
मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती से जनता त्रस्त, प्रदेश सचिव कुलदीप सेन बराड़ा ने मोहन सरकार को घेरा
किसानों-मजदूरों की परेशानी पर प्रदेश सचिव कुलदीप सेन बराड़ा का सवाल—आखिर कब जागेगी मोहन सरकार?
नीमच/ मध्यप्रदेश में बिजली कटौती को लेकर आमजन की परेशानियों के बीच युवा कांग्रेस नेता एवं केश शिल्पी कांग्रेस मध्यप्रदेश के प्रदेश सचिव कुलदीप सेन बराड़ा ने प्रदेश की मोहन सरकार और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार बिजली कटौती किए जाने से किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुलदीप सेन बराड़ा ने कहा कि वर्तमान समय में किसान खेती-किसानी के कार्यों में व्यस्त हैं। वहीं, मजदूर दिनभर मेहनत करने के बाद शाम को अपने घर लौटते हैं। ऐसे में शाम के समय, भोजन बनाने और परिवार के साथ बैठने के समय तथा देर रात बिजली कटौती होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार बिजली बंद करना कहां तक उचित है?
उन्होंने प्रदेश सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या मोहन सरकार को आम जनता की इन परेशानियों की जानकारी नहीं है? क्या सरकार और विद्युत विभाग जनता की समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं? यदि मेंटेनेंस आवश्यक है, तो उसके लिए उचित समय निर्धारित कर नागरिकों को पहले से सूचना क्यों नहीं दी जाती, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो?
सेन ने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। विद्युत विभाग को बिजली कटौती का स्पष्ट समय निर्धारित करना चाहिए तथा बार-बार और अनावश्यक कटौती पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार और संबंधित विद्युत अधिकारी इस समस्या का संज्ञान लें, मेंटेनेंस के नाम पर होने वाली कटौती की समीक्षा करें और आम जनता को नियमित एवं भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि राहत चाहिए। सरकार और विद्युत विभाग को आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करना चाहिए।


