मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 17 फरवरी 2025 सोमवार

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नाबार्ड के महाप्रबंधक ने किया एफडीपी वाडी परियोजना का दौरा, प्रतिभागियों की उपलब्धियों को सराहा

मंदसौर। जिले के 50 गाँवों में फसलता के नए आयाम स्थापित कर रही एफडीपी वाडी परियोजना का उच्चस्तरीय विजिट नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल के महाप्रबंधक कमर जावेद द्वारा किया गया। इस अवसर पर बाएफ लाइवलीहुड्स के राज्य प्रमुख पवन पाटीदार भी उनके साथ उपस्थित रहे। भ्रमण के दौरान नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक योगेश सैनी, एलडीएम  संजय कुमार मोदी एवं बाएफ के क्षेत्रीय प्रभारी एवं प्रोजेक्ट लीडर जे.एल. पाटीदार सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी व परियोजना से जुड़े किसान प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
परियोजना क्षेत्र का व्यापक विजिट- महाप्रबंधक कमर जावेद ने ग्राम आगर एवं एरी का दौरा कर एफडीपी वाडी परियोजना के अंतर्गत विकसित संतरे की उन्नत वाडियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना के प्रभाव, उसकी चुनौतियों एवं भविष्य की संभावनाओं पर वाडी प्रतिभागियों के साथ गहन चर्चा की।
किसानों की सफलता पर प्रशंसा, तकनीकी विकास को मिली सराहना- बैठक के दौरान वाडी प्रतिभागियों ने साझा किया कि इस परियोजना के अंतर्गत 1200 से अधिक परिवारों को तकनीकी रूप से संतरे की उन्नत वाडियों से जोड़ा गया है। किसानों ने एचडीएफसी बैंक परिवर्तन एवं बाएफ लाइवलीहुड्स की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि हर घर वाडी मॉडल को एरी गांव में सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे स्थानीय किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
नाबार्ड से दीर्घकालिक सहयोग की अपील- चूंकि एफडीपी वाडी परियोजना अगले माह समाप्त हो रही है, प्रतिभागियों ने परियोजना को संगठनात्मक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने की इच्छा जताई। उन्होंने नाबार्ड अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे आगामी योजनाओं में किसानों को जोड़कर वाडियों से उत्पादित संतरे की ग्रेडिंग, पैकेजिंग और बाजार उपलब्धता (सिंगल विंडो मार्केटिंग) के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग करें।
अधिकारियों का आश्वासन और भविष्य की रणनीति- महाप्रबंधक कमर जावेद ने परियोजना की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि नाबार्ड किसानों की तकनीकी व विपणन संबंधी आवश्यकताओं के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
विजिट में उपस्थित प्रमुख अधिकारी एवं किसान- इस महत्वपूर्ण अवसर पर परियोजना टीम के प्रोजेक्ट लीडर जे.एल. पाटीदार, टीम सदस्य सुरेश मेवाड़ा, रविंद्र पाटीदार, मयंक यादव, विजय धाकड़, देवेंद्र चौहान एवं वाडी प्रतिभागी लक्ष्मीनारायण,  दिलीप, निहालचंद, ओमप्रकाश, मुकेश सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।

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सांसद  श्री सुधीर गुप्ता ने  कृषि विज्ञान केंद्र, मंदसौर का निरीक्षण किया
  मन्दसौर16 फरवरी 2025 / कृषि विज्ञानकेंद्र, मंदसौर के पाटन प्रक्षेत्र पर कृषि तकनीकी सप्ताह कार्यक्रम के तहत य सांसद श्री सुधीर  गुप्ता के द्वारा निरीक्षण कियागया।निरीक्षण के दौरान डॉ. जी.एस. चुंडावत, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख ने फसल प्रदर्शन इकाई में प्रदर्शित विभिन्न फसलों की 64 किस्मों की विशेषताओं, केंचुआ खादई काई, अजोला इकाई, प्राकृतिक खेती इकाई, पशुपालन इकाई,प्रजनन बीज उत्पादन कार्यक्रम के बारे में तकनीकी जानकारी प्रदान की।माननीयसांसद महोदय ने विशेष रूप से कीट प्रबंधन हेतु लगाए गए प्रकाश प्रपंच, फेरोमोन ट्रैप, पीला एवंनीला  चिपचिपा ट्रैप के बारे में गहराई सेजाना एवं उनके उपयोग को बढ़ावा देने हेतु निर्देशित किया।
माननीय सांसद ने अवलोकन केदौरान उपस्थित कृषक भाइयों एवं कृषि व्यापारियों को भी उन्नत तकनीकी से खेती करकृषि को और अधिक लाभकारी बनाना हेतु अपील की, साथ ही साथ देसीगायों का खेती में महत्व के बारे में बताया। भ्रमण के दोरान कृषि विज्ञान केंद्रके श्री राकेश अस्के भी उपस्थित थे।

