धधकते अंगारों पर नंगे पैर चले श्रद्धालु, आस्था और भक्ति का अनूठा नजारा

धधकते अंगारों पर नंगे पैर चले श्रद्धालु, आस्था और भक्ति का अनूठा नजारा
किशनगढ़ ताल
ठा शंभू सिंह तंवर
शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद विजयादशमी का पर्व क्षेत्र में हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रामसिंह दरबार और भादवा माता के प्रति अटूट आस्था की प्रतीक लगभग 75 वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया। श्रद्धालुओं ने धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलकर अपनी गहरी श्रद्धा और भक्ति का परिचय दिया।
मान्यता है कि रामसिंह दरबार और मां भादवा माता के दरबार में श्रद्धालु संतान प्राप्ति, व्यापार में उन्नति और कार्यों में सफलता सहित विभिन्न मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। मनोकामनाएं पूर्ण होने पर भक्त चूल के धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं।
इस अनुष्ठान में बच्चों, महिलाओं और युवतियों ने भी भाग लिया और मां भगवती के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। धधकते अंगारों पर चलते श्रद्धालुओं को देखने के लिए क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। इस दौरान मां भगवती के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया।
आस्था, विश्वास और वर्षों पुरानी परंपरा से जुड़ा यह आयोजन विजयादशमी पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।



