अग्निबाण लगते ही धू-धू कर जला रावण का अहंकार, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा आलोट

दशहरा मैदान पर 51 फीट ऊंचे रावण का दहन देखने उमड़ा जनसैलाब, भव्य आतिशबाजी ने बांधा समां
किशनगढ़ तालठा शंभू सिंह तंवर
नगर के दशहरा मैदान पर मंगलवार को विजयादशमी का पर्व अपार उत्साह, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। जैसे ही प्रभु श्रीराम ने अग्निबाण छोड़ा, चंद सेकंडों में 51 फीट ऊंचे रावण का पुतला धू-धू कर जल उठा। इस दौरान पूरा मैदान ‘जय-जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश जन-जन तक पहुंचा।
रावण दहन का साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में नगरवासी और आसपास के ग्रामीण दशहरा मैदान पहुंचे। शाम होते-होते मैदान में भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा परिसर जनसैलाब से सराबोर नजर आया।
महादेव की सवारी का भव्य स्वागत
शाम करीब 7 बजे श्री अनादिकल्पेश्वर महादेव की भव्य सवारी दशहरा मैदान पहुंची। सवारी के आगमन पर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अभिषेक जैन ने अगवानी कर पूजा-अर्चना की और भगवान महादेव का आशीर्वाद लिया। इसके बाद भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं हनुमानजी के स्वरूपों ने मैदान में प्रवेश किया। उनके आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
आतिशबाजी ने मोहा मन, अग्निबाण से हुआ रावण दहन
रावण दहन से पूर्व हुई आकर्षक एवं भव्य आतिशबाजी ने दर्शकों का मन मोह लिया। आसमान में बिखरी सतरंगी रोशनी और पटाखों की गूंज से दशहरा मैदान का नजारा देखते ही बन रहा था। आतिशबाजी के बाद प्रभु श्रीराम ने अग्निबाण चलाया और देखते ही देखते रावण का विशाल पुतला आग की लपटों में घिर गया। रावण दहन के साथ ही मैदान में मौजूद लोगों ने उत्साहपूर्वक एक-दूसरे को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।
पुतला निर्माण करने वाले का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद की ओर से रावण के पुतले का निर्माण करने वाले कारीगर को साफा बांधकर सम्मानित किया गया। आयोजन में नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अभिषेक जैन सहित एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी, नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी, पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं हजारों की संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। पूरे उत्साह और उल्लास के साथ विजयादशमी का आयोजन संपन्न हुआ।



