समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 04 जुलाई 2023

लायंस क्लब डायनामिक द्वारा गुरु पूर्णिमा पर किया गुरुओं का सम्मान

क्लब अध्यक्ष पुष्पा चेलावत ने इस अवसर पर कहा कि सनातन धर्म में पौराणिक काल से ही जीवन में आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए गुरुओं के आशीर्वाद व मार्गदर्शन की महत्ता को धर्म ग्रंथों में प्रतिपादित किया गया है। उन्होंने कहा गुरु द्रोणाचार्य व गुरु वशिष्ठ जैसे महान गुरुओं के समान ही आज के दौर में भी गुरु अपने शिष्यों को निस्वार्थ भाव से उचित मार्ग के लिए दिशा प्रदान करते हैं। सच्चे गुरु वही होते हैं जो अपने शिष्य को अपने से अधिक ऊंचाइयों पर देखकर प्रसन्न होते हैं।
क्लब पीआरओ डॉ चंदा कोठारी ने बताया कि इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती निहार बाला जैन, प्रो डॉ उषा अग्रवाल, श्रीमती चंद्रकांता पुराणिक,को पौधा भेंट कर उनका सम्मान करते हुए क्लब की ओर से उपहार भेंट किए गए।
उन्होंने बताया इन गुरुओं से हजारों बच्चों ने शिक्षा व संस्कार प्राप्त कर अपने जीवन को उज्जवल बनाया है। इस अवसर पर क्लब उपाध्यक्ष नीता छापरवाल, सुमित्रा चौधरी,मनीषा कटारिया आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मधुरम पोरवाल ने किया, आभार क्लब सचिव मनीषा मंडवारिया ने माना।
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पंडित भीमाशंकर शास्त्री ने समाज को जागृत करने का उल्लेखनीय कार्य किया – मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री मंदसौर में जारी कथा में वर्चुअली सम्मिलित हुए
मंदसौर 3 जुलाई 23/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पंडित भीमाशंकर जी शास्त्री,
भागवत कथा के मर्मज्ञ हैं। सामाजिक, धार्मिक और रचनात्मक कार्यों में उनका महत्वपूर्ण योगदान हैं। उन्होंने
स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन, श्रमदान, मंदिरों के विकास जैसे कार्यों से समाज को जागृत करने का उल्लेखनीय
कार्य किया है। पं. शास्त्री बाल विवाह को सामाजिक अपराध मानते हैं और अपनी हर कथा में लोगों से नशे से
दूर रहने की बात को दोहराते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंदसौर के मंडी प्रांगण में हो रहे गुरुदेव श्री भीमाशंकर
जी शास्त्री की कथा में निवास कार्यालय समत्व से वर्चुअली सम्मिलित हुए तथा गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त
किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि परम पूज्य गुरुदेव शास्त्री जी की महिमा अनंत है। भगवान कृष्ण के
उपासक शास्त्री जी द्वारा धर्म की स्थापना और रक्षा के लिए किए गए कार्य महत्वपूर्ण है। नदी, पर्यावरण और
गौ-संरक्षण के साथ-साथ शास्त्री जी ने मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सन्मार्ग
पर चलने और सद्कर्म के लिए प्रदेशवासियों को उनका आशीर्वाद निरंतर प्राप्त होता रहे, यही हम सबकी
कामना है। मंदसौर के मंडी प्रांगण में हुई कथा में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण मंत्री श्री हरदीप सिंह
डंग, विधायक श्री यशपाल सिसोदिया, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में धर्मावलंबी उपस्थित थे।
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जिले में अब तक 114.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
मंदसौर 3 जुलाई 23/ जिले में इस वर्ष अबतक औसतन 114.6 मि.मी. वर्षा दर्ज की गयी है। जबकि
पिछले 24 घन्टों में मंदसौर जिले में 5.4 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घन्टों में मंदसौर में 0
मि.मी., सीतामऊ में 0 मि.मी. सुवासरा में 2.1 मि.मी., गरोठ में 0 मि.मी., भानपुरा में 3.2 मि.मी., मल्हारगढ़
मे 1.0 मि.मी., धुधंड़का में 6.0 मि.मी., शामगढ़ में 0 मि.मी., संजीत में 48.0 मि.मी., कयामपुर में 0 मि.मी.
