भक्ति/ आस्थानीमचमनासा

चौथे सोमवार को श्री सहस्त्र मुखेश्वर महादेव की निकली भव्य शाही सवारी

राजू पटेल

कुकड़ेश्वर- श्री सहस्त्र मुखेश्वर महादेव की पावन नगरी में श्री सहस्त्र मुखेश्वर महादेव की भव्याति भव्य शाही सवारी श्रावण के चौथे सोमवार को निकली।नगर के राजाधिराज श्री सहस्त्र मुखेश्वर महादेव अपने पुरे लाव लश्कर के साथ शाही ठाठ बाठ से नगर की प्रजा का हाल जानने निकलें। श्रावण उत्सव मंडल के तत्वाधान में श्री सहस्त्र मुखेश्वर महादेव की सोमवार को भव्य शाही सवारी प्रातः 9:00 बजे रुद्राभिषेक व आरती कर निकाल। इससे पूर्व श्री सहस्त्र मुखेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण से बैंड, बाजों, ढोल, ढमाको, अखाड़ों लेंजिम नृत्य,ताशों के साथ शाही सवारी ठाठ बाठ से निकली जिसमें भुत भावन भोलेश्वर श्री सहस्त्र मुखेश्वर महादेव सवारी,पंचमुखी महादेव पालकी में सवार होकर अपने नगर की जनता का हाल जानेंगे।

शाही सवारी में जगह जगह भगोरिया नृत्य, घोड़ा खाची नृत्य,राधा कृष्ण के साथ झांकियो ने आमजन को आनंदित किया श्रावण उत्सव मंडल द्वारा जन सहयोग से शाही सवारी महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर महादेव पाल,रंगारा चौक धोबी चौक से तमोली चौक होती हुई भवानी माता मंदिर आरती, श्री लक्ष्मी नाथ मंदिर पर आरती व जगह जगह भोलेश्वर की आरती के साथ सदर बाजार,नीम चौक, पटवा चौक, भटवाड़ा मंदिर, नागेश्वर मंदिर से सदर बाजार, मुखर्जी चौक से सांवरिया सेठ मंदिर पुलिस थाना से बस स्टैंड पर विश्राम किया जहां पर नगर परिषद द्वारा संचालित संस्कृति कार्यक्रम भजन आदि के साथ अखाड़ों की करतब और नाचते गाते शिव भक्तों की टोली ने अपने प्रदर्शन किया।नगर एवं आसपास के हजारों महिला, पुरुष बच्चे शिव भक्तों ने शाही सवारी में तन मन धन से सहयोग प्रदान कर भोलेश्वर की सवारी में सामिल हुए शाही सवारी बस स्टैंड से शाही बरात में तब्दील हो कर पार्वती मंदिर पंहुची जहां शिव पार्वती मिलन हुआ यहां से सवारी के साथ भोलेनाथ के साथ माता जी की पालकी साथ होकर लाल बाई फुलबाई मंदिर से ब्राह्मण मंदिर से लुहार मौहल्ले से गडिया मंदिर,जैन मंदिर से खाती पटेल समाज के श्री राम मंदिर से चम्पा चौक से रंगारा चौक से महादेव मंदिर पंहुची जहां पर शाही सवारी की शाही महाआरती व पुरे दिन प्रसाद वितरण व भण्डारा चलता रहा शाही सवारी के सफल आयोजन पर श्रावण उत्सव मंडल ने सभी का आभार व्यक्त किया।नगर प्रशासन, पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग के साथ सभी समाज ने महादेव की सवारी में सयोग कर सफल बनाया।

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