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टीबी के लक्षण होने पर निःसंकोच जांच कराई और इलाज करवाए

टीबी मुक्त रथ ने ग्राम झिरकन एवं ग्राम बड़वन में भ्रमण किया

मंदसौर 16 फरवरी 25/ टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत टीबी मुक्त रथ ने ग्राम झिरकन एवं ग्राम बड़वन में भ्रमण किया। स्वास्थ्य विभाग मंदसौर ने टीबी के बारे में जागरूक किया। टीबी से कैसे बचा जाए एवं टीबी के क्या लक्षण है, इसकी जानकारी दी गई। चलने में सांस भरना, लगातार खांसी आना, भूख नहीं लगना, वजन कम होना, रात को पसीना आना जैसे टीबी के सामान्य लक्षण हो सकते हैं। सभी ग्रामवासी एक्स-रे करवाए। निशुल्क एक्सरे किया जा रहे हैं। अगर मरीज टीबी पॉजिटिव आते हैं तो आपको 6 माह तक दवाई लेना है, दवाई में कोई गैप नहीं करना। टीबी का पेशेंट दवाई लेने पर ठीक हो जाता है। टीबी कोई घातक बीमारी नहीं है। अगर जांच में मालूम पड़ गया है की आपको टीबी है तो दवाई जरूर लेना चाहिए। दवाई का नियमित उपयोग करने से व्यक्ति पूर्ण स्वस्थ हो जाता है।

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किसानों को समर्थन मूल्य पर खरीदे गये गेहूँ पर मिलेगा 125 रूपये प्रति क्विंटल का बोनस

मंदसौर 16 फरवरी 25/ राज्य सरकार किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिये निरंतर कार्य कर रही है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये प्रदेश के पंजीयन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। पंजीयन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 तक है। किसान ऐप के माध्यम से घर बैठे पंजीयन कर सकेंगे। पंजीयन के लिये ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्रों पर नि:शुल्क पंजीयन की व्यवस्था की गई है। गेहूँ उपार्जन के लिये समर्थन मूल्य 2425 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 150 रूपये प्रति क्विंटल अधिक है।

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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के दूसरे चरण का सर्वे, पात्र परिवार 31 मार्च तक जुड़वा सकते हैं नाम

आवास प्लस 2.0 ऐप से होगा सर्वे, हितग्राही स्वयं भी कर सकते हैं आवेदन

मंदसौर 16 फरवरी 25/ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के द्वितीय चरण के लिए सर्वे प्रारंभ हो गया है। इसमें पात्र परिवारों के नाम 31 मार्च तक स्थाई प्रतीक्षा सूची में जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। योजना अंतर्गत केन्द्रीय मंत्री-मण्डल ने योजना को आगामी पांच वर्ष के लिये वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक की मंजूरी दी है। इस संबंध ने ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार ने आवास प्‍लस की सूची को अद्यतन करने के लिए आवास प्‍लस सर्वे 2024 प्रारंभ किया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का सर्वे जिले में ग्राम पंचायत में नियुक्‍त किये गये सर्वेयर सचिव/रोजगार सहायक द्वारा किया जायेगा। सर्वे कार्य आवास प्‍लस एप-2024 से किया जाएगा। इसमें हितग्राही स्वयं के मोबाईल से भी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए मोबाइल एप्लीकेशन आवास प्लस 2.0 ग्रामीण विकास मंत्रालय एन.आई.सी द्वारा निर्मित किया गया है। इस ऐप की लिंक आवास सॉफ्ट पोर्टल

