मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 14 जून 2024

 

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गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत मल्हारगढ़ में कुए की साफ सफाई की गई

मंदसौर 13 जून 24/ गंगा संवर्धन अभियान जल संरचनाओं के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेशभर
में चल रहे इस अभियान के तहत जिले में प्रतिदिवस चलाया जा रहा है । जिसके अंतर्गत नगर परिषद भवन
के नजदीक वार्ड क्रमांक 12 में प्रा.वि.परिसर स्थित एक और बंद पड़े कुए को स्वच्छ करने का संकल्प लेकर
कुए की मिट्टी हटाई जा रही है। इसे शुध्द उपयोगी योग्य पानी के रूप में सुचारू किया जाने का प्रयत्न किया
जा रहा है। बढ़ते जल संकट से बचने के लिए नागरिकों को पानी के सदुपयोग की सलाह भी साथ साथ दी
गई। पर्यावरण को बचाने हेतु वृक्षारोपण कार्य भी नगर परिषद द्वारा प्लांट पर किया जा रहा है। वार्ड 12
स्थित कुए पर मिट्टी की सफाई का कार्य प्रारंभ किया गया एवं कुए की सफाई का कार्य किया गया।

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ग्राम बुढा में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तालाब गहरीकरण किया
मंदसौर 13 जनू 24/ जल गंगा संवर्धन अभियान में जल-स्रोतों के संरक्षण और साफ-सफाई
अभियान चला कर ग्राम बुढा में तालाब गहरीकरण किया गया। तालाब का जनभागीदारी से
गहरीकाण का कार्य प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत 16 जून तक जिले में जल के
स्रोतों , जैसे नदी, कुएं, तालाब, बावड़ियों आदि को स्वच्छ रखने और आवश्यकता होने पर उनके
गहरीकरण की गतिविधियां आयोजित की जा रही है। यह कार्य जनसहभागिता से हो रहा है। इससे
जल स्रोतों के प्रति सामाजिक चेतना जागृत करने और जनसामान्य का जल स्रोतों से जीवंत संबंध
विकसित करने में मदद मिलेगी। पेयजल की आपूर्ति में नदियां, बावड़ियां, कुएँ व तालाब महत्वपूर्ण
भूमिका निभाते हैं, "जल ही जीवन है" केवल स्लोगन नहीं है, यह जल स्रोतों की हमारे जीवन में
भूमिका से स्पष्ट होता है। हमारी यह पीढ़ी इन जल संरचनाओं की महत्ता से परिचित हो, हमारा संबंध
जल संरचनाओं से अधिक प्रगाढ़ हो, यही इस अभियान का उद्देश्य है। तालाबों से निकलने वाली
मिट्टी, किसानों को खेतों में उपयोग के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे खेतो में फसल की अच्छी
पैदावार होने से किसानों को मुनाफा होगा साथ ही तालाब गहरीकरण से जल भराव होने पर पानी
की कमी दूर होगी। आस पास के कुएं भी रिचार्ज होते रहेगें, जिससे सभी को फायदा होगा।
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गंगा दशहरा पर पशुपतिनाथ मंदिर में विभिन्न कार्यक्रम होंगे आयोजित

मंदसौर 13 जून 24/ जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत गंगा दशहरा 16 जून 24 को पशुपतिनाथ
मंदिर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसके अंतर्गत प्रातः 7 बजे शिवना घाट पर सफाई,
श्रमदान और गंगा माता कि अवतरण की झांकी, शाम 4 बजे सुंदरकांड, शाम 7 बजे दीप प्रज्वलन एवं शाम 8
बजे आरती एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम पर मंदिर में विद्युत साज सज्जा,
चुनरी फ्लावर, डेकोरेशन एवं रंगोली आदि बनाए जाएंगे।

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केन्द्रीय योजनाओं के साथ हर परिवार को खुशहाल बनाने में आगे मध्यप्रदेश

