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किसी प्राणी की उपेक्षा करना साक्षात परमात्मा का अपमान करने के समान- राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि जी

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मंदसौर। किसी प्राणी की उपेक्षा करना साक्षात परमात्मा का अपमान करने के समान है, क्योंकि प्रत्येक जीवात्मा में परमात्मा का निवास है। उक्त विचार राष्ट्र संत श्रीकमलमुनि कमलेश ने व्यक्त किए।
संतश्री ने कहा कि उपेक्षा करना और उपेक्षा सहना दोनों ही हिंसा का प्रतीक है।
अपेक्षा की पीड़ा असहनीय व दर्दनाक होती है, जो व्यक्ति को गम के सागर में डूबा देती है। यें अशांति का मूल कारण यही है।
मुनि श्री कमलेश ने बताया कि उपेक्षा की पीड़ा से मानसिक रोगों का शारीरिक रोगों का शिकार होता है। आत्म साधना का खतरनाक शत्रु है।
राष्ट्रसंत ने कहा कि किसी व्यक्ति से जितनी ज्यादा अपेक्षा रखोगे उतनी ही ज्यादा उपेक्षा की पीड़ा सहनी पड़ेगी। डिंप्रेशन हार्ड अटैक ब्रेन हेमरेज जैसे असाध्य रोगों का शिकार होता है।
जैन संत ने कहा कि अपेक्षा और उपेक्षा दोनों से ऊपर उठकर ही साधना के मार्ग में आगे बढ़ सकता है।
धर्मसभा में पीयूष विजय जी ने कहा कि निस्वार्थ भाव से निष्काम कर्म करने पर ही अपेक्षा और उपेक्षा पर विजय प्राप्त की जा सकती है। शासन प्रभाव भव्य मुनि जी ने कहा कि अंतरात्मा की यात्रा की साधना का नाम ही धर्म है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा जिला प्रतापगढ़ प्रविता तड़वेचा, चेतना भटेवरा, शांति वीरवाल, दीप्ति चंडालिया ने गोसेवा महिला मंडल बनाकर दांथल गौशाला में राज्य संत के सानिध्य में गौ सेवा की 108 गोसेवा महिला मंडल के बनाने का संकल्प लिया।


अनुशासन के अभाव में कठोर परिश्रम भी सफलता नहीं दिला सकता- राष्ट्रसंत श्री कमलमुनिजी
मंदसौर। अनुशासन विकास का मूल मंत्र धर्म का प्राण और मोक्ष का द्वार है। उक्त विचार राष्ट्र संत श्री कमलमुनि कमलेश ने विद्यार्थियों को संयुक्त रूप से संबोधन में व्यक्त किया।संतश्री ने कहा कि अनुशासन के अभाव में कठोर परिश्रम भी सफलता नहीं दिला सकता है। आत्मानुशासन सर्वश्रेष्ठ और महान है। इसका पालन करने वाला जिंदगी में कभी ठोकर नहीं खाता है।
मुनि श्री कमलेश ने बताया कि अनुशासनहीनता दुर्बुद्धि से दिखता है। इसके विनाश को परमात्मा भी नहीं रोक सकता है।
राष्ट्रसंत ने कहा कि अनुशासन में रहने वाला परमात्मा का दूसरा रूप है। ये सफलता में ऑक्सीजन की भांति काम करता है।
जैन संत ने कहा कि अनुशासन के अभाव में कठोर से कठोर साधना करें तो भी धार्मिकता में प्रवेश नहीं हो सकता है।
इस मौक़े पर भावगढ़ थाना प्रभारी अरविंद सिंह राठौड़ ने कहा कि ऊर्जा को सही दिशा मिल जाए तो ऊंचाइयों को छूने से कोई नहीं रोक सकता है। शासकीय माध्यमिक विद्यालय सुमन अक्षर ज्ञान मंदिर पब्लिक स्कूल सभी स्कूल के विद्यार्थियों ने नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया।  प्रिंसिपल नरेंद्र कुमार सैनी, कैलाश पाटीदार, मुकेश सोनी उपसरपंच, हरिओम पाटीदार, नंदलाल पालीवाल,  गोपाल वीरवाल, पूर्व सरपंच घनश्याम पाटीदार, नरेंद्र वीरवाल, चांदमल जैन, अरविंद सोनी, नितेश डूंगरवाल, अजीत खटोड़, संजय पोरवाल, मनीष भटेवरा, कमलेश जैन, नंदकिशोर मेहता, निर्भय राम, शोभाराम, मंगल सोनी सभी ने राष्ट्रसंत का नागरिक अभिनंदन किया।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष चोर्डिया ने प्रभावना वितरित की।
30 नवंबर को सुबह 9:00 बजे करना खेड़ी में प्रवचन होंगे। दोपहर 3:00 बजे करजू विद्यालय में प्रवचन होंगे।
– गौशाला का उद्घाटन 1 को
1 दिसंबर को आंकोदड़ा ग्राम पंचायत की ओर से मगरीमाता कृष्णकमल गोशाला का उद्घाटन होगा।  विधायक यशपाल सिसोदिया, जिलाधीश महोदय गौतम सिंह,  जिला पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहेंगे।

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