पुलिस मुख्यालय ने पदोन्नत हुए 161 पुलिसकर्मियों की पदोन्नति निरस्त कर दी

पुलिस मुख्यालय ने पदोन्नत हुए 161 पुलिसकर्मियों की पदोन्नति निरस्त कर दी
एसआई, थाना प्रभारियों की पदोन्नति अटकी। पदोन्नति रद्द किए जाने की वजह विभागीय जांच, दंड और आपराधिक मामले दर्ज होना।
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने 161 पुलिसकर्मियों की पदोन्नति निरस्त कर दी है। इनमें 83 उप निरीक्षक और 78 निरीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। पुलिस मुख्यालय ने रिव्यू डीपीसी के बाद कार्यवाहक उपनिरीक्षक या सहायक उपनिरीक्षक से उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नत हुए पुलिसकर्मियों में से 83 की पदोन्नति रद्द कर दी है। वहीं, उपनिरीक्षक या कार्यवाहक निरीक्षक से निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किए गए अधिकारियों में से 78 के पदोन्नति आदेश भी निरस्त कर दिए गए हैं। इनके विरुद्ध विभागीय जांच लंबित होने या दंड प्रभावशील होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
सभी एसआई और टीआई कार्यवाहक पद पर काम करते रहेंगे। पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी किए।
पुलिस मुख्यालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जो पुलिसकर्मी स्थायी तौर पर पदोन्नत नहीं हो पाएंगे, वे पूर्व की तरह अपने पद पर यथावत रहेंगे। उदाहरण के तौर पर यदि कोई कार्यवाहक निरीक्षक है और उसे किसी कारण से स्थायी रूप से निरीक्षक पद पर पदोन्नति नहीं मिलती है तो उसे उपनिरीक्षक के पद पर नहीं भेजा जाएगा। वह कार्यवाहक निरीक्षक के तौर पर ही काम करता रहेगा।
इससे पहले 20 जुलाई 2026 को उप निरीक्षक पद पर प्रमोट किया गया था
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी पहला आदेश पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। यह आदेश कार्यवाहक उप निरीक्षक और सहायक उप निरीक्षकों से संबंधित है, जिन्हें 20 जुलाई 2026 को उप निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया था। अब उनकी पदोन्नति निरस्त कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि पदोन्नति के बाद जिलों से ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची मांगी गई थी, जिनके विरुद्ध विभागीय जांच लंबित है या दंड प्रभावशील है। जिलों से जानकारी मिलने के बाद समीक्षा की गई और इसके आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों की स्थायी पदोन्नति के आदेश निरस्त किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि पुलिस विभाग में करीब 25 हजार पदोन्नतियां की गई हैं।
अब 31 अगस्त 2026 को जारी डीजीपी के आदेश से यह पदोन्नति निरस्त की गई।
वहीं, दूसरा आदेश पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) के हस्ताक्षर से डीजीपी की ओर से जारी किया गया है। यह आदेश कार्यवाहक निरीक्षक और उप निरीक्षकों से जुड़ा है, जिन्हें 13 और 20 जुलाई 2026 को पदोन्नति दी गई थी।अब 31 अगस्त 2026 को इस आदेश के माध्यम से उनकी पदोन्नति भी निरस्त कर दी गई है।
जिलों के पुलिसकर्मी प्रभावित
इस फैसले का असर प्रदेश के कई जिलों के पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। प्रभावित जिलों में ग्वालियर, मुरैना, सतना, टीकमगढ़, बैतूल, इंदौर, रीवा, खंडवा, नीमच, जबलपुर, रायसेन, राजगढ़ और मंदसौर सहित अन्य जिले शामिल हैं। कुल 161 प्रभावित कर्मियों में 83 उप निरीक्षक स्तर और 78 निरीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इनमें महिला पुलिस अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि विभागीय जांच पूरी होने या न्यायालय से निर्णय आने तक संबंधित पुलिसकर्मी अपने पूर्व कार्यवाहक पदों पर ही बने रहेंगे। आदेश की प्रतियां विशेष पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सभी जोनों के आईजी, भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्तों तथा रेंज डीआईजी को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।
78 निरीक्षकों के बाद अब 83 सहायक उप निरीक्षक से उप निरीक्षक बने पुलिसकमियों के पदोन्नति निरस्त आदेश जारी किए हैं




