बकाया शुल्क न चुकाने पर शामगढ़ समूह की शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त

बकाया शुल्क न चुकाने पर शामगढ़ समूह की शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त
शामगढ़।मंदसौर जिला प्रशासन ने आबकारी विभाग के नियमों का उल्लंघन करने और निर्धारित लाइसेंस फीस जमा न करने पर कड़ी कार्रवाई की है , जिला कलेक्टर (आबकारी) ने एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए शामगढ़ कंपोजिट मदिरा एकल समूह के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है
आदेश के अनुसार, शामगढ़ समूह (MDS-C-2/4) का ठेका भेरूसिंह बोराना (निवासी वार्ड नं. 12, नीमच) के नाम पर आवंटित था , लाइसेंस की शर्तों के तहत उन्हें फरवरी 2026 माह की निर्धारित ‘न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी’ जमा करनी थी , प्रथम पक्ष (15 फरवरी तक): ₹47,70,836/- की राशि बकाया थी। द्वितीय पक्ष (28 फरवरी तक): ₹47,97,562/- की राशि बकाया थी , इस प्रकार लाइसेंसधारी पर कुल ₹95,68,398/- की राशि बकाया हो गई थी।
आबकारी विभाग द्वारा लाइसेंसधारी को 16 फरवरी, 23 फरवरी और 26 फरवरी 2026 को लगातार तीन नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करने का अंतिम अवसर दिया गया था , इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा न तो राशि जमा की गई और न ही कोई लिखित जवाब प्रस्तुत किया गया था , प्रशासन ने इसे अनुबंध की शर्तों का गंभीर उल्लंघन माना है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
शामगढ़-1, शामगढ़-2, बोलिया और पावटी की मदिरा दुकानों में रखे स्टॉक को आबकारी विभाग अपने कब्जे में लेगा। जब तक इन दुकानों का नया टेंडर (पुनर्निष्पादन) नहीं हो जाता, तब तक इनका संचालन आबकारी विभाग द्वारा स्वयं किया जाएगा , ठेकेदार द्वारा जमा की गई धरोहर राशि राजसात की जाएगी , साथ ही राजस्व को होने वाली किसी भी हानि की वसूली भेरूसिंह बोराना से ‘भू-राजस्व’ की बकाया राशि की तरह की जाएगी।
कलेक्टर मंदसौर श्रीमति अदिति गर्ग ने पुलिस अधीक्षक मंदसौर विनोद कुमार मीणा को भी पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि दुकानों के विभागीय संचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध मदिरा के परिवहन एवं विक्रय पर कड़ी निगरानी रखी जाए।



