समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 05 दिसंबर 2025 शुक्रवार

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लैंगिक समानता साइबर क्राइम महिला हिंसा रोकथाम बाल विवाह एवं वन स्टाफ सेंटर द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी
मंदसौर 4 दिसंबर 25/ जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग श्री बी एल विश्नोई द्वारा बताया गया कि सीएम राइस स्कूल मल्हारगढ़ में उड़ान संस्था, जनसाहस संस्था महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग एवं वन स्टॉप सेंटर के तत्वावधान में लैंगिक समानता साइबर क्राइम, महिला हिंसा रोकथाम बाल विवाह एवं वन स्टाफ सेंटर द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के बारे में जानकारी दी गईं।महिला बाल विकास से परियोजना अधिकारी श्री संतोष शर्मा द्वारा बाल विवाह पर चर्चा की गई और बताया गया कि सही समय पर विवाह किया जाना समाज के लिए अति आवश्यक है और यह एक सबसे बड़ी सामाजिक बुराई है श्रीमती ममता खींची, श्री हरीश केसरिया, उड़ान संस्था की ओर से श्रीमती संगीता कुंभकार द्वारा लैंगिक असमानता पर बालक बालिकाओं से चर्चा की गई और बताया गया कि महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे आना है और पुरुषों को उन्हें सहयोग करना है।
श्रीमती निशा, जन साहस संस्था से श्रीमती सिमरन नेकाडी द्वारा साइबर क्राइम के बारे में बताया गया और किस तरह से साइबर क्राइम से बचा जा सकता है और कैसे साइबर क्राइम होने पर हमें कार्यवाही की जानी है आदि पर चर्चा की गई। श्री राहुल चौहान, वन स्टॉप सेंटर श्रीमती निर्मला चौहान ने वन स्टॉप सेंटर के बारे में बताया और पीड़ित महिलाओं वन स्टॉप सेंटर द्वारा दी जाने वाली सहायताओं के बारे में बताया गया । कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री अशोक वाघेला, वाइस प्रिंसिपल श्री मनीष गौड़, और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधान अध्यापक द्वारा सभी का आभार व्यक्त करते हुए बाल विवाह मुक्त भारत बनाए जाने की शपथ दिलाई गई।
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गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में अंतराष्टीय चीता दिवस मनाया गया
मंदसौर 4 दिसम्बर 25/ वन मंडलाधिकारी मंदसौर श्री संजय रायखेरे द्वारा बताया गया कि गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में विश्व चीता दिवस मनाया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गांधीसागर नम्बर-03 के छात्र छात्राओं द्वारा चीता संरक्षण जागरूकता रैली निकाली गई। कार्यक्रम में छात्र छात्राओं द्वारा चीता संरक्षण के संबंध में ‘‘गांधीसागर हमारी शान -चीता हमारी पहचान जैसे नारे लगाये गये। कार्यक्रम में अधीक्षक गांधीसागर द्वारा गांधीसागर वन्यजीव अभ्यारण्य में चीता पुर्नस्थापना योजना की विस्त्रत जानकारी दी गई। चीता प्रोजेक्ट से होने वाले लाभों के बारे में बताया गया। चीतों के पुर्नवास से गांधीसागर में पर्यटन में वृद्धि होगी जिससे स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी पश्चात चीता संरक्षण क्वीज प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र एवं छात्राओं को पुरूस्कृत किया गया। आयोजित कार्यक्रम में श्री पीएल रायकवार गेम रेंज अधिकारी पूर्व गांधीसागर एवं श्री पराग सेनानी गेम रेंज अधिकारी पश्चिम गांधीसागर एवं समस्त वन स्टॉफ उपस्थित रहा।==============
गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में अंतराष्टीय चीता दिवस पर हुआ चीता मित्र संवाद कार्यक्रम
चीतों के पुर्नवास से गांधीसागर में पर्यटन में होगी वृद्धिमंदसौर 4 दिसम्बर 2025/ वन मंडलाधिकारी मंदसौर श्री संजय रायखेरे द्वारा बताया गया कि गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में अंतराष्टीय चीता दिवस पर चीता मित्रों से संवाद बैठक ईको सेंटर रामपुरा पठार पर आयोजित की गई। अधीक्षक गांधीसागर द्वारा चीता मित्रों को गांधीसागर वन्यजीव अभ्यारण्य चीता प्रोजेक्ट से होने वाले लाभों के बारे में बताया गया। चीतों के पुर्नवास से गांधीसागर में पर्यटन में वृद्धि होगी जिससे स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी चीतों के संरक्षण हेतु जनजागरूता फेलाने तथा चीतों का मानव के प्रति व्यवहार के बारे में भी मार्गदर्शीत किया गया। आयोजित कार्यक्रम में ईको विकास समिति के सदस्य ग्राम रावलीकुडी एवं श्री पीएल रायकवार गेम रेंज अधिकारी पूर्व गांधीसागर एवं श्री पराग सेनानी गेम रेंज अधिकारी पश्चिम गांधीसागर उपस्थित रहे। फोटो संलग्न
न्यायालय ने गोह तस्करी मामले में एक अभियुक्त को 3 साल की सजा व 10 हजार रूपये का लगाया जुर्माना : वनमण्डलाधिकारी
मंदसौर 4 दिसंबर 25 / वन मण्डलाधिकारी श्री संजय रायखेरे द्वारा बताया गया कि सामान्य वनमण्डल मन्दसौर के वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बीट बरदल कक्ष पी-06 पित्याखेडी मार्ग पर 18 जून 2015 को दोपहर 02.00 बजे बीट गार्ड नरेन्द्र मालवीय को वन भ्रमण के दौरान तीन व्यक्ति दिखाई दिये। जिन्हें आवाज दी गई और उनके पास जाने का प्रयास किया गया तो वे भागने लगे। दो व्यक्ति मौके से भागने से सफल हो गये एवं एक व्यक्ति लालूनाथ पिता कालूनाथ निवासी पलवई को मौके पर पकड़ा गया, जिसके पास कुल 05 गोह जीवित अवस्था में पाई गई तथा 01 सब्बल व मोटर सायकल हिरो होन्डा क्रमांक MP-14-MF5112 जप्त की गई, उक्त सामग्री विधिवत जप्त कर अभियुक्त लालूनाथ को गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त से पुछताछ करने पर उसने अपने दो साथी पीरूनाथ पिता हरीसिंग व अर्जुननाथ पिता कालूनाथ दोनों निवासी पलवई का नाम बताया, जिन्हें 23 जून 2015 को गिरफ्तार किया तथा आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर परिवाद पत्र प्रथम श्रेणी न्यायालय, मन्दसौर में वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 के नियमो के विरूद्ध दण्डित किये जाने हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी द्वारा प्रकरण में निर्णय 17 अगस्त 2023 को पारीत कर अभियुक्त लालूनाथ पिता कालूनाथ पर दोष सिद्ध करते हुवें 03 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा दी गई।
उक्त निर्णय के विरूद्ध अभियुक्तगण द्वारा न्यायालय में अपील प्रस्तुत की गई, जिस पर न्यायालय द्वारा 27 नवंबर 2025 को निर्णय देते हुवें अपील को खारिज कर पूर्व निर्णय को यथावत कर अभियुक्त पीरूनाथ पिता हरीसिंग व अर्जुननाथ पिता कालूनाथ दोनों निवासी पलवई को आरोप से दोष मुक्त किया गया एवं अभियुक्त लालूनाथ पिता कालूनाथ को प्रकरण में दोष सिद्ध कर 03 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10 हजार रूपये का अर्थदण्ड देकर सजा दी गई।
जिला जनसंपर्क कार्यालय मंदसौर(म.प्र.)
