समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 01 जनवरी 2026 गुरुवार

विकसित भारत की परिकल्पना को एमएसएमई करेगा साकार : मंत्री श्री काश्यप
विकास और सेवा के 2 वर्ष-पत्रकारों से रू-ब-रू हुए मंत्री श्री काश्यप
रतलाम : बुधवार, दिसम्बर 31, 2025,
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 में देश को विकसित भारत बनाने के संकल्प के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में अभ्युदय मध्यप्रदेश की परिकल्पना के तहत सर्वांगीण विकास में एमएसएमई विभाग निर्णायक भूमिका निभा रहा है। उन्होंने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से विकास और सेवा के 2 वर्ष पर संवाद करते हुए विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी 3 वर्षों में किए जाने वाले कार्यों और विकसित भारत के संकल्प की जानकारी दी।
मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि एमएसएमई को 5 हजार करोड़ की प्रोत्साहन सहायता के साथ ही 30 नवीन निजी क्लस्टरों और 22 नवीन Common Facility Center (CFC) की स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि 6 हजार से अधिक विकसित औद्योगिक भू-खंड उपलब्ध कराना, 100 औद्योगिक क्षेत्रों में CETP की स्थापना, औद्योगिक क्षेत्र विहीन 81 विधानसभा क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र का विकास, वर्तमान 6,000+ स्टार्टअप की संख्या को दोगुना यानि 12,000+ करना, 100 नवीन इन्क्युबेशन सेंटर की स्थापना, 1.5 लाख + स्व-सहायता समूहों का उद्यम पोर्टल अंतर्गत फार्मलाईजेशन, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर एवं उज्जैन में सब्सिडी युक्त प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर को-वर्किंग स्पेस की स्थापना, GI टैगिंग के लिए 20 विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें रजिस्टर कराना, स्वरोजगार योजना के माध्यम से 30 हजार उद्यमियों को लाभान्वित कराना और इंदौर और जबलपुर की टेस्टिंग लैब का उन्नयन किए जाने का लक्ष्य है।
मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि विकसित भारत@2047 के लिए1 करोड़ उद्यम पंजीकृत और एमएसएमई स्थापित करने का प्रयास किया जायेगा। एमएसएमई द्वारा 2 करोड़ रोजगार सृजन करना, एमएसएमई के माध्यम से ₹61,256 करोड़ का निवेश प्राप्त करना। 25 प्रतिशत महिला-नेतृत्व वाले एमएसएमई बनाना। 200+ एमएसएमई को एसएमई स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड करना जैसे कदम उठाए जाऐंगे। मंत्री श्री काश्यप ने बतया कि वर्तमान अधिसूचित 207 औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ाकर 1,000 करना। राज्य क्लस्टर योजना के अंतर्गत विकसित निजी क्लस्टरों की संख्या बढ़ाकर 150 करना। 10,000 हरित ऊर्जा वाले एमएसएमई की स्थापना। 50,000 से अधिक DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप बनाना। 7,000 उत्पादन-आधारित स्टार्टअप स्थापित करना। स्व-रोजगार प्रदान करने का लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2046-47 में 3.90 लाख व्यक्ति और 1,00,000 जेडईडी प्रमाणित एमएसएमई स्थापित करने के लिए प्रयास करना शामिल है।
एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि विभाग ने पिछले दिनों कई नवाचार किए हैं। औद्योगिक भू-खण्डों का आवंटन एवं प्रोत्साहन राशि के वितरण के लिए फेसलेस सरलीकृत ऑनलाइन प्रक्रिया विकसित की गयी। भू-खण्डों का आवंटन एवं सहायता/सुविधा की स्वीकृति के लिए प्रत्येक चरण की समय सीमा का निर्धारण किया और CFC के लिये भूमि आवंटन नियम में Amenities के रूप में भूमि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। शार्क टैंक इंडिया टीम के साथ अगस्त 2025 में स्टार्टअप्स के लिए देश में पहला विशेष कार्यक्रम किया गया तथा प्रथम बार गोविंदपुरा में बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का विकास किया