(https://pmayg.nic.in/infoapp.html) पर भी उपलब्‍ध है। सर्वे के लिए समस्‍त जिले/जनपद एवं ग्राम पंचायत स्‍तर के अधिकारियों एवं नामांकित सर्वेयर को प्रशिक्षण गया है। सर्वे 31 मार्च 2025 तक पूर्ण कर लिया जायेगा।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा एक अप्रैल 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) प्रारंभ की गई। जिसके अंतर्गत सभी पात्र बेघर परिवारों और कच्‍चे तथा जीर्ण-शीर्ण मकानों में रह रहे परिवारों को बुनियादी सुविधा युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

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समर्थन मूल्य पर गेहू उपार्जन हेतु कृषक पंजीयन 31 मार्च 2025 तक करें

मंदसौर 16 फरवरी 25/ जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा बताया गया कि रबी विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर गेहू उपार्जन हेतु कृषक पंजीयन 20 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2025 तक करा सकते है। जिले में रबी विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर गेहू उपार्जन हेतु जिले में 77 पात्र संस्थाओं को पंजीयन केन्द्रो निर्धारण किया गया है। रबी विपणन वर्ष 2025-26 में गेहूं का समर्थन मूल्य रूपये 2425/- निर्धारित किया गया है।कृषको से अनुरोध है कि समय-सीमा में अपने नजदीकी पंजीयन केन्द्र पर जाकर निःशुल्क पंजीयन फार्म प्राप्त कर अपना पंजीयन करावे। कृषको की सुविधा हेतु अधिकृत एमपी ऑनलाईन, कांमन सर्विस सेंटर पर सशुल्क तथा अपने मोबाईल पर किसान एप पर भी अपना पंजीयन करा सकते है। किसान पंजीयन के लिए कृषक पंजीयन केन्द्र पर भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड, बैकपासबुक एवं फोटो पहचान हेतु आवश्यक दस्तावेज लाना अनिवार्य होगा। रबी विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर गेहू उपार्जन हेतु किसान अपना पंजीयन शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा में करवायें।

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देश के नवनिर्माण में सहभागी बने युवा – मंत्री श्री सारंग

युवाओं के लिये उद्यमिता पूर्व परामर्श कार्यशाला

मंदसौर 16 फरवरी 25/खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि युवा देश की पूंजी है, वह देश के नवनिर्माण में सहभागी बने। युवा केवल अपने लिये नहीं, परिवार के लिए नहीं राष्ट्र और समाज के लिये कार्य करें। मंत्री श्री सारंग शनिवार को ब्रिज युवा कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशल कान्वेशन हॉल में पूर्व परामर्श युवाओं के लिये उद्यमिता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टेक्नोलॉजी की बात होती है तो भारत देश उसमें सबसे पहले आता है। चाहे वह पर्यावरण संरक्षण हो या दुनिया की अर्थ-व्यवस्था या फिर दुनिया भर में शांति आंदोलन, सब में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का महत्व देखा जा सकता है। उनके नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज का युवा उसमें सहभागी बने और देश के नवनिर्माण में सार्थक आहूति दे। युवाओं की सहभागिता से विकसित और शक्तिशाली देश का निर्माण होगा। मंत्री श्री सारंग ने युवा विकास, सहकारी पहल और उद्यमिता को बढ़ावा देने अपना दृष्टिकोण युवाओं को बताया।

मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जीसीटीसी (नॉलेज पार्टनर) के सहयोग से इस कार्यक्रम में उभरते स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र पर नीति निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों के साथ पैनल चर्चा हुई। स्टार्ट-अप शोकेस में एग्रीटेक, फिनटेक, ग्रीन एनर्जी, एआई और ई-कॉमर्स में नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। उभरते उद्योगों में चुनौतियों और अवसरों पर युवा उद्यमियों के साथ इंटरैक्टिव सत्र हुआ। विचार-आधारित प्रतियोगिता जिसमें चयनित छात्रों ने एक प्रतिष्ठित पैनल के समक्ष अपनी व्यावसायिक अवधारणाएं प्रस्तुत की।

