समाचार मध्यप्रदेश नीमच 11 जुन 2026 गुरुवार

पशुकल्याण समिति की बैठक 12 जून को
नीमच 10 अप्रेल 2026, जिला पशु कल्याण समिति एवं जिला पशु क्रूरता निवारण समिति जिला नीमच की बैठक कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में 12 जून 2026 को प्रात: 11 बजे कार्यालय कलेक्टर सभाकक्ष नीमच में आयोजित की गई है। साथ ही गौपालन एवं पशु संवर्धन समिति की बैठक भी प्रात: 11.30 बजे आयोजित की जा रही है। समिति के सभी सदस्यों से बैठक में उपस्थित होने का आगृह किया गया है।
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कलेक्टर की संवेदनशील पहल:
गम्भीर बीमारी से पीड़ित बालिका के उपचार हेतु रेडक्रास से 1 लाख की सहायता स्वीकृत
ग्राम कनावटी निवासी किशनलाल की पोती संजना का उदयपुर में चल रहा है उपचार
रेडक्रास नीमच ने जारी किया 1 लाख रुपये का चेक
नीमच, 10 जून 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की संवेदनशील पहल पर गम्भीर बीमारी से पीड़ित एक बालिका के उपचार हेतु भारतीय रेडक्रास सोसायटी, नीमच से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
प्रकरण का विवरण: वार्ड नं. 20, प्रतापनगर, ग्राम कनावटी निवासी आवेदक श्री किशनलाल पिता लालाराम गाड़िया लोहार ने कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था कि उनकी पोती संजना पिता मोहन गाड़िया लोहार विगत डेढ़ माह पूर्व अत्यंत गंभीर अवस्था में पैसिफिक मेडिकल कॉलेज, उदयपुर में उपचारत है।
आर्थिक तंगी में करवा रहे थे इलाज: आवेदक ने बताया, कि पीड़ित के पिता द्वारा कर्ज लेकर उपचार करवाया जा रहा है, जिससे परिवार आर्थिक संकट में है।
कलेक्टर के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई: कलेक्टर श्री चंद्रा द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में रेडक्रास सोसायटी नीमच द्वारा बालिका के उपचार हेतु एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक तैयार कर प्रदान किया गया है।
भारतीय रेडक्रास सोसायटी, शाखा नीमच की प्रभारी अधिकारी सुश्री अंकिता पंड्या ने जानकारी देते हुए बताया, कि जिला प्रशासन द्वारा गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद परिवारों को रेडक्रास एवं अन्य शासकीय योजनाओं से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
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नवाचार: जायद फसलों में खरबूज-तरबूज की खेती से समृद्ध हो रहे नीमच के किसान
खरबूज का रकबा 700 से बढ़कर 1200 हेक्टेयर, तरबूज का रकबा 300 हेक्टेयर हुआ
प्रति हेक्टेयर लगभग 4.00 लाख रुपये का शुद्ध लाभ, 1125 किसानों को 60.00 करोड़ की आय
नीमच 10 जून 2026, नीमच जिले में जायद फसलों से अधिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से कृषकों द्वारा नवाचार के रूप में खरबूज एवं तरबूज की खेती को अपनाया जा रहा है, जो किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध हो रही है।
रकबे में उल्लेखनीय वृद्धि: वर्ष 2024-25 में जहां जिले में खरबूजे का रकबा 700 हेक्टेयर था, वहीं वर्ष 2025-26 में इसे बढ़ाकर 1200 हेक्टेयर (खरबूज) एवं 300 हेक्टेयर (तरबूज) कर दिया गया है।
उप संचालक उद्यानिकी श्री अतरसिह कन्नौजी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया, कि गांधी सागर (रामपुरा) के डूब क्षेत्र में स्थित मनासा तथा जावद विकासखण्ड के किसानों को उद्यानिकी विभाग द्वारा खरबूज-तरबूज की खेती के लिए प्रेरित किया गया है। इसके फलस्वरूप किसान खरबूजे एवं बीज-मगज की खेती से प्रति हेक्टेयर लगभग 4.00 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