एवं भावगढ़ में 0 वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।
विगत 1 जून से अबतक वर्षामापक केन्द्र मंदसौर में 139.0 मि.मी., सीतामऊ में 153.2 मि.मी. सुवासरा
में 137.6 मि.मी., गरोठ में 59.2 मि.मी., भानपुरा में 114.2 मि.मी., मल्हारगढ़ मे 86.0 मि.मी., धुधंड़का में
127.0 मि.मी., शामगढ़ में 79.8 मि.मी., संजीत में 203.0 मि.मी., कयामपुर में 140 मि.मी. एवं भावगढ़ में 22
वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।
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मुख्यमंत्री श्री चौहान 4 जुलाई को करेंगे मुख्यमंत्री सीखो- कमाओ योजना के पंजीयन की शुरुआत
युवाओं से संवाद भी होगा
अब तक 10 हज़ार से अधिक प्रतिष्ठानों ने किया पंजीयन, लगभग 34 हजार 690 वेकेन्सी निर्मित
मंदसौर 3 जुलाई 23/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं को कौशल विकास के साथ ही लर्न
एंड अर्न की तर्ज़ पर ऑन जॉब ट्रेनिंग की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना की लागू की है।
मुख्यमंत्री 4 जुलाई को इस योजना में युवा आवेदकों के पंजीयन की प्रक्रिया की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री श्री
चौहान भोपाल के रवींद्र भवन में होने वाले कार्यक्रम में युवाओं से संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश
के युवाओं में कौशल विकास क्षमता को बढ़ा कर उन्हें रोज़गार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना
का प्रभावी क्रियान्वयन शुरू किया है। इस योजना में युवाओं को उद्योगों के साथ सर्विस सेक्टर में कौशल प्रशिक्षण
दिलाते हुए स्टाइपेंड की व्यवस्था की गई है। युवाओं को नवीनतम तकनीक और प्रक्रिया से व्यावसायिक कौशल
प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रथम चरण में एक लाख युवाओं को रोज़गारोन्मुखी कौशल में प्रशिक्षित किए जाने का
लक्ष्य है। आवश्यकतानुसार लक्ष्य को बढ़ाया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को 8 हज़ार से 10 हज़ार रूपये
प्रतिमाह स्टाइपेंड प्राप्त होगा। प्रशिक्षण के बाद निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण करने पर अथवा फ़ॉर्मेटिव एसेसमेंट के
बाद मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोज़गार बोर्ड द्वारा स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग का प्रमाण-पत्र
दिया जाएगा। इसके लिए योजना से कंपनियों और सर्विस सेक्टर को जोड़ा गया है। योजना में देश एवं प्रदेश के
ऐसे औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान पात्र होंगे, जिनके पास PAN और GST पंजीयन है। अब तक लगभग
10 हज़ार 429 प्रतिष्ठानों को पंजीकृत किया जा चुका है। इनमें 23 अन्य राज्य के प्रतिष्ठान भी शामिल हैं।
प्रतिष्ठानों द्वारा लगभग 34 हज़ार 690 वेकेन्सी(प्रशिक्षण की सीट) क्रिएट की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना में 18 से 29 वर्ष आयु तक के मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी युवा पात्र हैं,
जिनकी शैक्षणिक योग्यता 12वीं, आईटीआई उत्तीर्ण या उससे उच्च है। चयनित युवा छात्र, प्रशिक्षणार्थी कहलाए
जाएंगे। प्रत्येक कोर्स के लिए देय स्टाइपेंड का निर्धारण प्रावधानित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के आधार पर किया
गया है। इसमें 12वीं या उससे कम कक्षा उत्तीर्ण युवाओं को 8 हज़ार रूपये प्रतिमाह, आईटीआई उत्तीर्ण को 8
हज़ार 500, डिप्लोमा उत्तीर्ण को 9 हज़ार तथा स्नातक उत्तीर्ण अथवा इससे उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले
प्रशिक्षणार्थी युवाओं को 10 हज़ार रूपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। युवा, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना
का पंजीयन https://mmsky.mp.gov.in/ पर नि:शुल्क कर सकते हैं। पंजीयन के बाद संबंधित को लॉगिन
आईडी एवं पासवर्ड SMS अथवा ई-मेल द्वारा प्राप्त होगा। पंजीयन के समय किसी समस्या का समाधान पोर्टल पर
दिए गए हेल्प-डेस्क पर संपर्क कर किया जा सकता है।
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सिद्धचक्र मंडल विधान महोत्सव में आचार्य श्री विद्यासागर जी की पूजन की गई
1024 श्रीफल चढ़ाकर विधान संपन्न किया, आज निकलेगी रथयात्रा, हवन पूजन के होंगे आयोजन
मन्दसौर। श्री णमोकार महामंत्र साधना केंद्र बही पार्श्वनाथ चौपाटी पर अष्टानिका में 26 जून से 3 जुलाई तक आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव का आयोजन अनेक धार्मिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ।
यह जानकारी देते हुए साधना केंद्र ट्रस्ट अध्यक्ष श्री शांतिलाल बड़जात्या व सचिव अशोक पाटनी ने बताया कि ब्रह्मचारी भैया व ब्रह्मचारिणी बहनों के सानिध्य में डॉ. वीरेंद्र विवेक गांधी परिवार मंदसौर द्वारा प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से अभिषेक शांतिधारा नित्य पूजन नंदीश्वर द्वीप पूजन व सिद्धचक्र विधान पूजन के आयोजन दोप. 1.30 तक हुए। दोप. 3 बजे से स्वाध्याय, शाम 7 बजे से आरती भक्ति शास्त्र सभा व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन हुए।
ट्रस्ट प्रवक्ता डॉ. चंदा भरत कोठारी ने बताया कि 3 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर्व के उपलक्ष में विधान पूजन के साथ संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की पूजन भी अष्ट द्रव्य से की गई पूजन विधान में सम्मिलित होने वाले अनेक शहरों के श्रावक श्राविका ने पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से आचार्य श्री की पूजन में जल, चंदन, अक्षत, नैवेद्य, दीप, धूप, फल व अर्घ्य समर्पित करते हुए पूजन में भाग लिया।
महोत्सव के अंतिम दिन 1024 श्रीफल समर्पित किए गए। प्रातः 7 बजे से प्रारंभ हुए पूजन का समापन दोपहर 1.30 बजे हुआ। पूरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भरा रहा। साज संगीत के साथ पूर्ण भक्ति भाव व आनंद के साथ पूजन विधान संपन्न हुआ।
श्रीमती कोठारी नेे बताया आज प्रातः नित्य पूजन, समापन, विसर्जन व हवन के पश्चात प्रातः 9 बजे श्रीजी की रथ यात्रा साधना केंद्र परिसर में निकाली जाएगी तथा आठ उपवास की तपस्या करने वाले तीनों तपस्वियों का पारणा भी कराया जाएगा।
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विद्यालय के बच्चों ने शिक्षकों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया, सभी गुरुजनों का माल्यार्पण कर, श्रीफल भेंट कर स्वागत किया। बच्चों द्वारा श्रीमती वंदना यादव श्रीमती रेणुबाला जैन, श्रीमती कुसुम पाण्डे, श्री ओमप्रकाश सूर्यवंशी, श्रीमती तृप्ति तोमर, श्री कमलेश शर्मा, मांगीलाल गुप्ता, ओम प्रकाश सोनी, राधेध्याम यादव, भारतलाल गौड़ का आर्शिवाद प्राप्त कर सम्मान किया।
श्रीमती यादव ने गुरु का अर्थ बताते हुए कहा ‘‘गुरू’ का अर्थ अंधकार ‘रु’ का अर्थ प्रकाश अर्थात गुरू जो अंधकार से प्रकाश की ओर की ले जाता ह। श्रीमती कुसुम पांडे ने गुरु गोविन्द दोउ खड़े ……………दोहे के आधार पर गुरु का महत्व ईश्वर से भी अधिक बताया ।
