मंदसौरमध्यप्रदेश

मंदसौर जिले के 8 नगरों में हजारों स्वयंसेवकों ने की कदमताल



मंदसौर। परंपरानुसार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन विजयादशमी के अवसर पर नगर की 33 बस्तियों में एक साथ निकला। जो की चरैवेति संचलन के स्वरूप में रहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना दिवस के साथ साथ आज ही के दिन प्रभु श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय प्राप्त की थी एवं महिषासुर का वध मां दुर्गा ने भी इसी दिन ही किया था ऐसे पुण्य दिवस को हम विजयादशमी पर्व के रूप में मनाते है इस अवसर पर जिले के 8 नगर मल्हारगढ़,पिपलियामंडी, नारायणगढ़,सीतामऊ,दलौदा,नगरी, नाहरगढ़,मंदसौर की 33  बस्तियों में बड़े उत्साह के साथ पथ संचलन निकला जिसमे 2463 स्वयंसेवकों पथ संचलन में कदमताल मिलाए 33 बस्तियों के हजारों स्वयंसेवक घोष की धुन पर कदमताल करते हुए निकलें,
सभी संचलन के वक्ताओं ने कहा  ‘स्व’ की संकल्पना को लेकर स्वभाषा, स्वभूषा,स्वदेशी,स्वावलंबन,
पर्यावरण संरक्षण,सामाजिक समरसता,कुटुंब प्रबोधन,नागरिक  शिष्टाचार के लिए समाज को जागृत करने का आह्वान किया। संघ का पथ संचलन समाज में शक्ति और अनुशासन का प्रतीक है।शक्ति के बगैर कोई भी राष्ट्र महान नहीं बन सकता , गत वर्ष भारत में स्वराज का 75 वा अमृत महोत्सव मनाया गया।
2047 में स्वराज के शताब्दी वर्ष में भारत को विश्व गुरु के सिंहासन पर आरूढ करना है। इसलिए देश के प्रत्येक नागरिक को देश के हित में एवं राष्ट्र के लिए जीना होगा। आज वैश्विक बाजारवाद एवं सांस्कृतिक मार्क्सवाद ने भारत की मूल संस्कृति व आत्मा को मिटाने का प्रयास किया है।भारत के प्रत्येक नागरिक को जातिगत भेदभाव को भुलाकर सामाजिक समरसता को बढ़ाना होगा,राष्ट्र निर्माण का यह कार्य हमें स्वयं के उदाहरण से ही करना होगा। आज भारत विश्व पटल पर अग्रणी देश है,ये विश्व गुरु होने के  ही संकेत है। हम सभी आज के दिन अपने देश की उन्नति के लिए कार्य करने का संकल्प ले।देश के प्रत्येक व्यक्ति युवा,वृद्ध,बाल,मातृ  शक्ति हम सभी को मिलकर अपनी भारत माता को परम वैभव पर पहुंचाना है।

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