निपानिया (अफजलपुर) गांव में बसें नहीं आने से विद्यार्थी व ग्रामीण परेशान,

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ग्रामीणों ने आरटीओ को दिया आवेदन
कुचड़ौद।(दिनेश हाबरिया) अंचल के ग्राम निपानिया अफजलपुर ढाई हजार की आबादी वाली पंचायत के गांव में यात्री बसों का संचालन आवागमन नहीं होने से ग्रामीण यात्रियों एवं विद्यार्थियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां से जिला मुख्यालय जाने के लिए ग्रामीणों को हतुनिया 3 किलोमीटर भेरू तलाई धमनार फंटा 3.5 किलोमीटर सी खेड़ी फंटा 4 किलोमीटर किलोमीटर बड़वन फंटा 5 किलोमीटर पैदल दूरी तय कर बस मैं बैठना पड़ता है। कई बार दो से चार मिनट की देरी होने पर बस निकल जाती है। तब ज्यादा परेशानी आती है या फिर वापस आना पड़ता है। सबसे बड़ी दिक्कत यहां के दर्जनों विद्यार्थियों को आ रही। जो हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी या कॉलेज की पढ़ाई के लिए दलोदा या मंदसौर जिला मुख्यालय जाते है, उन्हें होती है। इनके लिए गांव से बसों का साधन नहीं होने से कई बार स्कूल कॉलेज नहीं जा पाते हैं। 5 से 6 साल पहले गांव में सड़कें नहीं थी। तब बसों का आवागमन होता था। गांव गांव सड़कों का जाल बिछने के बाद यात्री बसें बंद हो गई।
ग्रामीणों ने डेढ़ महीने पहले 10 जुलाई को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को आवेदन भी दिया। फिर भी कोई निराकरण नहीं हुआ। डाक्टर सुरेश जैन, शब्बीर मंसूरी, रईस मंसूरी, जाकिर मंसूरी, समरथ हटीला, नागेश्वर धनगर सहित ग्रामीणों ने कहा धुंधड़का से हतुनिया व्हाया बड़वन निपानिया (अफजलपुर) सिखेड़ी सड़क मार्ग बन कर तैयार हैं। लेकिन निपानिया (अफजलपुर) में हतुनिया से धमनार जाने वाली बसें निपानिया होकर ना जाते हुए। सीधे हतुनिया से धमनार चली जाती है। दुःख की बात है नया सड़क मार्ग बनने के बाद भी बसें निपानिया होकर नही निकलने से ग्रामीणों, यात्रियों एवं विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा है। गांव से भेरू तलाई फंटा धमनार फंटा 3.5 किलोमीटर, हतुनिया 3 किलोमीटर, बड़वन फंटा 5 किलोमीटर एवं सिखेड़ी फंटा 4 किलोमीटर दूर जाकर बस में बैठना पड़ता है। कई बार बस निकल जाती है, तो परेशान होना पड़ता है। पांच से 6 साल पहले पहले जब गांव में पक्की डामरी कृत सड़कें नहीं थी। तब स्वास्तिक, प्रिंस एवं पूर्णिमा बसों का आवागमन होता था। जब गांव के चारों ओर जाने के लिए सड़कों का जल बीछ गया। तो बसों का संचालन बंद हो गया। इसको लेकर हमने क्षेत्रीय परिवार अधिकारी को 10 जुलाई को आवेदन भी दिया। पर अब तक बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया।
विद्यार्थियों ने कहा यात्री बस का संचालन नहीं होने से पैदल जाना मजबूरी। बारिश एवं अंधेरा होने से डर बना रहता।गांव से दर्जनों की संख्या में हाई स्कूल हायर सेकेंडरी स्कूल या कॉलेज आने जाने वाले विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है।
छात्र छात्राए पिंकी जैन, साहिस्ता मंसूरी, रजिया मंसूरी, पायल हटीला, शबाना मंसूरी,रानी,सिमरन मंसूरी, उमा डांगी,नीरज डांगी, साई धनगर,दिव्यराजसिंह सहित विद्यार्थियों ने बताया। गांव के चारों ओर किसी भी गांव से बस पकड़ने के लिए 3 से 5 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करना पड़ती है। बारिश के समय, जाड़े के दिनों में पैदल ही आना जाना पड़ता है। कई बार 2 से 4 मिनट की देरी में बस निकल जाती तब। बिना स्कूल कॉलेज जाए ही वापस आना पड़ता है। स्वजन भी खेती किसानी का कार्य करते हैं। प्रतिदिन हमें छोड़ने या वापस ले जाने नहीं आ सकते। स्कूल कॉलेज से आते वक्त अंधेरा होने से बदमाशों का डर बना रहता है। पर हम कर भी क्या सकते हैं। यह तो जनप्रतिनिधियों को, विधायक को, कलेक्टर को ध्यान देना चाहिए। जिन गांवों में बसें नहीं जाती, वहां के लिए भी परमिट जारी करना चाहिए। करीब पांच साल पहले सड़क नहीं थी। तब बसें आती थी। सड़के बनने के बाद बंद हो गई। बोर्ड की परीक्षाएं इस वर्ष पहले होगी। आने जाने में 2 घंटे बर्बाद होते हैं। अगर बसें गांव से होकर आए जाए, तो यह 2 घंटे हम पढ़ाई में लगाए तो हमारा रिजल्ट सुधरेगा। अगर जो बसें पहले चलती थी। ऊन बसों का परमिट वाया निपानिया हो, तो गांव से होकर बस नहीं लाने ले जाने के लिए बस मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करना चाहिए।
मामले में ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि बापू लाल डांगी ने बताया धुंधड़का से हतुनिया व्हाया बड़वन, निपानिया (अफजलपुर), सिखेड़ी गांव तक करोड़ों रुपए की लागत से सड़कें तो बन गई। लेकिन यात्री बस सुविधा नहीं होने से परेशानी बरकरार है। 5 से 6 वर्ष पूर्व जब गांव में सड़के नहीं थी तब प्रिंस, पूर्णिमा बसों का आवागमन होता था। निपानिया एवं पंचायत के ग्राम सि खेड़ी दोनों गांव की ढाई हजार की आबादी है। ग्रामीणों, यात्रियों, एवं दर्जनों छात्र छात्राओं की परेशानियों को देखते हुए, यातायात एवम् परिवहन विभाग की जिला अधिकारी रीना किराड़े को दिनांक 10 जुलाई 2023 को आवेदन देकर समस्या से अवगत करवाया था। मैडम ने जल्द ही बस मालिको को सुचना कर समस्या का समाधान करने की बात कही थी। लेकिन डेढ़ महीने बाद भी आज दिनांक तक कोई बस सुविधा निपानिया अफजलपुर में शुरू नहीं हुई।