प्राचार्य श्री नागर ने कहा माता-पिता एवं गुरु अपने बच्चों से हार कर खुश होते हैं उनकी सफलता से माता-पिता गुरू का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। कार्यक्रम का संचालन श्री कमलेश शर्मा ने किया, अतिथि परिचय व आभार श्री नागर न माना।
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श्री नरसिंगपुरा दिगम्बर जैन समाज की नवीन कार्यकारिणी गठित
दिनेश जैन अध्यक्ष, दिलीप जैन (आरआरबी) सचिव बने
मन्दसौर। श्री नरसिंगपुरा दिगम्बर जैन समाज धार्मिक एवं सामाजिक ट्रस्ट की बैठक ट्रस्ट संरक्षक विनोद जैन, महेन्द्र जैन व ट्रस्ट पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में ट्रस्ट कार्यालय श्री 1008 शांतिनाथ जिनालय गोल चौराहा पर आयोजित हुई जिसमें नवीन कार्यकारिणी का गठन सर्वानुमति से किया गया। जिसमें परामर्शदाता प्रदीप जैन (नंदावता), उमेश जैन (भड़का), अध्यक्ष दिनेश जैन (कुंचड़ौद), उपाध्यक्ष गौरव जैन (कुंचड़ौद), सचिव दिलीप जैन (आरआरबी), सहसचिव सुरेश जैन (भड़का), कोषाध्यक्ष बाबूलाल जैन (भोलिया), संगठन मंत्री विनोद जैन (खजुरिया सारंग), प्रवक्ता हिमंाशु प्रकाश जैन (कुंचड़ौद) एवं संचालक मण्डल में सुरेश जैन (दीपमाला), अरूण जैन (मावा), अरूण जैन (बनी), महेश जैन (फ्रेण्ड्स), अनिल जैन (आदिनाथ) को मनोनीत किया गया।
इस अवसर पर ट्रस्ट पदाधिकारियों ने नवीन पदाधिकारियों पगड़ी, माला एवं दुपट्टा पहनाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उक्त जानकारी ट्रस्ट सचिव उमेश जैन (भड़का) ने दी।
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मन्दसौर। गुरू के प्रति विनय व समर्पण का भाव होना जरूरी है, गुरू के आदेश का पालन हमें पूर्ण विनय व समर्पण के भाव से करना चाहिये। गुरू के प्रति सच्ची श्रद्धा व समर्पण रखते हुए हम गुरू को अपना पूरा जीवन समर्पित करेंगे तो हमारा जीवन सार्थक होगा।
उक्त उद्गार परम पूज्य जैन साध्वी श्री अर्हताश्रीजी म.सा. ने चौधरी कॉलोनी स्थित रूपचांद आराधना भवन में आयोजित धर्मसभा में कहे। आपने सोमवार को गुरू पूर्णिमा पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष धर्मसभा में कहा कि यदि जीवन में गुरू के प्रति समर्पण व आदर के भाव नहीं है तो जीवन सद्मार्ग की ओर प्रवृत्त नहीं हो सकता। हमें गुरू की आज्ञा का पालन किन्तु परन्तु किये बिना अक्षरतः करना चाहिये क्योंकि गुरू बिना कारण के कोई आदेश नहीं देते है। आपने कहा कि जिस प्रकार गिली मिट्टी को चाक पर रखकर कुम्हार सुंदर बर्तन बना देता है उसी प्रकार गुरू हमारे जीवन को अपनी परीक्षा की कसौटी पर परखकर उसे पवित्र पावन मनुष्य बना देता है। आपने कहा कि गुरू बिना ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है इसलिये जीवन में गुरू का महत्व समझे। आपने कहा कि हमारे विनय एवं समर्पण में स्वार्थ नहीं होना चाहिये। गुरू के चरणों में अपने को समर्पित करते हुए उनकी आज्ञा का पालन करना चाहिए तभी हमारा जीवन सार्थक होगा। आपने कहा कि हम जब भी गुरू वंदन करे हमारे शरीर के हाथ पैर व मस्तक पृथ्वी और झूके होना चाहिये। तभी गुरू वंदन की विधि पूर्ण मानी जायेगी। धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाओं ने साध्वीजी की अमृतमयी वाणी का लाभ लिया। धर्मसभा में गुरू पूजा की बोली एवं कथा शास्त्र विराने की बोली का लाभ पूनमचंद दिलीप डांगी परिवार ने लिया। संचालन मनोज जैन ने किया।
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मॉ संतान की प्रथम गुरू है माता संतान को संयमित जीवन की शिक्षा दे- पारसमुनिजी