मंदसौर 13 जून 24/ मध्यप्रदेश की सुविचारित जन-हितैषी योजनाओं के साथ केन्द्रीय योजनाओं का
सहयोग लेकर हर परिवार को समृद्ध बनाने की एक सशक्त शुरूआत के परिणाम बीते छह महीनों में
रेखांकित हुए हैं। मध्यप्रदेश के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। केन्द्र और राज्य की योजनाओं में परस्पर
समन्वय बैठाने और लगातार समीक्षाओं के कारण अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने का श्रेय मुख्यमंत्री डा
मोहन यादव को जाता है। भारत सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अन्य राज्यों से
लगातार आगे चल रहा है। विभिन्न योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों को मध्यप्रदेश ने शत-प्रतिशत पूरा किया
है। साथ ही कुछ योजनाओं में लक्ष्य से अधिक उपलब्धि अर्जित की है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन
यादव के कुशल मार्गदर्शन और प्रभावी नेतृत्व में प्राप्त हुई है।
स्ट्रीट वेंडर्स को स्व-रोजगार के लिए ब्याज मुक्त लोन देने की पीएम स्वनिधि योजना में मध्यप्रदेश
सरकार निर्धारित लक्ष्य 7 लाख 46 हजार 600 के विरूद्ध अभी तक 11 लाख 74 हजार 96 स्ट्रीट वेंडर्स
को लोन वितरित कर चुकी है। यह उपलब्धि 157 प्रतिशत से अधिक है। योजना में पहली बार 10 हजार,
दूसरी बार 20 हजार और तीसरी बार 50 हजार रूपये का ब्याजमुक्त लोन दिया जाता है। इसी तरह
अमृत सरोवर योजना में 3900 सरोवर बनाने का लक्ष्य था, लेकिन 5812 अमृत सरोवर बनाये जा चुके
हैं। यह उपलब्धि 149 प्रतिशत है। किसानों की जमीन की जांच कर स्वाइल हेल्थ कार्ड देने की योजना में
कुल 6 लाख 31 हजार 437 कार्ड वितरित करना था। सरकार तत्परतापूर्वक कार्रवाई कर अभी तक 11
लाख 89 हजार 505 स्वाइल हेल्थ कार्ड वितरित कर चुकी है। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 188 से
अधिक है। मध्यप्रदेश ने पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, स्वामित्व
योजना, भारत नेट, किसान क्रेडिट कार्ड और अटल पेंशन योजना में भी शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की
है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना में कुल लक्ष्य 83 लाख 83 हजार 208, पीएम जीवन ज्योति
बीमा योजना में 93 लाख, स्वामित्व योजना में 43 हजार 130 गाँवों का ड्रोन से सर्वे, भारत नेट योजना
में 20 हजार 422 ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर केबल स्थापित करने, किसान क्रेडिट कार्ड योजना
में 65 लाख 83 हजार 726 कार्ड वितरित करने और अटल पेंशन योजना में 26 लाख 15 हजार किसानों
को लाभान्वित करने का लक्ष्य था। इन लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा किया गया है।
आवासहीनों को आवास उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास (शहरी) में
लक्ष्य 8 लाख 40 हजार 940 के विरूद्ध 7 लाख 88 हजार 140 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा
चुका है। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 37 लाख 70 हजार 397 के लक्ष्य के विरूद्ध
36 लाख 3 हजार 960 आवास बनाये जा चुके हैं। जल जीवन मिशन में 83 लाख 27 हजार 582 घरों में
नल से जल पहुँचाने का लक्ष्य था। अभी तक 70 लाख 14 हजार 609 घरों में नल से जल उपलब्ध कराया
जा चुका है। आयुष्मान भारत योजना गरीबों की बीमारी के उपचार के लिए रामबाण साबित हुई है। इस
योजना में 4 करोड़ 70 लाख 96 हजार 914 हितग्राहियों को कार्ड वितरित करने का लक्ष्य था। अभी तक
लगभग 4 करोड़ कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 72 हजार 993
किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य था। यह लक्ष्य लगभग पूरा कर लिया गया है। पशुपालकों के लिए
किसान क्रेडिट कार्ड योजना में 4 लाख 76 हजार पशुपालकों को कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। मछली
पालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना में एक लाख 48 हजार 910 के लक्ष्य के विरूद्ध एक लाख 35
हजार 510 मछली पालकों को कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। उपलब्धि का प्रतिशत 91 है। इन सभी
योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से हितग्राहियों का जीवन स्तर सुधारने के प्रयास लगातार जारी हैं। मध्य
प्रदेश नये लक्ष्यों और नई कार्ययोजनाओं के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।

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मध्यप्रदेश बन रहा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का केन्द्र

