किसान बनकर गये अधिकारी अवैध खाद बेचते पाया गया व्यापारी, पुलिस ने किया प्रकरण दर्ज

अवैध खाद के कारोबार पर कृषि विभाग का पर प्रहार
मंदसौर। अवैध खाद कारोबार पर कृषि विभाग का करारा प्रहार करते हुए किसान बनकर खाद खरीदने पहुंचे कृषि अधिकारी बिना लाइसेंस खाद बेचने का खुलासा किया गया। किराए के मकान में चल रहा था खाद बिक्री का खेल,आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जिले में अवैध उर्वरक बिक्री के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
नौगांवा रोड़ स्थित रेवास देवड़ा क्षेत्र में भरत साहु के किराए के मकान में बिना उर्वरक लाइसेंस के खाद बेचने का मामला सामने आया है। कृषि विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया है। जानकारी के अनुसार 20 अक्टूबर मंगलवार को उर्वरक निरीक्षक श्री चेतन पाटीदार एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को शिकायत मिली थी कि नौगांवा रोड क्षेत्र में बिना वैध लाइसेंस के खाद की बिक्री की जा रही है। शिकायत की सच्चाई जानने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी खुद किसान बनकर संबंधित ठिकाने पर पहुंच गए।अधिकारियों ने जब खाद खरीदने की बात की, तो कथित तौर पर बिना बिल और लाइसेंस के खाद देने की बात सामने आई। इसके बाद अधिकारियों ने अपनी वास्तविक पहचान बताई और तत्काल वायडी नगर थाना पुलिस को सूचना दी।
मामले में आरोपी की पहचान रोहित उर्फ मिथलेश कुमार पाठक के रूप में हुई है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि खाद हमेशा अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदें। खाद खरीदते समय पक्का बिल अवश्य लें और निर्धारित ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करें। कृषि विभाग के अधिकारीयों ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि आपके क्षेत्र में कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस खाद बेचता दिखाई दे या खाद की बिक्री में अनियमितता मिले तो तत्काल कृषि विभाग को सूचना दें।
कृषि विभाग के अधिकारी चेतन पाटीदार ने बताया कि किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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