भोपालमध्यप्रदेश

पथ विक्रेताओं से नहीं होगी वसूली, हाथ ठेला खरीदने की अनुदान देगी मप्र सरकार मुख्यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान

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✍️विकास तिवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश के पथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) से अब प्रतिदिन की शुल्क वसूली नहीं होगी, यह तत्काल बंद की जाएगी। स्ट्रीट वेंडर्स से पंजीयन के लिए नाम मात्र का शुल्क लिया जाएगा। हाथठेला लगाने के लिए व्यवस्थित और उपयुक्त स्थान तैयार किए जाएंगे। गरीबों की जिंदगी में खुशियां लाने का प्रयास हमेशा जारी रहेगा।

यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को नगरीय क्षेत्र के हाथ ठेला चालक, फेरी एवं रेहड़ी वालों की महापंचायत में कही। उन्होंने कहा कि हाथ ठेला रोजी-रोटी का साधन है। आज मैं तत्काल प्रभाव से निर्देश दे रहा हूं कि, कोई भी हाथ ठेला जब्त नहीं होगा। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नियम बना दिए जाएं। जिनके पास हाथ ठेला नहीं है उनको अनुदान पर हाथ ठेला देने की योजना बनाई जाएगी। इसके लिए सरकार पांच हजार रुपये अनुदान देगी।

मुख्यमंत्री ने पुष्प-वर्षा कर पथ विक्रेताओं का स्वागत किया और पीएम स्वनिधि योजना में प्रतीक स्वरूप हितग्राहियों को लाभांवित किया। प्रदेश में योजना से कुल 51 हजार हितग्राही लाभांवित किए गए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त भरत यादव ने बताया कि हितग्राहियों को 10 हजार, 20 हजार और 50 हजार रुपये का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाता है। कार्यक्रम में विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पथ विक्रेता श्रम साधक हैं, संगठित होकर काम करें-

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पथ विक्रेता श्रम साधक हैं। खून-पसीना एक कर रोजी-रोटी कमाते हैं। आपके बिना दुनिया नहीं चल सकती है। गांव से शहर में आने वाले गरीबों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। सामाजिक क्रांति लाकर पथ विक्रेताओं की हालत बदल दी जाएगी। आप कमजोर नहीं ताकतवर बनें। इसके लिए संगठित होकर काम करें। अपना एक संगठन बनाएं। हाथठेला में कचरा पेटी रखें और सोलर बैट्री लगाए, शराब न पिएं।

बनाएंगे हाकर्स जोन-

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हाथठेला-चालक और पथ-विक्रेताओं के लिए शहरों में हाकर्स जोन बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम स्व-निधि योजना लागू कर कोरोना काल में पथ-विक्रेताओं को बहुत बड़ी राहत दी। इस योजना में मध्य प्रदेश देश में एक नंबर पर है। योजना में नौ लाख 50 हजार पंजीयन हुए हैं और सात लाख एक हजार पथ-विक्रेताओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है।

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