युवा मामले विभाग, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार, युवा उद्यमियों को सशक्त बनाने तथा नवाचार और नीति विकास पर सार्थक चर्चा को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय पहल के हिस्से के रूप में उद्यमिता पूर्व-परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में श्री अनूप कृष्णन ने आभार माना।

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धार्मिक पर्यटन की गतिविधियों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिल रहा है प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मंदसौर 16 फरवरी 25/मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आस्था, श्रद्धा और धार्मिक पर्यटन के लिए किए गए आग्रह के परिणामस्वरूप सभी धार्मिक पर्व और उत्सव, उल्लास एवं उत्साह के साथ मनाए जा रहे हैं। महाकुंभ के क्रम में मध्यप्रदेश के चित्रकूट धाम, उज्जैन, ओरछा, दतिया जैसे धार्मिक स्थानों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनार्थ पधार रहे हैं। धार्मिक पर्यटन की इन गतिविधियों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिला है। उज्जैन में ही गत वर्ष 6 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पधारे। आगामी 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व आ रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावनाएं है। महाकाल लोक में श्रद्धालुओं के बढ़ रहे आवागमन को देखते हुए राज्य सरकार उनकी सुविधा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसी के अंतर्गत महाकाल लोक में आवागमन और दर्शन की सुगम व्यवस्था के लिए 6 द्वार विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से जारी अपने संदेश में यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और प्रदेश की क्षमता का उपयोग देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है। प्रदेश में आस्था, श्रद्धा से जुड़े कार्यों का भी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे हमें हमारी विरासत पर गर्व करने का अवसर मिले, राज्य सरकार द्वारा प्रदेशवासियों को विकास गतिविधियों की सौगात निरंतर जारी रहेगी।

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ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति से निवेश और नवाचार का प्रारंभ होगा नया युग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वैश्विक स्तर पर नीति को प्रस्तुत करने जीआईएस होगा बड़ा मंच

मंदसौर 16 फरवरी 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने “मध्यप्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2025” लॉन्च की है, जो बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करने और राज्य को एक डिजिटल एवं तकनीकी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल इंडिया विजन को गति देने में यह नीति एक मील का पत्थर साबित होगी।

भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025, इस नीति को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का सबसे बड़ा मंच मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी समिट का 24 फरवरी को शुभारंभ करेंगे, जिससे मध्यप्रदेश का निवेश परिदृश्य और भी मजबूत होगा। दुनिया भर के निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं के समक्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस नीति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगे, जिससे जीसीसी के क्षेत्र में राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके। इस समिट से जीसीसी के लिये बड़ी संख्या में निवेश प्रस्तावों की उम्मीद है, जिससे राज्य का आर्थिक परिदृश्य बदल जाएगा।

जीसीसी : वैश्विक कारोबार का नया केन्द्र

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स वे केन्द्र हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने मुख्यालय से अलग अन्य देशों में स्थापित करती हैं। इनका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर अपने ऑपरेशंस को सुचारू रूप से चलाना और अत्याधुनिक तकनीकों का लाभ उठाना होता है। इन केन्द्रों में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, वित्तीय सेवाएं, अनुसंधान एवं विकास, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और ग्राहक सहायता जैसी सेवाएं दी जाती हैं।

वर्तमान में भारत दुनिया का सबसे बड़ा जीसीसी हब बन चुका है, जहां 1600 से अधिक जीसीसी कार्यरत हैं। मध्यप्रदेश इस सेक्टर में अपनी भागीदारी को तेजी से बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह नीति विशेष रूप से आईटी, वित्त, इंजीनियरिंग और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने पर केन्द्रित है और राज्य का औद्योगिक परिदृश्य पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से मध्यप्रदेश देश के सबसे उभरते हुए निवेश केन्द्रों में शामिल हो चुका है। उनके नेतृत्व में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार, आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (MPSeDC) को इस नीति के कार्यान्वयन की नोडल एजेंसी बनाया है, जो कंपनियों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