समाचार
कक्षा 6वीं प्रवेश परीक्षा हेतु नवोदय विद्यालय समिति ने जारी किए प्रवेश पत्र
प्रवेश परीक्षा 13 दिसंबर को मंदसौर जिले के 11 परीक्षा केन्द्रों पर होगी आयोजित
मंदसौर 4 दिसम्बर 25/ पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय लदुना, जिला मंदसौर के प्राचार्य श्री हरि शंकर रेगर ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा छठवीं के लिए उपलब्ध 80 सीटों पर प्रवेश हेतु पंजीकृत 3454 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र नवोदय विद्यालय समिति द्वारा जारी कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
किसी भी आवेदक को प्रवेश पत्र प्राप्त करने में समस्या होने पर वह कार्यालय समय में प्राचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय लदुना, जिला मंदसौर से संपर्क कर अपना प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकता है।
प्रवेश परीक्षा दिनांक 13 दिसंबर 2025 (शनिवार) को मंदसौर जिले के विभिन्न 11 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित है।
विद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय पर परीक्षा केन्द्र पर उपस्थित होने तथा प्रवेश पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखने की अपील की है।
जिला स्तरीय युवा संगम का आयोजन 5 दिसम्बर को आईटीआई मंदसौर में
मंदसौर 4 दिसंबर 25 / कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग के निर्देशन में जिले में रोजगार उन्मुख गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु जिला स्तरीय युवा संगम का आयोजन 5 दिसंबर को किया जाएगा। यह कार्यक्रम शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, मंदसौर में प्रातः 10:30 बजे से आयोजित होगा।
युवा संगम का उद्देश्य जिले के बेरोजगार युवाओं को विभिन्न रोजगार एवं कौशल विकास अवसरों से जोड़ना है। कार्यक्रम में युवाओं को अलग–अलग सेक्टरों में उपलब्ध रोजगार, प्रशिक्षण योजनाओं और उद्यमिता से संबंधित जानकारी प्रदान की जाएगी।
जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ अवश्य लें तथा अपनी योग्यता के अनुरूप रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें।
जिला जनसंपर्क कार्यालय मंदसौर(म.प्र.)
समाचार
मध्यप्रदेश में 97% से अधिक गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन पूरा
15 और जिलों में 100%, 33 ने पार किया 90% से अधिक का लक्ष्य
मंदसौर 4 दिसंबर 25 / मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि प्रदेश में गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन का कार्य तेज गति से जारी है।अभी तक मध्यप्रदेश में लगभग 5करोड़ 57लाख गणना पत्रकों का डिजीटाइजेशन पूरा हो चुका है। जो कुल कार्य का 97% से अधिक है।15 जिलों अशोक नगर,नीमच, बैतूल, गुना,मंडला, डिंडोरी, शाजापुर, सीहोर, सीधी, उमरिया, बुरहानपुर, मंदसौर,सतना, टीकमगढ़ और अलिराजपुर में शत्-प्रतिशत डिजीटाइजेशन का काम हो चुका है। श्री झा ने सभी शासकीय सेवकों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समयावधि से पूर्व यह उपलब्धि सभी के प्रयास और कर्तव्य निष्ठा से ही संभव हुई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि प्रदेश के 19अन्य जिलों ने 99प्रतिशत से अधिक,12जिलों में 98%और 6जिलों मे90%से अधिक कार्य पूरा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने डिजिटाइजेशन में लगे सभी शासकीय सेवकों, बीएलओ तथा सहयोगी नागरिकों के समन्वित प्रयास की सराहना की जिसके चलते निर्धारित समय से पहले ही कार्य पूर्णता की ओर है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में शत-प्रतिशत कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
मध्यप्रदेश की विरासत को मिला जीआई टैग
भारत की बौद्धिक संपदा अधिकार में शुमार मध्यप्रदेश की सम्पदा
खजुराहो स्टोन क्रॉफ्ट, छतरपुर फर्नीचर, बैतूल भरेवा मेटल क्रॉफ्ट, ग्वालियर पत्थर शिल्प और ग्वालियर पेपर मैशे क्रॉफ्ट को मिला जी आई टैग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री श्री काश्यप ने माना आभार और अधिकारियों को दी बधाई
पद्मश्री रजनीकांत ने बताया ऐतिहासिक पल
मंदसौर 4 दिसंबर 25 / भारत का दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश की 5 बहुत ही प्राचीन शिल्प कला को जीआई टैग के द्वारा भारत की बौद्धिक संपदा अधिकार में शुमार होने का गौरव प्राप्त हुआ है। एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने मध्यप्रदेश की विरासत को मिली इस ऐतिहासिक पहचान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। इस उपलब्धि को जीआई मैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रख्यात पद्मश्री डॉ. रजनी कांत ने अत्यंत गर्व का पल बताया है।