मन्दसौर। आत्मा को परमात्मा से जोड़ने के लिये गुरू का होना जरूरी है। गुरू के चरणों में समर्पित होकर जीवन को सम्यक ज्ञान, दर्शन की ओर प्रवृत्त कर सकते है। माता-पिता प्रथम गुरू है, शिक्षक द्वितीय गुरू है तथा जीवन को सद्मार्ग पर प्रवृत्त करने वाले ज्ञानी संत तृतीय गुरू है। जीवन में तीनों प्रकार के गुरूओं का महत्व है।
उक्त उद्गार परम पूज्य आचार्य श्री विजयराजजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती शिष्य श्री पारसमुनिजी ने नवकार भवन शास्त्री कॉलोनी में आयोजित धर्मसभा में कहे। आपने सोमवार को गुरू पूर्णिमा पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित धर्मसभा में कहा कि माता-पिता में भी माता का स्थान सर्वोत्तम है। मॉ यदि शिशु के गर्भ में आने के बाद संयमित जीवन का आचरण करे तथा पुत्र-पुत्री के जन्म के उपरांत उसे भी संयमित जीवन जीने की प्रेरणा दे तो संतान का जीवन पावन बनता है लेकिन वर्तमान में माता अपने कर्तव्य का पालन नहीं कर रही है यदि माता का जीवन भौतिक सुख सुविधा में लिप्त है तो वह संतान को सही व गलत का ज्ञान कैसे देगी। माता में सम्यक, ज्ञान-चरित्र व दर्शन का होना जरूरी है। जैन दर्शन में माता मदालसा का उल्लेख मिलता है। जिसने अपनी सात संतान को बाल्यावस्था से ही सम्यक ज्ञान, चरित्र की शिक्षा देकर उन्हें संयमित जीवन की ओर प्रेरित किया। यदि माता अपनी संतान को अच्छे संस्कार नहीं देगी तो संतान आगे जाकर व्यसनों एवं गलत संगति की ओर प्रवृत्त हो सकती है। इसलिये जीवन में माता-पिता अपनी जिम्मेदारी समझे और संतान को बाल्यावस्था से योग्य शिक्षा दे। धर्मसभा में बडी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की। धर्मसभा में अभिनंदन मुनिजी व अभिनवमुनिजी ने अपने विचार रखे।
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श्री केशव सत्संग भवन में मनाया गया गुरू पूर्णिमा महोत्सव
आज से शुरू होगे चार्तुमासिक प्रवचन
मन्दसौर। श्री केशव सत्संग भवन खानपुरा में चातुर्मास हेतु ज्ञानानंदजी महाराज हरिद्वार का शुभ आगमन 2 जुलाई को हो गया था। पपू संतश्री ज्ञानानंदजी महाराज हरिद्वार के पावन सानिध्य में केशव सत्संग भवन पर गुरू पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया।
इस अवसर पर विशेष रूप से महेश मणि चेतन्यजी महाराज, निर्मल चेतन्यजी महाराज, उज्जैनी महाराज एवं अन्य संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। सभी ने अपने विचार रख गुरू महिमा की बताई। चातुर्मास हेतु केशव सत्संग भवन में विराजित संतश्री ज्ञानानंदजी महाराज ने बताया कि हमारे जीवन में गुरू की अत्यधिक महत्ता होती है। गुरू बिना जीवन लक्ष्य विहिन होता है। गुरू ही हमें सद्मार्ग पर ले जाते है। आपने कहा कि आज हमारे शास्त्रों का बुरा हाल हो रहा है क्योंकि इन्हें पढने वाला कोई नहीं है। इसलिए कई संतों अब शास्त्रों को कई भागों में विभाजित भी किया है। हमें अपने ग्रंथों और शास्त्रों का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। आपने बताया कि मंगलवार से प्रतिदिन सत्संग का आयोजन होगा इसमें आप अधिक से अधिक संख्या में पधारें क्योंकि हमारे जीवन सत्संग बेहद जरूरी होता है। प्रवचन के दौरान संतश्री ने अधिक मास के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी दी और कहा कि अधिकमास धर्म का मास होता है इस माह में हमें धार्मिक कार्या को अधिक से अधिक से करना चाहिए। अंत में आरती हुई जिसके बाद प्रसादी वितरण किया गया।
