मंदसौरमध्यप्रदेश

लोक अदालत में 05 जोडें साथ-साथ रहने पर सहमत हुये

 

श्रीमती साक्षी प्रसाद द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड, खंडपीठ कर्माक 31 के न्यायालय में इस वर्ष की अंतिम लोक अदालत में 05 जोडें साथ-साथ रहने पर सहमत हुये न्यायालय से गये।

मंदसौर- राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंदसौर श्री कपिल मेहता व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व न्यायाधीश श्री सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन एवं तहसील विधिक सेवा समिति नारायणगढ़ अध्यक्ष व न्यायाधीश श्री डालचन्द के मार्गदर्शन में इस वर्ष की आखरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 दिसम्बर 2024 शनिवार को तहसील न्यायालय नारायणगढ़ में मी सरस्वती एवं राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के चित्र पर माला पहनाई व दीप प्रज्जवलीत कर लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया। न्यायाधीश श्री डालचन्द ने उद्घोबाधन में कहा कि इस नेशनल लोक अदालत की उपयोगिता तभी सार्थक है, जब इसमें अधिक से अधिक राजीनामे हो. इससे पक्षकारों का समय और धन दोनो बचेगे। इसके साथ ही न्यायालय पर प्रकरणों का भार कम होगा।

इसके लिये 03 खंडपीठों का गढ़न किया है। जिसमें प्रीलिटिगशन के न्यायालय में लंबित आपराधिक, परकाम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 के चक बाउस संबंधी, धन वसूली संबंधी, भरण पोषण प्रकरणों का निराकरण के लिये रखा गया। जिसकी सुनवाई के बाद खंडपीठ के पीठासीन अधिकारियों द्वारा निराकरण कर पक्षकारों को लाभांवित किया गया। इस लोक अदालत में श्री डालचन्द व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड नारायणगढ कमांक 29 के न्यायालय में कुल 50 प्रकरणों हुआ तथा श्री सौरभ कुमार सिंह प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड, खंडपीठ कमांक 30 के न्यायालय में कुल 52 प्रकरणों हुआ तथा श्रीमती साक्षी प्रसाद द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड, खंडपीठ कमांक 31 के न्यायालय में कुल 60 प्रकरणों में राजीनामा हुआ है।

इस प्रकार श्रीमती साक्षी प्रसाद द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड, खंडपीठ कमांक 31 के न्यायालय में पक्षकारो 01. श्रीमती कृष्णा व महेश, 02. श्रीमती पूजा व राजू 03 श्रीमती कृष्णा व अर्जुन 04. श्रीमती अंजुबाला व लालचन्द 05. श्रीमती राधा व राजेन्द्र का अपने पति से कई वर्षों से मन मुटाव होने से दम्पती पृथक पृथक निवास करने लगे थे, माननीय न्यायालय व अभिभाषक व सामाजिक कार्यकर्ता के प्रयासों से दोनों के मध्य विवाद आपसी समझौते से समाप्त हुआ था दोनों साथ-साथ रहने पर सहमत हुये एवं दम्पति ने एक दुसरे को माला पहनाई एवं न्यायालय परिसर से ही साथ रहने के लिये दोनों न्यायालय से गये।

तहसील न्यायालय नारायणगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में अभिभाषक संघ अध्यक्ष एम. सय्यद मंसूरी, समस्त अधिवक्तागण, थाना प्रभारी नारायणगढ़ श्री अनिल रघुवंशी, सामाजिक कार्यकता, भारतीय स्टेट बैंक सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक, बी.एस.एन.एल के प्रतिनिधि व न्यायिक कर्मचारीगण का सराहनीय योगदान रहा है।

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