मंडी प्रशासन ने गुरुवार को मंडी व्यापारियों की बैठक आयोजित की। जिसमें 15 सितम्बर से पिपलिया कृषि उपज मंडी में लहसुन की नीलामी चालू करने पर सहमति बनी। मंडी प्रशासन ने इसकी सूचना समाचार पत्रों व इंटरनेट मीडिया पर भी जारी की। इससे बड़ी संख्या में किसान लहसुन लेकर कृषि उपज मंडी पहंुच गए। लेकिन मंडी पहंुचने पर मंडी प्रशासन ने उन्हें फिर कहा गया कि मंडी सोमवार से चालू होगी। इससे किसान भड़क गए। सुबह 9 बजे किसान मंडी के बाहर मनासा मार्ग पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। करीब 1 घंटे तक किसान जाम लगाकर बैठे रहे और मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर तहसीलदार ब्रजेश मालवीय, एसडीओपी रघु केसरी सहित पिपलिया पुलिस बल मंडी पहंुचा। किसानों को समझाइश देकर जाम खुलवाया व मंडी चालू करवाने की कहा। लेकिन कुछ व्यापारी, कृषि मंडी में नीलामी चालू करने के पक्ष में नही थे। वहीं किसान चाहते थे कि मंडी नीलामी आज ही हो। किसान दूर-दूर से उपज लेकर आए है। पहले ही 11 दिनों तक मंडी बन्द होने से किसान परेशान हो रहे है, फिर यहां नीलामी चालू करने की सूचना देकर मना कर दिया, इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। नीलामी करने पर सहमति नही बनने पर आक्रोशित किसानों ने मंडी कार्यालय का घेराव कर दिया। सूचना पर कांग्रेस नेता व मल्हारगढ़ विस से पूर्व प्रत्याक्षी श्यामलाल जोकचन्द्र मंडी कार्यालय पहंुचे। उन्होंने मंडी प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक नीलामी चालू नही होगी, तब तक किसान घेराव समाप्त नही करेंगे। विरोध बढ़ने के 1 घंटे बाद तहसीलदार, एसडीओपी, मंडी प्रशासन, व्यापारियों, किसानों व कांग्रेस नेता के बीच कार्यालय में बैठक हुई। कुछ व्यापारी सोमवार तक मंडी चालू करने के पक्ष में थे, वहीं कुछ व्यापारी चाहते थे कि जो किसान उपज लेकर आए है, उनकी उपज को नीलाम कर दिया जाए। काफी देर तक बहस होती रही। आधे घंटे बाद यह निर्णय हुआ कि दोपहर 3 बजे नीलामी शुरु की जाएगी। इसके बाद किसानों का विरोध शांत हुआ।
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