केशव सत्संग भवन खानपुरा के अध्यक्ष जगदीश सेठिया ओर सचिव कारुलाल सोनी ने बताया कि आज मंगलवार 4 जुलाई से प्रतिदिन प्रातः 8.30 बजे से 10 बजे तक चातुर्मार्सक प्रवचनों की श्रृंखला प्रारंभ होगी। जिसमें नगर की धर्मप्रेमी जनता सादर आमंत्रित है। आपने सभी धर्मप्रेमियों से प्रतिदिन होने वाले प्रवचनों में अधिक से अधिक संख्या में पधारने का निवेदन किया है।
इस अवसर पर केशव सत्संग भवन के अध्यक्ष जगदीशचंद्र सेठिया, सचिव कारूलाल सोनी, मदनलाल देवडा, सत्यनारायण सोमानी, प्रहलाद काबरा, जगदीश गर्ग, पं शिवशंकर शर्मा, चन्द्रशेखर निगम,राजेश देवडा, प्रवीण देवडा, मोहन पारिख, आनंदीलाल मोदी, संतोष जोशी, शंकरलाल सोनी सहित बडी संख्या में महिलाएं पुरूष उपस्थित थे।
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वर्षीतप के तपस्वियों ने गोवंश को आहार कराया
मन्दसौर। अहिंसा पर्व के उपलक्ष में जीव दया प्रकल्प को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2022-23 के सामूहिक वर्षी तप के तपस्वियों द्वारा सकल जैन समाज महिला प्रकोष्ठ के बैनर तले गोवंश को गुण एवं चारे का आहार करवाया गया।
इस अवसर पर मंगलाचरण सहमंत्री निकिता दोषी द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर वर्षीतप तपस्वियांे के साथ जैन सोशल ग्रुप मैन के पूर्व अध्यक्ष संजय लोढा, महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारी पूर्व अध्यक्ष शशि मारू, वर्तमान मंत्री पूनम गांधी, शालिनी लोढ़ा, शिक्षा मंत्री मीना पारख, सहमंत्री निकिता दोषी, पदमा मेहता सहित शिमला जैन अनीता बाफना, उषा कर्नावट, महिमा पोरवाल, हंसा छिंगावत, विद्या लोढा, अलका सुराणा, किरण डोसी, विमल छिंगावत, दिनेश कर्णावट, हेमंत मारू, अनीता मारू, पवन मारू, अलका सुराना भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा मंत्री मीना पारख द्वारा किया गया, वर्षी तप तपस्वी महिमा पोरवाल ने आभार माना।
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दशपुर योग शिक्षा संस्थान ने मनाया ‘‘गुरू वंदन’’ समारोह
गुरु वह जो अपने ज्ञान की ज्योति से अन्य को प्रकाशित करें-योग गुरू श्री जैन
मंदसौर। दशपुर योग शिक्षा संस्थान द्वारा योग भवन में गुरु पूर्णिमा पर्व पर उत्साह और उमंग के साथ ‘‘गुरू वंदन’’ समारोह मनाया गया। योग साधकों ने योग गुरु सुरेन्द्र जैन का वंदन कर गुरु पूजन किया।
गुरू वंदन समारोह में साधकों ने योग गुरू श्री जैन के प्रति अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन का आधार है गुरु दीक्षा क्योंकि दीक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति सही अर्थों में दक्ष होता है। गुरू वह है जो शिष्य को अच्छे संस्कार, शिक्षा के साथ-साथ स्वस्थ रहने के गुर सिखाये। श्री सुरेन्द्र जैन ने निस्वार्थ भाव से नगर में योग की शिक्षा देकर ‘‘योग गुरू’’ की उपाधि प्राप्त की। आप हर समय आमजनों के स्वास्थ्य के प्रति चिंतित रहते है तथा हर व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिये योग करने हेतु प्रेरित करते है। योग के साथ ही आप कई सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं में सक्रिय सहभागिता करते है।
योग गुरू श्री सुरेन्द्र जैन ने जीवन में गुरू का महत्व बताते हुए कहा कि इस जगत में मानव अपूर्ण रूप से आता है उसे पूर्णता की अभिलाषा रहती है। जिसकी पूर्ति के लिए गुरु एकमात्र सहारा होते हैं। आपने कहा कि गुरू वह है जो अपने ज्ञान की ज्योति से अन्य को प्रकाशित करे। उन्होंने गुरु दक्षिणा मांगते हुए साधकों से कहा कि हर साधक योग के लिये एक व्यक्ति को प्रेरित कर उसे योग अपनाने का संकल्प दिलाये। यही उनकी गुरू दक्षिणा होगी।
