
शिवशक्ति शर्मा ने अपनी काव्य संग्रह”सोच हो सागर सी” की पुस्तकें सभी को भेंट की
ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मासरस्वती पूर्व छात्र परिषद ताल द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर ताल के सभागार में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह के इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्या भारती के मालवा प्रांत के प्रमुख सुंदरलाल शर्मा थे। अध्यक्षता क्षेत्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं दिलीप शर्मा ने की। सरस्वती शिशु मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष राजेश परमार एवं सरस्वती पूर्व छात्र परिषद के अनुपम बोड़ाना विशेष अतिथि थे। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य अतिथि श्री शर्मा ने कहा कि शिक्षक,डॉक्टर एवं साधु के सामने व्यक्ति अपने मन की बात कहने में कोई संकोच नहीं करता है। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना 1952 में की गई थी। इन विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में असरकारी काम करना था। शिशु मंदिर से पढ़े छात्र और छात्राएं आज प्रशासन, विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के साथ काम कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पं दिलीप शर्मा ने कहा कि शिक्षा में अनुशासन का बहुत महत्व है। और आज अनुशासन की कमी के कारण शिक्षा के क्षेत्र में वांछित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं ।इसलिए शिक्षा में अनुशासन बनाने की आवश्यकता है। विशेष अतिथि राजेश परमार ने कहा कि डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्श आज के शिक्षकों को अपने जीवन में उतरना चाहिए। इसी से शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार आएगा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि अनुपम बोड़ाना, शिक्षाविद एवं सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक वरिष्ठ पत्रकार शिव शक्ति शर्मा, प्राचार्य शा बा उ मा वि ताल विनोद कुमार शर्मा, प्राचार्य शा क उ मा वि ताल प्रमोद कुमार भट्ट, विष्णुकांता माहेश्वरी, सेवानिवृत शिक्षक श्री कृष्ण चंद्र शास्त्री ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर सरस्वती पूर्व छात्र परिषद द्वारा सेवानिवृत शिक्षक मांगीलाल गेहलोत, कृष्ण सिंह सिसोदिया,इस्माइल शाह ,लक्ष्मी नारायण व्यास, राधे श्याम बैरागी सरफराज खान पठान ,बाबूलाल सितपुरिया, शिव शक्ति शर्मा ,इंदर सिंह सौलंकी, प्रकाश वर्मा, प्रताप नारायण दीक्षित,जुगल किशोर जायसवाल,मुन्नीलाल दिवाकर,रईस मोहम्मद खान सरस्वती धनौतिया एवं विभिन्न संस्था प्रधानों एवं शिक्षकों को सम्मानित किया गया ।संचालन मोहित शर्मा एवं प्रज्ञा परमार ने किया। आभार जगदीश राठौड़ ने माना।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य रवि राठौड़, समिति सदस्य ईश्वर लाल पाटीदार, रमेश सोनी,मनीष भट्ट, विनोद धानगढ़, राम सिंह आदि उपस्थित थे।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक एवं वरिष्ठ पत्रकार शिवशक्ति शर्मा ने अपनी स्वरचित काव्य संग्रह *”सोच हो सागर सी”*की पुस्तकें सभी सम्मान पाने वाले महानुभावों को भेंट की।