जा रहा है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि प्रदेश में 21.63 लाख पंजीकृत MSME हैं, जिनमें 4.50 लाख विनिर्माण इकाइयां लगभग 36 लाख रोजगार सृजित करती हैं। स्टार्टअप ईकोसिस्टम में 6000+ DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप, 3,000+ महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप, 72 इनक्यूबेटर तथा ₹100 करोड़ रूपये का समर्पित फंड शामिल हैं। प्रदेश में 181 संचालित औद्योगिक क्षेत्रों में 4,000+ हेक्टेयर भूमि तथा 2,100 से अधिक हेक्टेयर अविकसित शासकीय भूमि रियायती दरों पर उपलब्ध है। विभाग द्वारा प्रदेश में शासकीय भूमि के साथ-साथ निजी क्षेत्र के सहयोग से औद्योगिक क्षेत्रों का निरंतर विकास करते हुए निवेशकों को भू-खण्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि राज्य की केंद्रीय स्थिति, देश के 50 प्रतिशत बाजार तक सहज पहुंच, 8 हवाई अड्डे, 5 लाख किमी सड़क नेटवर्क तथा कांडला एवं JNPT बंदरगाहों की निकटता ने इसे भविष्य के लॉजिस्टिक्स व मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित किया है। 24×7 बिजली आपूर्ति, 1,000 MCM से अधिक जल आपूर्ति, राष्ट्रीय महत्व के शैक्षणिक संस्थान, ग्लोबल स्किल्स पार्क (भोपाल) एवं MSME टेक्नोलॉजी सेंटर कुशल कार्यबल सुनिश्चित करते हैं। मजबूत MSME आधार, तेज़ी से विस्तारित स्टार्टअप ईकोसिस्टम, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और उदार नीतिगत समर्थन के साथ मध्यप्रदेश दीर्घकालिक विकास की तलाश करने वाले उद्योगों के लिए भरोसेमंद औद्योगिक गंतव्य बन चुका है। मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि विगत 2 वर्षों में कुल 4,865 इकाइयों को ऑनलाइन सिंगल क्लिक से 3,118.44 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। वर्ष 2019 से लंबित समस्त देयताओं का भुगतान सुनिश्चित किया गया है। औद्योगिक अधोसंरचना का विकास अंतर्गत्14 औद्योगिक क्षेत्रों (1,296 भूखंड) का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। 41 औद्योगिक क्षेत्र (3,353 भूखंड) विकासाधीन, 26 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों (2,606 भूखंड) की स्वीकृति सहित औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को 1,240 भू-खण्ड उपलब्ध कराए गए। 2019 से 2024 तक कुल 805 भूखंडों का आवंटन हुआ। उन्होंने बताया कि निजी भूमि पर स्वीकृत 30 औद्योगिक क्षेत्रों (1,423 भूखंड) में से 12 का विकासकार्य पूर्ण (583 भूखंड) पूर्ण हुआ है। मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना में कुल लाभांवित युवाओं की संख्या 16 हजार 491 है। उन्हें ऋण राशि 1,134.27 करोड़ रूपये वितरित की गई है। कुल स्टार्टअप 6,344 में महिलाओं द्वारा संचालित 3,023, स्थापित इंक्यूबेटर 102 हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 2 वर्षों में स्टार्टअप की स्थापना 2,782, महिलाओं द्वारा संचालित 1,361 और स्थापित इंक्यूबेटर 34 एवं प्रदेश के सभी 55 जिलों में अधिमान्यं स्टार्टअप कार्यरत हैं। Alternate Investment Funds द्वारा प्रदेश के 3 स्टार्टअप में 12 करोड़ 89 लाख रूपये निवेश हुआ। मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि मध्यप्रदेश सूक्ष्म और लघु उद्यम फेसिलिटेशन काउंसिल मध्य प्रदेश में सूक्ष्म और लघु उद्योगों के विलंबित भुगतान विवादों के निपटान के लिए गठित काउंसिल ने जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 तक 2 वर्षों में कुल 20 बैठकों में 879 प्रकरणों की सुनवाई की, जिनमें से 411 प्रकरणों का निराकरण कर राशि 30 करोड़ 36 लाख से अधिक तीन गुना ब्याज अवॉर्ड पारित किए हैं। प्रकरणों की वर्चुअल सुनवाई व्यवस्था भी प्रारंभ की गई।
मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि RAMP Raising and Accelerating MSME Performance भारत सरकार की RAMP योजनान्तर्गत प्रदेश के 5 SME को स्टॉक एक्सचेंज (IPO) में सूचीबद्ध कराया गया। योजनान्तर्गत 130+ वर्कशॉप, 17 रैम्प जागरूकता कार्यशालाएं एवं 16 एक्सपोजर विजिट आयोजित की गई। मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि भारत सरकार के उद्यम पोर्टल अनुसार विगत दो वर्ष में 2.34 लाख से अधिक पंजीकृत विनिर्माण एमएसएमई में 8,14,832 रोजगारों का सृजन हुआ है। ODOP के तहत ग्वालियर के स्टोन एवं छतरपुर के वुडन फर्नीचर को दिसंबर 2025 में GI टैग प्राप्त किया है। G20 की B20 संगोष्ठी (दक्षिण अफ्रीका 2025) विभाग की पहल से विदिशा के कृषि उपकरण निर्माता ODOP ऊषा एग्रो, प्रवर्तक श्री मानस गुप्ता को आमंत्रित किया गया और IITF नई दिल्ली में म.प्र. मण्डप को 2024 में विषयगत प्रस्तुति में स्वर्ण एवं 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये रजत पदक प्राप्त हुआ है। मंत्री श्री काश्यप ने इस वर्ष फरवरी में संपन्न हुई जीआईएस में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के बाद धरातल पर आई इकाईयों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति 2025 और नवीन स्टार्टअप नीति की जानकारी भी विस्तार से दी। इस अवसर पर विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह और उद्योग आयुक्त श्री दिलीप कुमार भी उपस्थित थे।
==============
पुलिस अधीक्षक ने इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स एवं हॉकी एस्ट्रो टर्फ हेतु आवंटित भूमि का निरीक्षण किया
रतलाम : बुधवार, दिसम्बर 31, 2025,

पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार द्वारा आज 31 दिसंबर को निर्माणाधीन बंजली इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स एवं हॉकी एस्ट्रो टर्फ के लिए आवंटित भूमि का निरीक्षण किया गया व विभिन्न कार्य की गुणवत्ता को देख कर आवश्यक निर्देश दिए गए। आगामी दिनो में इंजिनियर के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये। रतलाम जिले के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं मिलने जा रही है। निरीक्षण के दौरान ट्रेनिंग आईपीएस श्रीमान वैभव प्रिया, जिला खेल अधिकारी रुचि शर्मा, रक्षित निरीक्षक मोहन भर्रावत, और खेल प्रशिक्षक श्री जितेन्द्र धुलिया व निर्माण एजेन्सी के सुपरवाइजर व इंजीनियर उपस्थित थे।
==============
शीत-घात(Cold Waves) के प्रभाव से बचने के लिए बरते सावधानियां’
रतलाम : बुधवार, दिसम्बर 31, 2025,
शीत लहर का प्रभाव प्रत्येक वर्ष दिसंबर-जनवरी के महीनों में होता है और कभी-कभी विस्तारित शीतलहर की घटनाएं नवंबर से फरवरी तक होती है। मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार वैश्विक तापमान में विभिन्न मौसमों के दौरान काफी भिन्नताएं सामने आ रही है और उसका भी पर्यावरण, स्वास्थ्य, कृषि, पशुधन, आजीविका, सामाजिक अर्थव्यवस्था और अन्य संबद्ध क्षेत्रों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। वर्तमान में शीत ऋतु में शीत-घात (शीत लहर) की वजह से अनेक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बताया कि इन समस्याओं को समय से पूर्व बचाव कर लिया जाएं तो इस प्राकृतिक विपदा का सामना किया जा सकता है।
शीतलहर क्या है-सर्दी के मौसम में जब ठंडी हवाएं तेजी से चलने लगती है, तापमान में तेजी से गिरावट होने लगती है। तब इस स्थिति को शीतलहर कहते है, आसान शब्दों में कहा जा सकता है कि सर्दी के मौसम में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से लेकर 4-5 डिग्री नीचे चला जाता है तो इसे शीतलहर कहा जाता है।
