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क्या जमीनों की बंदर बाट में ही उलझी रहेगी नीमच नगर पालिका या जनता को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी करेगी प्रयास

क्या जमीनों की बंदर बाट में ही उलझी रहेगी नीमच नगर पालिका या जनता को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी करेगी प्रयास

जाजू सागर बांध में मात्र 8 फीट पानी, आखिर 5 महीने तक कैसे संभव होगा जलप्रदाय

अजय चौधरी अध्यक्ष प्रेस क्लब जिला नीमच ने उठाई मांग, जनहित को सर्वोपरि रखें नगर पालिका

नीमच। नीमच की नवीन नगर पालिका के अध्यक्ष, पार्षद और पूरा तंत्र भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है, इन जनता के नुमाइंदों को जनता की नहीं पड़ी है, कहने को तो ये जनप्रतिनिधि है लेकिन इनका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ अपनी झोलिया भरना रह गया है उक्त बात प्रेस क्लब जिला अध्यक्ष अजय चौधरी ने प्रेस नोट के माध्यम से कही।

श्री चौधरी ने बताया कि आए दिन नगर पालिका के अध्यक्ष, सभापति, पार्षदों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगते आए है और उनकी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठते रहे हैं, नगर पालिका का पूरा तंत्र सिर्फ जमीनों की बंदरबांट करने और अपना घर भरने में लगा है किसी को भी आम जनता को होने वाली सुविधा से कोई सरकार नहीं है।

इसी बीच एक बड़ा मुद्दा यह है कि नीमच के लोगों को आने वाले समय में पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और विडम्बना तो यह है कि जिम्मेदारों की दूरदर्शिता सिर्फ और सिर्फ माल कमाने में ही काम आ रही है। जबकि आने वाले समय में नीमच भारी जल संकट से गुजर सकता है, लाखों लोग पीने के पानी के लिए त्राहि त्राहि करेंगे लेकिन नगर पालिका ना तो उस समय से निपटने के लिए तैयारी कर रही है और ना ही उस समय की भयावहता को महसूस ही कर रही है, वह दौर निश्चित तौर पर आएगा और अगर वह समय आता है तो नीमच नगर पालिका के पास ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए कोई सटीक तैयारी नहीं है।

नीमच में जमीनों की बंदरबांट तो नगर पालिका की हर कार्यकारिणी में हुई है, करोड़ों रुपए खर्च कर कर नगर पालिका पर कब्जा करने वाले अपने करोड़ों को अरबों में परिवर्तित करने के लिए प्रयासरत रहते हैं, उनका यह प्रयास अनुचित है और आपराधिक भी, जिसको लेकर उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन पैसों की इतनी क्या भूख, इतनी क्या लालसा की आम आदमी का दर्द भी उन्हें दिखाई नहीं दे रहा।

जादू सागर बांध जो नीमच की लाखों जनता को पेयजल प्रदान करने का एकमात्र साधन है भारी उपेक्षा का पात्र बना हुआ है और अल्प वर्षा के चलते इस वर्ष जादू सागर बांध में पानी की आवक कम रही नतीजा यह रहा की जनवरी माह समाप्त होते-होते जल का स्तर केवल 8 फिट रह गया है। डैम को टूटने से बचाने के लिए उसमें 3 फीट पानी छोड़ना अनिवार्य है ऐसे में बड़ा प्रश्न यह है कि क्या केवल 5 फीट पानी से नगर पालिका पांच महीने फरवरी से जून तक शहर की जनता की प्यास बुझा पाएगी और अगर यह संभव नहीं है तो क्यों नगरपालिका के जिम्मेदार इसके लिए कड़ा कदम नहीं उठाते? क्यों विशेष सम्मेलन का आयोजन जनता के हित में नहीं होता? सिर्फ कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए ही क्यों नगर पालिका काम कर रही है?

जनता मौन है लेकिन कायर नहीं, कहीं ऐसा ना हो कि इन जन विरोधी नीतियों के चलते जनता पूरी नगर पालिका का ही बहिष्कार कर दे और शासन स्तर पर कार्रवाई करवाने पर करवाने पर मजबूर हो जाए। भ्रष्टाचार के दलदल में आकंठ डूबी नगर पालिका की परिषद कहीं पूरी तरह से भंग ना हो जाए, समय रहते जिम्मेदार नहीं समझे तो कल जो पीड़ा जनता को पहुंचाने वाले हैं कहीं उससे ही खुद को दो-चार ना होना पड़े।

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