योग गुरू श्री जैन के प्रति अपनी भावना शकुंतला भट्ट, अलका अग्रवाल, धरमदास संगतानी, विजयालक्ष्मी रघवुंशी, संध्या शर्मा, राजकुमार अग्रवाल ने व्यक्त किये।
गुरू वंधन उपस्थित योग शिक्षक ओम गर्ग, जिनेन्द्र उकावत, विजय पलोड़, राजेन्द्र चाष्टा, रमेश खत्री, बीना गर्ग, महेश सेठिया, महेश सिसौदिया, कैलाश रिछावरा, सुभाष पाटीदार, पारसमल जैन, नीलम जैसवानी, ज्योति लालवानी, अनिल कोठारी, दिनेश पारिख, राहुल चाष्टा, सुरेश पारिख, हेमा पारिख, सपना कोतक, अंतिमबाला मालवीय, आस्था जैन, तेजमल गांधी, अशोक पालीवाल, आनन्द कर्ण, रवि हिरानी, सुरेश जैन, गोपालकृष्ण पलोड़, संजय गर्ग, अजय प्रधान, विनिता प्रधान, मनीषा गर्ग, सुरेश पारिख, श्रद्धा पमनानी, महेश सिसौदिया, चंदा चाष्टा, सत्यनारायण अग्रवाल, राजेन्द्र जैन, भूमिका गिडवानी, ललिता मेहता, लालुप्रसाद चंचोसिया सहित साधकों ने किया। संचालन योग शिक्षक लोकेन्द्र जैन ने किया एवं आभार सचिव जितेश फरक्या ने माना।
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श्री प्रेमप्रकाश आश्रम में गुरूभक्तों ने श्रृद्धा से मनाया गुरूपूर्णिमा पर्व
आश्रम में श्रावण मास के आठों सोमवार को सजेगा भूतभावन श्री पशुपतिनाथ का दरबार
मन्दसौर। श्री प्रेम प्रकाश आश्रम मंदसौर दरबार साहिब में श्रृद्धालु गुरुभक्तों ने आज गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व परम्परागत रूप से भाव भक्ति श्रद्धा पूर्वक मनाया गया।
श्रीमती पुष्पा पमनानी, श्रीमती देवकी कोठारी, पुरुषोत्तम शिवानी एवं गुरुभक्तों ने प्रातःकाल 6 बजे अमृतवेला में सतगुओं के विग्रहों को पंच अमृत से स्नान, नवीन वस्त्र पोशाक पहनाकर नवीन अलंकारो से श्रृगार कर गुरु वंदना कंकु व चंदन का टीका लगाकर पूजा अर्चना की । तत्पश्चात् श्री फल व मिश्री के प्रसाद व परवर अर्पित किये।
शास्त्रों में कहा गया है भगवान के रूठने पर मनुष्य अगर गुरु की शरण में आ जावे तो सतगुरु उसकी रक्षा कर सकता है, किंतु अगर गुरु रूठ जावे तो उसे कहीं शरणं मिलना संभव नहीं है। सतगुरुओं की महिमा अनन्त व अपरंपार है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
श्रावण मास में आठों सोमवार को होगा भगवान श्री पशुपति नाथ का अभिषेक- शिव भगवान को अत्यंत प्रिय सावन माह के आज शुभारम्भ हो रहा है इस वर्ष पुरूषोतम मास याने अधिक मास है। इसमें आठ सोमवार होंगे। आठों सोमवार को श्री प्रेम प्रकाश आश्रम में मालवा अंचल के विद्वान पंडित श्री उमेश जी जोशी शास्त्री के आचार्य में भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव की अष्ट धातु की प्रतिमा का अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक आठों सोमवार को प्रातः 5.30 से 8 बजे तक होगा। जो भी श्रद्धालु शिव भक्त परिवार सोमवार को अभिषेक का लाभार्थी बनना चाहता है, वह कृपया संपर्क कर सकता है ।
श्री प्रेमप्रकाश सेवा मण्डली के अध्यक्ष पुरूषोत्तम शिवानी ने बतलाया कि श्रावण मास के आठांे सोमवार को श्री प्रेम प्रकाश आश्रम में भगवान श्री पशुपतिनाथ की प्रतिमा का दरबार सजाया जाएगा, जिस पर शिवभक्त जल एवं दूध का अभिषेक कर सकेंगे।
आषाढ़ पूर्णिमा को श्री सत्यनारायण भगवान की मासिक कथा श्रीमती पुष्पा पमनानी ने अपने मुखारविंद से श्रवण करवाई। अंचल में पर्याप्त वर्षा एवं सुख समृद्धि शांति एवं सबकी मुरादें पूर्ण का पल्लव पाकर प्रसाद वितरण किया गया। आभार प्रदर्शन श्रीमती रेखा हरीश उतवानी ने प्रकट किया।