मंदसौर 13 जून 24/ मध्यप्रदेश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विकास पर विशेष जोर
दिया जा रहा है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के
सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प को पूरा करने की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रही है। प्रदेश में
सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सनातन परम्परा के गौरव को संरक्षित करने और सहेजने की पहल के कई
निर्णय लिये हैं।
प्रदेश में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये चित्रकूट को अयोध्या की
तर्ज पर विकसित किया जायेगा। साथ ही चित्रकूट सहित राम वन पथ गमन मार्ग के सभी प्रमुख स्थलों
को विकसित करने के लिये पूरी कार्य-योजना बनाकर उसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय भी
लिया गया है। इसी तरह 1450 किलोमीटर की दूरी वाले राम वन पथ गमन मार्ग को प्रदेश के
सांस्कृतिक पर्यटन के लिहाज से भव्य धार्मिक केन्द्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। राम
वन पथ गमन मार्ग के विकास से समीपीय क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी प्राप्त
होंगे। राम वन पथ गमन के लिये तैयार की गई कार्य-योजना में 23 प्रमुख धार्मिक स्थल हैं, जिनमें
सतना, पन्ना, कटनी, अमरकंटक, शहडोल, उमरिया आदि जिलों को भी शामिल किया गया है। इसके
अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया गया कि जहाँ-जहाँ भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े, उन स्थानों को तीर्थ
के रूप में विकसित किया जायेगा। महाकाल की नगरी उज्जैन को व्यवसाय, पर्यटन एवं विकास की राह
में आगे बढ़ाने के मकसद से इस वर्ष उज्जैन में विभिन्न सांस्कृतिक, व्यापारिक एवं औद्योगिक आयोजन
किये गये।
इस वर्ष फरवरी माह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विक्रमोत्सव के अवसर पर विश्व की
पहली “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’’ का शुभारंभ कर भारतीय काल गणना परम्परा का साक्षात्कार पूरी
दुनिया से कराया। इस वर्ष शासकीय कैलेण्डर में विक्रम संवत अंकित करना प्रारंभ किया गया।
मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अभ्युदय के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महत्वपूर्ण निर्णय
लिये हैं। इंदौर से उज्जैन एवं मण्डलेश्वर ज्योतिर्लिंग तथा जबलपुर से चित्रकूट तथा ग्वालियर से
ओरछा एवं पीताम्बरा पीठ के लिये हेलीकॉप्टर सेवाएँ प्रारंभ की जायेंगी। पर्यटकों को हवाई यात्रा की
सुविधा उपलब्ध कराने के लिये पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा एवं पीएम श्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा
का शुभारंभ किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश के श्रद्धालुओं की सुविधा के
लिये अयोध्या में एक आस्था-भवन (धर्मशाला) निर्माण करने का निर्णय लिया गया है। कुटीर उद्योग
को बढ़ावा देने के लिये देवालयों में लगने वाली सामग्री जैसे भगवान के वस्त्र-आभूषण, श्रृंगार सामग्री,
धातु एवं पत्थर की मूर्तियों का निर्माण स्व-सहायता समूह द्वारा कराये जाने का निर्णय लिया गया है।
साथ ही क्षेत्र के युवाओं को इसके लिये प्रख्यात कलाकारों से प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और मंदिरों में
इन सामग्रियों के विक्रय के लिये स्टॉल की व्यवस्था की जायेगी। यूनेस्को के विश्व हेरिटेज सेंटर द्वारा
प्रदेश की 6 धरोहरों को सम्मिलित किया गया है। इसमें ग्वालियर किला, धमनार का ऐतिहासिक
समूह, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, चंबल घाटी के रॉक कला स्थल, खूनी भंडारा, बुरहानपुर
और रामनगर, मंडला का गौंड स्मारक शामिल है। मध्यप्रदेश में क्रूज टूरिज्म को गति प्रदान करने के
लिये मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण एवं गुजरात सरकार के साथ
एमओयू किया गया, जिसके तहत ओंकारेश्वर स्थित एकात्मधाम (स्टेच्यु ऑफ वननेस) से गुजरात के
केवड़िया में स्थित स्टेच्यु ऑफ यूनिटी तक संचालित किया जायेगा।

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तालाबों से प्राप्त कीचड़, गाद, मिट्टी के विभागीय उपयोग पर रॉयल्टी नहीं लगेगी

