आलोट विकासखण्ड में परिक्षा शुल्क जमा करने मे गडबड घोटाला ? लाखों की कथित गडबडी,?

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✍️राजेन्द्र देवड़ा
आलोट। विकासखंण्ड के कतिपय शासकीय शैक्षणिक संस्थाओं मे कथित अनियमितताओं के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है जिसमे से पुर्व मे ताल के शासकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के एक तत्तकालीन प्राचार्य के कथित अनियमितता आदि के मामले मे उनके विरूद्ध एफआई आर दर्ज होने के बावजुद भी आर्थिक अनियमितताअेा आदि के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है।
सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आलोट विकासखण्ड के एक शासकीय हायर सेकंडरी विद्यालय के तत्तकालीन प्राचार्य के चार वर्षो के कार्यकाल छात्राओं से एकत्रित नामांकन शुल्क एवं बोर्ड परिक्षाओं की शुल्क राशि 729650 रूपये सात लाख उन्नतीस हजार रूपये मे से केवल 99225/-रूपये निन्यान्वे हजार दो सौ पच्चीस रूपये माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के जमा कराये गये। तत्त्कालीन प्राचार्य पर आरोप है कि कथित रूप से 630450रूपये छःलाख चार सौ पचास रूपये माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल को जमा नहीं कराये गये जिसमे संबंधित तत्तकालीन प्राचार्य को जिला शिक्षा अधिकारी रतलाम द्वारा दिनांक 15 फरवरी 2023 पंद्रह फरवरी दो हजार तेवीस को कारण बताओ सुचना पत्र जारी किया गया।जिसके प्रतिउत्तर दिनांक 20-02-2023 के अनुसार इन्होने कराया था कि इनके द्वारा छात्राओ से बोर्ड परीक्षा शुल्क एवं नामांकन शुल्क वसुल नहीं किया गया ।संस्था के तीन का नाम उल्लेख कर उनके द्वारा कार्य किया जाना बताया गया। तीनों शिक्षको को कारण बताओ सुचना पत्र दिनांक 01 -03-2023 कर स्पष्टीकरण चाहा गया।उक्त तीनों शिक्षको के द्वारा प्रत्युत्तर के परिक्षण मे स्पष्ट हुवा कि संबंधितों के द्वारा स्थानिय शुल्क,नामांकन शुल्क,बोर्ड परिक्षाओं की शुल्क संग्रहण उपरांत तत्तकालीन प्राचार्य को जमा कराई गई।
जिसमे शिक्षा विभाग के अधिकारीयो ने छात्राओं के भी सहमती कथन लिये हे।जिसमे प्रतिउत्तर मे शिक्षा विभाग को परिक्षण उपरांत स्पष्ट हुआ है कि संबंधित तत्तकालीन प्राचार्य ने कथित रूप से अनुसुचित जाति/जनजाति तथा संबंल छात्रों के नामांकन शुल्क एवं कक्षा 10 वीं व 12 वीं के विद्यार्थियों से बोर्ड परीक्षा शुल्क राशि रूपये 630450 रूपये छःलाख तीस हजार चार सौ पचास रूपये माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल को जमा नहीं कराई गई है। न ही वापस छात्र छात्राओं को लोटाई गई।
उक्त संबंध मे शिक्षा विभाग के जिला अधिकारी डी ई ओ का एक आदेश पत्र क्रमांक /सतर्कता/2023/536 दिनांक 13 -03-2023 सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमे उल्लेख होकर आरोप है कि कथित रूप से सात दिवस मे राशि जमा करावे ,विहित अवधि मे राशि जमा नहीं कराई गई तो शासकीय धन अमानत मे खयानत के अंतर्गत पुलिस मे प्राथमिकी दर्ज कराई जाने की चेतावनी दी गई हे।इसी प्रकार उक्त पत्र के उपरांत संबंधित तत्तकालीन प्राचार्य एवं वर्तमान मे शिक्षा विभाग मे अधिकारी को पत्र क्र0 558 दिनांक 21/03/2023 जारी होकर उक्त मामले मे जस्तावेज जुटाने के लिये जिला शिक्षा अधिकारी से एक माह की मोहलत मांगने पर एक माह की मोहलत देने का पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है ।जिसमे 21 अप्रेल को एक माह से अधिक समय होने को हे।
वहीं उक्त कथित पत्र आरोपेा को लेकर संबंधित तत्तकालीन अधिकारी प्राचार्य से संपर्क करने पर उन्होने किसी भी प्रकार के पत्र वायरल होने की जानकारी से अनभिज्ञता जताई।
सुत्रों की माने तो बताया जाता है कि शासन ने छात्र छात्राओ से शासन ने शुल्क वसुल की थी परंतु उक्त अनुसुचित जाति/जनजाति तथा संबंल छात्रों के नामांकन शुल्क एवं कक्षा 10 वीं व 12 वीं के विद्यार्थियों से बोर्ड परीक्षा शुल्क वसुलने के बाद पुनः वापस राशि लोटाने के आदेश जारी हुवे थे जिसमे आरोप है कि वसुली तो हो गई परंतु शुल्क माफि होने पर वापस उनको राशि नहीं दी गई,?
इस मामले मे जब हमने के सी शर्मा जिला शिक्षा अधिकारी जिला कार्यालय रतलाम से जानकारी चाही तो आपने कहा कि हॉं उक्त मामले मे लेटर जारी हुवे है और वे सही है जो सोशल मीडिया पर वायरलहो रहे हे।संबंधित संस्था द्वारा बच्चो से शुल्क वसुली के बाद उस राशि को पुनः बच्चो को राशि वापस करनी थी परंतु उसे वापस नही की गई।इस मामले मे जॉंच कर ली गई है।राशि वसुलने के लिये कहा गया है।यह राशि जमा करावे ताकि वापस बच्चों को राशि दी जा सके।उन्होने दस्तावेज मांगे थे हम उनको दे रहे हे।उन्होने मोहलत समय मांगा था वह समय हमने दे दिया है जो पुरा होने वाला है और जो दस्तावेज उन्होने मांगे है ।