जीआई रजिस्ट्री चेन्नई के वेबसाइट पर इन उत्पादों के सामने रजिस्टर्ड का स्टेटस आते ही संबंधित शिल्पियों में खुशी की लहर दौड़ गई और मध्यप्रदेश के लिए यह पहल करने वाले सूक्ष्म,लघु,मध्यम उद्यम विभाग सहित अन्य विभागों में भी नई चेतना आ गईं है।
लगभग एक वर्ष पूर्व ही इन सभी के लिए जीआई का आवेदन खजुराहो स्टोन क्रॉफ्ट, बैतूल भरेवा मेटल क्रॉफ्ट, ग्वालियर पत्थर शिल्प और ग्वालियर पेपर मैशे के लिए नाबार्ड, मध्यप्रदेश ने और छतरपुर फर्नीचर के लिए सिडबी मध्यप्रदेश ने वित्तीय सहयोग प्रदान किया था। एमएसएमई विभाग मध्यप्रदेश के प्रयास से स्थानीय शिल्पियों की संबंधित संस्थाओं द्वारा यह सभी जीआई एप्लिकेशन पद्मश्री डॉ. रजनीकांत के तकनीकी सहयोग से भेजे गए थे।
नवम्बर माह में ही पन्ना डायमंड को जीआई टैग प्राप्त हुआ है और लगभग 25 उत्पादों की जीआई मिलने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।
जिला जनसंपर्क कार्यालय मंदसौर(म.प्र.)
समाचार
बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर गतिविधियों का करें संचालन
महिलाओं के कौशल उन्नयन के लिए तकनीकी शिक्षा व उद्योग विभाग के साथ मिलकर बनाएं कार्य योजना
लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के ड्राप आऊट पर रखें सख़्त निगरानी
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने में देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश
टेक होम राशन की फेस रिकग्निशन सिस्टम प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम लाभ पहुँचाने में राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना
स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ, देश में दूसरा स्थान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा
मंदसौर 4 दिसंबर 25 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियां बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वस्थ सर्वांगीण विकास और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित हैं। अधिक से अधिक लोगों तक विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों का सुगमता पूर्वक लाभ पहुंचाने के लिए सुशासन की भावना के अनुसार पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए गतिविधियों का संचालन किया जाए। कार्यक्रम क्रियान्वयन के अनुवीक्षण में आईटी का अधिक से अधिक उपयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य के लिए स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग तथा महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण के लिए कौशल उन्नयन व रोजगार की दृष्टि से तकनीकी शिक्षा तथा उद्योग विभाग से बेहतर समन्वय कर गतिविधियां संचालित करने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्रालय में हुई बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी वर्षों की कार्य योजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रदेश की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी भी चरण पर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों का ड्रॉप आउट न हो। ड्रॉपआउट होने वाली बालिकाओं पर सख़्त निगरानी रखी जाए और तुरंत कारणों का निराकरण कर उन्हें योजना में पुनः जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य पारदर्शिता, समयबद्धता और लाभार्थी-केंद्रित व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला स्तर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से समन्वय कर आंगनवाड़ियों की बाउण्ड्रीवॉल बनवाने के संबंध में निर्देश दिए।
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मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने जिलों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की प्रभावशीलता का अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान से वैज्ञानिक आधार पर अध्ययन कराने और उनकी उपयुक्तता के आधार पर अन्य जिलों में क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने जानकारी देते हुए कहा कि पीएम जनमन योजना अंतर्गत भवनों की डिज़ाइन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। इसी योजना में प्रदेश को सर्वाधिक 704 आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति मिली है, जिनमें निर्माण प्रगति देश में सर्वोच्च है। कुपोषण निवारण में झाबुआ जिले के “मोटी आई” नवाचार को देश के सर्वोच्च सम्मान—प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।
विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने में मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य बना।
टेक होम राशन की एफआरएस प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम। राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना।
स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ। प्रदेश, देश में दूसरे स्थान पर रहा।
भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित किया गया।
उपस्थिति के लिए 20 मीटर जियो-फेंसिंग व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता की मिसाल बनी।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता उपलब्ध कराई गई।
लाड़ली बहना योजना में जनवरी 2024 से नवंबर 2025 तक 36 हजार 778 करोड़ रूपए का अंतरण कि किया गया।
1 लाख 72 हजार महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता प्रदान की गई। वन स्टॉप सेन्टर्स द्वारा 52,095 महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस और 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया।
आंगनवाड़ी केंद्रों का बड़े पैमाने पर उन्नयन करते हुए 12 हजार 670 केंद्र ‘सक्षम आंगनवाड़ी’घोषित किए गए।
जिलों में हुए नवाचार
डिण्डौरी में संचालित रेवा प्रोजेक्ट के अंतर्गत् बच्चों की स्वास्थ्य जाँच के साथ-साथ उन्हें पोषण किट और स्वच्छता किट उपलब्ध कराई जा रही है।
अशोकनगर में हृदय अभियान के अंतर्गत बच्चों को जनसहयोग से पोषण सामग्री वितरित की जा रही है और पोषण स्तर का निरंतर फॉलोअप किया जा रहा है।
देवास में किलकारी अभियान के अंतर्गत विभाग की गतिविधियों में निजी संस्थाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
नीमच में ‘हमारी आंगनवाड़ी अभियान’ में कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने, उनकी देखभाल और नियकित हेल्थ चेक अप में पोषण मित्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
दतिया में मेरा बच्चा अभियान के अंतर्गत सक्षम व्यक्तियों को कुपोषित बच्चों को गोद लेने और उनका फॉलोअप करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के अंतर्गत निम्न बिन्दुओं पर हुआ विचार-विमर्श
मध्यप्रदेश में सेंट्रल किचन से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म भोजन की व्यवस्था 2026 से लागू की जाएगी।
विजन 2047 अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा की गुणवत्ता वृद्धि के लिए वर्क बुक और विकास कार्ड की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 34 लाख से अधिक बालिकाओं को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।
आंगनवाड़ी भवन निर्माण के मेगा प्लान के अंतर्गत अगले तीन वर्षों में 9,000 नए भवन बनाए जाएंगे।
हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमन योजना के अंतर्गत जेंडर, सुरक्षा व कानूनी सहायता के संबंध में बड़े पैमाने जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।
बेटो बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शाला त्यागी बालिकाओं को स्कूल शिक्षा पूर्ण कराने, बालिकाओं के कौशल प्रशिक्षण, आत्मरक्षा व ड्राइविंग लायसेंस उपलब्ध कराने के लिए गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।
प्रमुख बिन्दु
कार्यक्रम क्रियान्वयन के अनुवीक्षण में आईटी का अधिक से अधिक उपयोग करें।
आगामी वर्षों की कार्य योजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रदेश की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है।
किसी भी चरण पर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों का ड्रॉप आउट न हो।
महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
हमारा लक्ष्य पारदर्शिता, समयबद्धता और लाभार्थी-केंद्रित व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
जिला स्तर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से समन्वय कर आंगनवाड़ियों की बाउण्ड्रीवॉल बनवाने के संबंध में निर्देश दिए।
पीएम जनमन योजना अंतर्गत भवनों की डिज़ाइन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सराहा।
योजना में प्रदेश को सर्वाधिक 704 आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति मिली है, जिनमें निर्माण प्रगति देश में सर्वोच्च है।
कुपोषण निवारण में झाबुआ जिले के “मोटी आई”नवाचार को देश के सर्वोच्च सम्मान—प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से पुरस्कृत।