1125 किसानों को 60 करोड़ की आय: जायद सीजन में अन्य विकल्पों के अभाव में भी खरबूज एवं तरबूज की खेती 1125 किसानों के लिए आय का प्रमुख साधन बनी है। इससे किसानों को लगभग 60.00 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हो रही है।
उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, उन्नत बीज एवं विपणन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे परंपरागत खेती के साथ-साथ नवाचार को भी बढ़ावा मिल रहा है।
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नीमच जिले में 87,846 हेक्टेयर में उद्यानिकी फसलें
मसाला फसलों का रकबा सर्वाधिक 53,374 हेक्टेयर, औषधीय फसलें 13,137 हेक्टेयर में
ODOP योजना में 297 इकाइयां स्थापित, 1366.95 लाख अनुदान वितरित
1.63 लाख वर्ग मीटर में शेडनेट हाउस एवं 4 कोल्ड स्टोरेज निर्मित
नीमच, 10 जून 2026, नीमच जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2025-26 में जिले में कुल 87,846.00 हेक्टेयर में उद्यानिकी फसलें लगाई गई हैं।
फसलवार रकबा विवरण: फल फसलें: संतरा, अमरूद आदि – 10,022.00 हेक्टेयर, सब्जी फसलें: टमाटर, गोभी, मटर आदि – 10,874.00 हेक्टेयर, मसाला फसलें: लहसुन, धनिया, मैथी, प्याज आदि – 53,374.00 हेक्टेयर, औषधीय एवं सुगंधित फसलें: अश्वगंधा, ईसबगोल, शतावरी, चिरायता आदि-13,137.00 हेक्टेयर, पुष्प फसलें: गेंदा, गुलाब आदि – 439.00 हेक्टेयर है।
एक जिला एक उत्पाद योजना में उप संचालक उद्यानिकी श्री अतर सिह कन्नौजी ने बताया, कि ODOP योजना प्रारंभ वर्ष 2020-21 से अब तक 297 इकाइयों की स्थापना हेतु 3930.83 लाख रुपये ऋण स्वीकृत किया गया। इनमें से 266 इकाइयों को 3321.78 लाख का ऋण वितरण किया जा चुका है। इनमें हितग्राहियों को कुल 1366.95 लाख रुपये अनुदान का लाभ प्राप्त हुआ है।
स्थानीय ब्रांडों को राष्ट्रीय बाजार: जिले के हितग्राही विश्वकर्मा हाईटेक कृषि फार्म, कस्तूरी, मालवा बाइट्स, स्पाईसी जायका, भगत जी मसाला, महारानी मसाला, अग्निपुष्प, अमृत कुम्भ, नरम पुड़ी, गोलचा सेठ, गोपाल कृष्ण आदि ब्रांड नेम से अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार एवं अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से उदयपुर, दिल्ली, जयपुर, इंदौर, उज्जैन में विक्रय कर अच्छा लाभ अर्जित कर रहे हैं।
औषधीय फसलों का हब बना नीमच: नीमच जिला औषधीय मण्डी एवं औषधीय फसलों में विशेष स्थान रखता है। यहां मुख्य रूप से अश्वगंधा, ईसबगोल, तुलसी, कालमेघ, सफेद मूसली, शतावर, कलौंजी, चिया एवं अन्य औषधीय फसलों की खेती की जा रही है।
संरक्षित खेती को बढ़ावा: ग्राम रणावतखेड़ा, वि.खं. जावद को संरक्षित खेती क्लस्टर बनाकर पूर्व वर्ष में 65,575 वर्ग मीटर एवं इस वर्ष MIDH-26,975 वर्ग मी., Cluster-65,400 वर्ग मीटर एवं राज्य योजना 6,000 वर्ग मीटर इस प्रकार कुल 1,63,950 वर्ग मीटर में शेडनेट हाउस का निर्माण करवाया गया है। इससे कृषक उच्च मूल्य सब्जियों की खेती कर कम लागत में अधिक गुणवत्तायुक्त उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।
भंडारण क्षमता में वृद्धि: उद्यानिकी फसलों के मूल्य संवर्धन हेतु जिले में 4 कोल्ड स्टोरेज क्षमता-19,075 मेट्रिक टन, 1 राईपनिंग चेम्बर क्षमता-162.32 मेट्रिक टन एवं 376 प्याज भण्डार गृह क्षमता-18,800 मेट्रिक टन का निर्माण कराया गया है।
सिंचाई सुविधाओं का विस्तार: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 415 कृषकों को 408.80 हेक्टेयर के लिए ड्रिप/मिनी स्प्रिंकलर एवं पोर्टेबल संयंत्र स्थापना हेतु लघु/सीमान्त कृषकों को 55% एवं बड़े कृषकों को 45% अनुदान सहायता दी गई है।
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