परिवहन और जल संवर्धन के निर्देश जारी

मंदसौर 13 जून 24/ प्रदेश के सभी कलेक्टरों को तालाबों के गहरीकरण से प्राप्त कीचड़, गाद,
मिट्टी के बिना रॉयल्टी भुगतान के परिवहन-जल संवर्धन के संबंध में निर्देश जारी किये हैं। खनिज
संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव श्री निकुंज श्रीवास्तव ने निर्देश में कहा कि विभाग की अनुमति से
तालाब, बाँध, नहर, स्टाप-डेम, जल निकाय से कीचड़, गाद, मिट्टी निकाली जाती है। ऐसी निकाली
गई कीचड़, गाद, मिट्टी का उपयोग संबंधित शासकीय विभाग द्वारा स्वयं के विभागीय कार्यों में पूर्णत:
उपयोग किया जाता है, तो ऐसी कीचड़, गाद, मिट्टी पर कोई रॉयल्टी देय नहीं होगी और ऐसी
निकाली गई कीचड़, गाद, मिट्टी के परिवहन के लिये नियमों के अधीन कोई परिवहन अनुज्ञा प्राप्त
करने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित अथवा संधारित किसी तालाब,
स्टॉप-डेम, जल निकाय से कीचड़, गाद, मिट्टी निकाली जाती है और उसका उपयोग ग्राम पंचायत
द्वारा स्वयं के विभागीय कार्यों में पूर्णत: किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में कोई रॉयल्टी देय नहीं होगी
और न ही परिवहन अनुज्ञा प्राप्त करने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि संबंधित शासकीय
विभाग या ग्राम पंचायत इसका विक्रय नहीं कर सकेंगे और न ही विक्रय करने की अनुमति किसी को
देंगे।
प्रमुख सचिव ने बताया कि जल-स्रोतों से निकाली गई कीचड़, गाद, मिट्टी की स्थानीय ग्रामीणों,
ग्राम स्तरीय संगठनों, कृषकों को यदि गैर-व्यवसायिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, तो उनके
आवेदन पर संबंधित विभाग एवं ग्राम पंचायत नि:शुल्क कीचड़, गाद, मिट्टी की अनुमति दे सकेंगे और
इसके परिवहन के लिये स्थानीय ग्रामीणों के ग्राम स्तरीय संगठनों, कृषकों को न कोई रॉयल्टी देय
होगी और परिवहन अनुज्ञा की आवश्यकता नहीं होगी। प्रमुख सचिव ने निर्देश में यह स्पष्ट किया है कि
ग्राम स्तरीय संगठनों अथवा कृषकों द्वारा कीचड़, गाद, मिट्टी का उपयोग संबंधित शासकीय विभाग
अथवा ग्राम पंचायत से अनुमति प्राप्त कर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसमें भी किसी प्रकार
की रॉयल्टी भुगतान अथवा परिवहन अनुज्ञा प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी।

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प्रोफेसर फिरोज का डिजाईन यूके में हुआ प्रकाशित
मंदसौर। मंदसौर विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. फिरोज परवेज का यूके में डिजाईन प्रकाशित हुआ है। यूके में प्रकाशित डिजाईन का शीर्षक ‘रोबस्ट फोरकास्टिंग मॉडल फॉर इलेक्ट्रिसिटी प्रेडिक्शन विथ एआई’ है। इस डिजाईन में यह प्रस्तुत किया गया है कि एक महत्वपूर्ण अवधि में प्रति घंटा, दैनिक या मासिक बिजली के उपयोग का आंकड़ा ‘एआई’ के माध्यम से जाना जा सकता है और भविष्य में इससे प्रासंगिक बिजली उत्पादन से लेकर इसके प्रयोग तक का डिजाईन प्रस्तुत किया गया है। इस डिजाईन में लैग फीचर्स यानी कि प्रयोग की गई बिजली को उपयोग युक्त बनाना शामिल हो सकता है। इसके माध्यम से प्रो. परवेज द्वारा ‘एआई’ के माध्यम से डाटा कलेक्शन, डेटा प्रीप्रोसेसिंग, फ़ीचर इंजीनियरिंग, मॉडल चयन आदि का डिजाईन तैयार किया गया है। इस अवसर पर मंदसौर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री नरेन्द्र नाहटा ने प्रो. परवेज को बधाई देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व की बात है कि हमारे विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर का डिजाईन यू.के. में प्रकाशित हो रहा है। साथ में विश्वविद्यालय में नवनियुक्त कुलपति प्रोफेसर वीएसएस कुमार ने भी प्रो. परवेज को बधाई देते हुए कहा कि हम यह आशा करते हैं कि प्रो. परवेज आगे भी और डिजाइन और शोध पत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर के जर्नल में प्रकाशित करेंगे और विश्वविद्यालय परिवार के बाकी सदस्यों को भी नए-नए विषयों पर शोध पत्र और पेटेंट प्रकाशित करने के लिए प्रेरित करेंगे।

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कॉन्स्टेबल पर झूठा रेप केस कराने पर एफआईआर

बयान बदलने पर कोर्ट ने महिला पर दिए केस दर्ज करने के आदेश

रतलाम। कॉन्स्टेबल के खिलाफ दुष्कर्म की‎ झूठी एफआईआर करवाने वाली‎ महिला पर कोर्ट ने केस दर्ज ‎करवाया है। साथ ही आरक्षक को‎ बरी कर दिया है। फैसला पंचम ‎अपर सत्र न्यायाधीश शैलेष‎ भदकारिया ने दिया। जिले में ‎हफ्तेभर में इस तरह का यह दूसरा‎मामला सामने आय है।‎

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