राज्य में जीसीसी को तेजी से स्थापित करने के लिए एक विशेष नीति क्रियान्वयन इकाई (Policy Implementation Unit – PIU) बनाई जा रही है, जो प्रोत्साहनों के आवंटन, परियोजनाओं की स्वीकृति और अनुपालन निगरानी का कार्य करेगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निवेशकों को समय पर सभी सुविधाएं मिलें और वे राज्य में अपने प्रोजेक्ट्स को शीघ्र शुरू कर सकें।

मध्यप्रदेश : निवेशकों के लिए पसंदीदा स्थल

मध्यप्रदेश में जीसीसी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। पिछले तीन वर्षों में राज्य के आईटी/आईटीईएस निर्यात में तीन गुना वृद्धि हुई है और वार्षिक वृद्धि दर 43 प्रतिशत है। इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहर तेजी से आईटी और ईएसडीएम हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। राज्य में 300 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, जहां से हर साल 50 हजार से अधिक टेक्नोलॉजी ग्रेजुएट निकलते हैं। निवेशकों के लिए किफायती बिजनेस ऑपरेशन, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZs) और सरल नियामकीय प्रक्रियाएं इस नीति को और अधिक प्रभावी बना रही हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में मध्यप्रदेश चौथे स्थान पर है, जो यह साबित करता है कि राज्य में निवेशकों के लिए एक अनुकूल माहौल मौजूद है।

जीसीसी नीति-2025 : आर्थिक क्रांति की आधारशिला

मध्यप्रदेश की जीसीसी नीति-2025 एक परिवर्तनकारी पहल है, जो भारत को 2030 तक 110 बिलियन डॉलर के जीसीसी बाजार के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इनोवेशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रोत्साहनों पर केंद्रित यह नीति राज्य को वैश्विक कंपनियों के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन बनाएगी, जहां वे अपने जीसीसी ऑपरेशंस को स्थापित और विस्तारित कर सकेंगी।

आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 इस पहल को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रस्तुत करने का सबसे बड़ा मंच होगी, जहां से मध्यप्रदेश को ऐतिहासिक निवेश प्रस्तावों की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बनाएगी। इस नीति के क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश नवाचार, टेक्नोलॉजी और रोजगार सृजन के नए युग में प्रवेश करेगा, जिससे राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

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विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने
स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर जी के गीतों को गुनगुना के दी श्रद्धांजलि
मन्दसौर जन भागीदारी समिति लता मंगेशकर शासकीय संगीत महाविद्यालय, जन परिषद मंदसौर क्षेत्र और अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने संयुक्त रूप से भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी को आयोजित गीतांजलि कार्यक्रम में उनकी पुण्यतिथि पर स्मरण कर गीतों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।राम टेकरी तेलिया टैंक स्थित डांगी सभागृह में उक्त संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा मां सरस्वती की सच्ची शादी का और स्वर की देवी मानी जाने वाली लता मंगेशकर जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। ज्ञात है कि लता मंगेशकर जी को भारत रत्न ,पद्म भूषण ,पद्म विभूषण ,दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्राप्त हैं।
हार्दिका दुबे ने मन क्यों बहका रे बहका,लोकेंद्र पांडे ने एक तेरा साथ मुझे दो जहां से प्यारा है,गीत .राजकुमार अग्रवाल ने मौसम है आशिकाना,हिमांशु वर्मा ने न जाने मेरे दिल को क्या हो गया ,राहुल राठौर ने दिल हुम हुम करे ,नरेंद्र त्रिवेदी ने अगर तुम न होते,अजय डांगी श्रीमती चंदा डांगी ने ए मेरे वतन के लोगों सिमरन बेलानी ने शायद मेरी शादी का खयाल गीत कर भावांजलि प्रदान की।इस अवसर पर राजेंद्र तिवारी और इंजीनियर दिलीप कुमार जोशी,अजीजुल्लाह खान सर ने उनसे जुड़े संस्मरण साझा किए।संचालन नरेंद्र कुमार त्रिवेदी सूत्रधार ने किया ।

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