शीत ऋतु में शीत-घात (शीत लहर) में जन सामान्य को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियो, टीवी एवं समाचार पत्र जैसे सभी मीडिया द्वारा दी जा रही जानकारी का अनुसरण करें। पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहने। नियमित रूप से गर्म पेय पीते रहे। शीत लहर के समय विभिन्न प्रकार की बीमारियों की संभावना अधिक बढ़ जाती है, जैसे- पलू चलना, सर्दी, खांसी एवं जुकाम आदि के लक्षण हो जाने पर चिकित्सक से संपर्क करें। अल्प तापवस्था के लक्षण जैसे सामान्य से कम शरीर का तापमान, न रूकने वाली कपकपी, याददास्त चले जाना, बेहोशी या मूर्छा की अवस्था का होना, जबान का लड़खड़ाना आदि प्रकट होने पर चिकित्सक से संपर्क कर उपचार प्राप्त करें।
’शीत लहर के समय क्या करें’
पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े जैसे दस्ताने, टोपी, मफलर, एवं जूते आदि पहने। शीतलहर के समय चुस्त कपड़े ना पहने यह रक्त संचार को कम करते है इसलिए हल्के ढीले-ढालें एवं सूती कपड़े बाहर की तरफ एवं उनी कपड़े अंदर की तरफ पहने। शीत लहर के समय जितना संभव हो सके घर के अंदर ही रहें और कोशिश करें कि अतिआवश्यक हो तो बाहर यात्रा करें। पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त भोजन ग्रहण करें एवं शरीर की प्रतिरक्षा बनाए रखने के लिए विटामिन-सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं एवं नियमित रूप से गर्म तरल पदार्थ अवश्य पीएं।
बुजुर्ग, नवजात शिशुओं तथा बच्चों को यथा संभव अधिक ध्यान रखें क्योंकि उन्हें शीतऋतु का प्रभाव होने की आशंका अधिक रहती है, उनके द्वारा टोपी, मफलर, मौजे, स्वेटर इत्यादि का उपयोग किया जाएं। आवश्यकतानुसार अनुसार रूम हीटर का उपयोग करें एवं रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध अत्यधिक ठंड पड़ने से प्रभावित शरीर के हिस्से पर मालिश ना करें। इससे अधिक नुकसान पड़ शरीर के अंगों जैसे हाथ पैर की उंगलियों, नाक एवं कान में लाल फफोले हो सकते है। शीत लहर में अधिक ठंड के लम्बे समय तक सम्पर्क में रहने से त्वचा कठोर एवं सुन्न हो सकती है।
=============
परिषद का उद्वेश्य स्वैच्छिकता, सामूहिकता और स्वालंबन का वातावरण निर्मित करना : कार्यपालक निदेशक म.प्र. जन अभियान परिषद श्री डॉ. बकुल लाड
रतलाम : बुधवार, दिसम्बर 31, 2025,

मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला रतलाम द्वारा संवाद योजनांतर्गत परामर्शदाताओं एवं नवांकुर संस्थाओं की बैठक का आयोजन जिला पंचायत सभागृह रतलाम में किया गया। बैठक में म.प्र. जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक श्री डॉ. बकुल लाड, म.प्र. जन अभियान परिषद संभाग उज्जैन के संभाग समन्वयक श्री शिवप्रसाद मालवीय के आतिथ्य में माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर समीक्षा बैठक का शुभांरभ किया गया ।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल नाथ ने कहा कि परिषद का कार्य स्वैच्छिक संगठनों के माध्यम से समाज के विकास में सहभागिता सुनिश्चित कर उन्हें स्वावलंबी बनाना और मध्यप्रदेश के विकास में भागीदार करना तथा प्रदेश के विकास के लिए स्वैच्छिकता एवं सामूहिकता का वातावरण निर्मित कर शासन की नीतियों, कार्यक्रमों, योजनाओं के क्रियान्वयन में स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है ।
ग्रामोदय से अभ्युदय मध्य प्रदेश अभियान का उद्देश्य सरकार के विभिन्न विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तथा अभियान में ग्राम स्तर पर उत्सव, चौपाल, रैली, सामूहिक श्रमदान, पर्यावरण व जल संरक्षण, स्वदेशी एवं स्वावलंबन पर बल, जैविक कृषि एवं गौ-संरक्षण, शिक्षा संपन्न और संस्कारवान समाज, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, नागरिक सेवा के भाव का विकास, स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज आदि विषयों को सम्मिलित किया जायेगा।
संभाग समन्वयक श्री शिवप्रसाद मालवीय ने कहा कि परिषद के कार्यों का प्रभाव ग्राम स्तर पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने आदर्श गांवों में बेसलाइन सर्वे, दस्तावेजीकरण, सूचना बोर्ड, नर्सरी आदि विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
