मकान में आग लगाने वाले आरोपी को तीन वर्षों के कठोर कारावास ओर जुर्माने की सजा

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राजगढ़। जिला न्यायालय राजगढ़ में पदस्थ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रत्नेश चन्द्र सिंह बिसेन द्वारा पुलिस थाना कालीपीठ के एक आपराधिक प्रकरण में फैसला सुनाते हुयेें आरोपी जयसिंह पिता चम्पालाल तंवर निवासी ग्राम देहरी जागीर थाना कालीपीठ जिला राजगढ़ को धारा 436 भा.द.वि. में तीन वर्षों के कठोर कारावास के साथ ही 10000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है।
घटना की जानकारी देते हुए प्रकरण में राज्य सरकार की और से पैरवी कर रहे लोकअभियोजक जे.पी.शर्मा नें बताया कि घटना दिनाँक 03.07.2019 की होकर फरियादी कन्हैयालाल पिता जगन्नाथ तंवर निवासी ग्राम देहरी जागीर ने पुलिस थाना कालीपीठ को इस आशय की रिपोर्ट लेखबद्ध करवाई की वह घटना के समय अपने घर मे सो रहा था तभी घर में खटपट की आवाज सुनकर वह उठा और देखा तो आरोपी जयसिंह उसके मकान में पुरानी रंजिश को लेकर आग लगा रहा था। फ़रियादी नें चिल्लाचोंट की तो आरोपी ने कहा कि उसकी ओर झूंठी रिपोर्ट करो तो में ऐसे ही घर मे आग लगाऊंगा। फ़रियादी की चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव का धन्नालाल और जयसिंह भी घटनास्थल पर आ गए उन्होंने भी आरोपी जयसिंह को आग लगाकर भागते हुए देखा था।
प्रकरण में अभियोजन की ओर से घटना के स्वयं फ़रियादी कन्हैयालाल चक्षुदर्शी साक्षी धन्नालाल जयसिंह जो कि घटना के प्रत्यक्षदर्शी साक्षी है के कथन न्यायालय में करवाये गए तथा प्रकरण में कार्यवाही करने वाले पुलिस साक्षी थाना कालीपीठ के प्रधान आरक्षक पुरुषोत्तम शर्मा और विवेचना अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक श्याम सिंह तोमर के कथन भी माननीय विचारण न्यायालय में गवाह के रूप में करवाये गए।
न्यायालय द्वारा समस्त साक्षीगण के कथन और लोकअभियोजक जे.पी.शर्मा के तर्कों के आधार पर आरोपी जयसिंह तंवर को धारा 436आई.पी.सी के अपराध का दोषी पाया जाकर तीन वर्ष का कठोर कारावास की सजा ओर 10000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड की राशि मे से 7000 रुपये फ़रियादी कन्हैयालाल को प्रतिकर के रूप में भी दिलाये गए हैं।