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समुद्र की लहरों पर नियंत्रण किया जा सकता किंतु दुष्ट के विचारों पर नहीं- निग्रहाचार्य श्री भागवतानंद जी गुरु

       मंदसौर। देवकी के आठवें पुत्र को मारने के उद्देश्य से अपनी बहन और जीजा को कारागार में डालने वाले दुष्ट कंस की कथा सुनाते हुए महाराज श्री ने कहा कि- हर युग में दुष्ट होते हैं और दुष्टों  की विचारधारा समुद्र की लहरों की तरह आती जाती रहती है, एक बार समुद्र की लहरों पर नियंत्रण किया जा सकता है किंतु दुष्ट की विचारधारा पर कोई नियंत्रण नहीं किया जा सकता। भगवान श्री कृष्ण को जन्म से ही संघर्ष करना पड़ा तथा अपने योग बल और सत्य के आधार पर इसमें सफल हुए इस तरह संसार में मनुष्य को भी संसार के संघर्ष में सफल होने के लिए भागवत कथा तथा सत्य का सहारा लेना पड़ेगा और गलत बात का विरोध करने की ताकत  में सब होनी चाहिए। जिस समाज में गलत को गलत कहने की ताकत उत्पन्न हो जाती है वहां से पाप अपने आप समाप्त हो जाता है।
        कथा के दूसरे दिन भी भगवान श्री कृष्ण के चरित्र का वर्णन महाराज जी के द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया एवं शिक्षाविद श्री रमेशचंद्र चन्द्रे उपस्थित थे।
         महाराज जी का स्वागत माहेश्वरी महिला मंडल मंदसौर एवं  चंदा कश्यप, कारूलाल सोनी, रिटायर्ड टी आई  रूपनारायण दुबे, इंजीनियर बीएस सिसोदिया शिक्षाविद श्री देवेश्वर जोशी, जगदीश भावसार, समाजसेवी बंशीलाल टाक, प्रमोद तोषनीवाल, घनश्याम भावसार, नरेंद्र गुर्जर, पार्षद दिव्या अनूप महेश्वरी, लक्ष्मण  तिवारी, जिला माहेश्वरी समाज मंदसौर, नगर माहेश्वरी समाज मंदसौर महेंद्र दरक, श्री कृष्ण चंद्र चिचानी इत्यादि के द्वारा किया गया। प्रसादी के लाभार्थी चंदा कश्यप, राजेश अग्रवाल, महेंद्र दरकार, एवं पुष्पेंद्र भावसार थे।

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