किसान शंभुलाल धाकड़ द्वारा जैविक खाद का उपयोग कर बढाई फसल की पैदावार

=====================
कृषि दर्शन
किसान शंभुलाल धाकड़ द्वारा जैविक खाद का उपयोग कर बढाई फसल की पैदावार
मंदसौर जिले के गांव खजुरी पंथ के रहने वाले किसान शंभुलाल धाकड़ द्वारा जैविक खाद का उपयोग कर फसल की पैदावार बढ़ाई है। शंभुलाल धाकड़ व्यवसायिक रूप से खेती करते हैं तथा पिछड़ा वर्ग समुदाय से हैं। इनकी आर्थिक स्थिति का मुख्य आधार सिर्फ कृषि है। किसान शंभुलाल धाकड़ का कहना है, कि मुझे उद्यानिकी विभाग के माध्यम से वर्मी बेड मिले तथा वहीं से केंचुए भी मिले। केंचुए के माध्यम से जैविक खाद बनाते हैं तथा निर्मित खाद को बेचते हैं। केंचुए से निर्मित खाद की डिमांड आस-पास के गांव में बहुत रहती हैं। उसके बेचने से ही हमारी आजीविका चल जाती है तथा हम आर्थिक रूप से संपन्न हुए हैं।
पहले वह रासायनिक खाद द्वारा खेती करते थे, रासायनिक खाद का उपयोग अधिक मात्रा में करना पड़ता था। जिससे उत्पादन कम होता था तथा गुणवत्ता भी अच्छी नहीं होती थी। इसके बाद उन्होंने वर्मी जैविक खाद का उपयोग किया इससे उनके फसल की पैदावार में वृद्धि हुई । फसलों के उत्पादन में गुणवत्ता का फर्क आया है। रासायनिक खाद का प्रयोग यह बिल्कुल नहीं करते हैं। इनका कहना है कि उद्यानिकी विभाग के माध्यम से हमें शासन की योजनाओं का पूरा-पूरा लाभ मिला। हम इसके लिए सरकार का भी बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं एवं हम अन्य किसानों से भी यह कहना चाहते हैं, कि वे भी इस तरह की आधुनिक खेती करें तथा समृद्धि की राह में आगे बढ़े।