बैठक में सभी उपस्थित सदस्यों से परिचय लेते हुए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय ने स्वागत भाषण देते हुए कार्ययोजना प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत पौधे भेंट कर किया गया । सीएमसीएलडीपी कार्यक्रम में शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर गोल्डन जिलें मे रतलाम को आने पर सभी परामर्शदाताओं को नवांकुर संस्था की ओर से गोल्ड मेडल कार्यपालक निदेशक द्वारा प्रदान कर सम्मानित किया गया । बैठक में समस्त विकासखण्ड समन्वयक, परामर्शदाता एवं नवांकुर संस्थाएं उपस्थित रहीं।
============
यूरिया टोकन वितरण एवं उपलब्धता संबंधी आवश्यक सूचना
रतलाम : बुधवार, दिसम्बर 31, 2025,
जिला विपणन अधिकारी श्री यशवर्धन सिंह ने बताया कि आज 31 दिसंबर को दिलीपनगर, बिरियाखेड़ी एवं एमपी एग्रो मंडी नकद खाद विक्रय केंद्र हेतु यूरिया उपलब्धता अनुसार समस्त कृषकों को टोकन वितरित किए गये हैं। आगामी यूरिया रैक की जानकारी मिलने पर तहसील कार्यालय रतलाम से टोकन वितरित किए जाएंगे। शनिवार 3 जनवरी 2026 एवं रविवार 4 जनवरी 2026 को शासकीय अवकाश होने से टोकन वितरण नहीं किए जाएंगे। अतः दिलीपनगर, बिरियाखेड़ी एवं एमपी एग्रो मंडी नकद खाद विक्रय केंद्र पर खाद प्राप्त करने हेतु आगामी व्यवस्था तक टोकन वितरण नहीं किए जायेंगे। इसलिए कोई भी किसान बंधु तहसील कार्यालय रतलाम से आगामी व्यवस्था तक टोकन लेने हेतु नहीं आए।
यूरिया रैक की जानकारी मिलने पर टोकन हेतु सूचना पृथक से एक दिन पूर्व आपको दी जाएगी।
=============
डॉ कृपाल सिंह राठौर अस्थि रोग विशेषज्ञ सेवा निवृत
रतलाम : बुधवार, दिसम्बर 31, 2025,

वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ कृपाल सिंह राठौर जिला चिकित्सालय रतलाम से अपनी अर्धवार्षिकी आयु पूर्ण करने के उपरांत सेवानिवृत हुए। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ एम एस सागर, सीएमएचओ डॉ संध्या बेलसरे सहित विभिन्न चिकित्सा अधिकारियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा नर्सिंग ऑफिसर द्वारा उन्हें सेवानिवृत्ति के अवसर पर शुभकामनाएं दी गई। कार्यक्रम में उन्हें पी पी ओ जारी करते हुए शाल , श्रीफल, साफा, अभिनंदन पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ भरत निनामा ने किया तथा अंत में आभार श्री दुष्यंत पुरोहित ने माना। इस अवसर पर विभिन्न चिकित्सा अधिकारी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित थे।
===========
जिले के बाल विकास परियोजनाओं में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के लिए ऑनलाईन आवेदन 31 दिसंबर से प्रारंभ
रतलाम : बुधवार, दिसम्बर 31, 2025,
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ने बताया कि रतलाम जिले अन्तर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए आवेदन पत्र एम पी ऑनलाइन (https://chayan.mponline.gov.in) के माध्यम से आज 31 दिसंबर 2025 से प्रारंभ किए जा रहे है। आवेदन भरने की अंतिम तिथि 10 जनवरी 2026, आवेदन में त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि 12 जनवरी 2026 है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हायर सेकंडरी (12वीं पास) , उम्र 18 से 35 वर्ष होना जरूरी है। नियुक्ति के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगें। विभाग के अनुसार सभी ब्लॉकों में आगंनवाडी कार्यकर्ता के 28 और आगंनवाडी सहायिका के 91 पद रिक्त है। अधिक जानकारी के लिए संबंधित ब्लॉक के परियोजना अधिकारी, कार्यालय महिला एवं बाल विकास कार्यालय/जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास जिला-रतलाम में संपर्क किया जा सकता है। आंगनवाडी केन्द्रवार रिक्त पदों का विवरण परियोजना कार्यालय के नोटिस बोर्ड एवं संबंधित रिक्त पद के आंगनवाडी केन्द्र एवं चयन पोर्टल पर एवं नियुक्ति अर्हताओं से संबंधित अन्य जानकारी विभागीय पोर्टल mpwcdmis.gov.in पर उपलब्ध है।



