नीमचमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश नीमच 02 मार्च 2026 सोमवार

दशहरा मैदान में पहले जलेगी होली फिर होगा आर्केस्ट्रा का आयोजन दशहरा मैदान में आज होगा सामूहिक होलिका दहन,
आर्केस्ट्रा रहेगी आकर्षण का केंद्र, नीमच सांस्कृतिक उत्सव समिति है आयोजक –
नीमच। नीमच सांस्कृतिक उत्सव समिति नीमच के द्वारा बीते 11 वर्षो अधिक से होलिका दहन का आयोजन किया जाता आ रहा है। नीमच सांस्कृतिक उत्सव समिति हर वर्ष पारंपरिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शहर के दशहरा मैदान में होली का पर्व को लेकर एक बड़ा आयोजन करती है जिसमें सांस्कृतिक आयोजन भी होते हैं  उसी के अंतर्गत प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी होलिका पर्व  धूमधाम से मनाया जायेगा। जिसके अंतर्गत आज होलिका दहन रात्रि 8.15 बजे होगा। होलिका दहन के पश्चात नाइस आर्केस्ट्रा द्वारा शानदार प्रस्तुति दी जाएगी, जिसमें आर्केस्ट्रा के कलाकार मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे।, जिसमें होली गीतों की मस्ती के साथ होली पर्व का आगाज होगा। इस हेतु  नीमच सांस्कृतिक उत्सव समिति के सदस्यों बृजेश मित्तल, ओम दीवान, मनोहर अंब, इलियास कुरैशी, रमेश बोरीवाल, रोहित खेर (सोनू यादव),जग्गा पुनर, राजेश पराग टेंट, धर्मेंद्र परिहार, ठाकुर जी पिपलोंन कार्यक्रम की पूर्ण तैयारियां कर ली है। सभी ने एक मत से निर्णय लिया कि पारंपरिक होली का पर्व होली के मधुर गीतों के साथ पारिवारिक माहौल में संपन्न होगा।
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विधायक परिहार ने विधानसभा में जीरन सर्किट हाउस, जेतपुरा ओवरब्रिज सहित सडकों निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई

नीमच। विधायक दिलीपसिंह परिहार ने विधानसभा सत्र के दौरान जीरन सर्किट हाउस, जेतपुरा ओवरब्रिज सहित सडकों निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाकर जल्द पूर्ण करने की मांग की।
श्री परिहार ने विधानसभा में नीमच जिले की जीरन तहसील में सर्किट हाउस निर्माण सहित जिले की छोटी-छोटी सडकें, जो दूरदराज के गांवों और राजस्थान को जोडती हैं, जैसे ग्राम बिसलवास कलां स्टेशन से दारू मार्ग, दारू-हरनावदा मार्ग, कनावटी-लेवडा मार्ग, ग्वाल तालाब-पिराना मार्ग, पुरानी कृशि उपज मण्डी से नवीन कृशि उपज मण्डी मार्ग तथा मल्हारगढ से जीरन और जीरन से हैलीपेड तक सडक निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की।
साथ ही जेतपुरा-मनासा मार्ग पर ओवरब्रिज बनाए जाने का मुद्दा दमदार तरीके से उठाया। उन्होंने इस मार्ग पर होने वाली सडक दुर्घटनाओं के बारे में सदन को विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जेतपुरा चौराहा सडक हादसों की वजह से डेंजर जोन बना हुआ है। इस मार्ग पर सडक दुर्घटना के मामले लगातार बढ रहे है। कई निर्दोश लोगों ने अपनी जान दुर्घटना में गंवाई है और सैंकडों लोग घायल हुए हैं। डेंजरजोन होने के कारण हर साल लोग सडक हादसे में अपनी जान गंवा रहे हैं। इस मार्ग से हर साल लाखों की तादाद में महामाया भादवामाता के दरबार में चैत्र और शारदीय नवरात्रि में बडी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए जाते हैं। भादवामाता के अमृतमयी जल के सेवन से लकवाग्रस्त रोगी मां की कृपा से असाध्य बीमारियों से छुटकारा पाते हैं। श्री परिहार ने ओवरब्रिज निर्माण मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए शीघ्र ही ओवरब्रिज निर्माण किए जाने की मांग की। उल्लेखनीय है कि जेतपुरा चौराहे पर ओवरब्रिज का प्रस्ताव बन जाने के बाद नीमच विधानसभा सहित मनासा विधानसभा के हजारों क्षेत्रवासियों के लिए फायदेमंद साबित होगा और हर साल होने वाले सडक हादसों और मौतों में कमी आएगी।
श्री परिहार ने विधानसभा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेशसिंह को धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि शीघ्र ही नीमच विधानसभा की उक्त मांगों को स्वीकृत कर शीघ्र निर्माण प्रारंभ कराए जाएंगे।
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नीमच की प्राचीन, प्रामाणिक एवं ऐतिहासिक होली

भारतीय परम्परा में मनाए जाने वाले उत्सवों में होली एक प्रमुख त्यौहार है। इसकी पृश्ठभूमि में भक्त प्रहलाद की कथा सर्वविदित है। इसके साथ ही देश की कृशि प्रधानता के कारण फसल तैयार होकर किसान के घर अन्न जमा होना भी इस उत्सव को बडे ही हर्शोल्लास से रंग गुलाल उडाकर मनाए जाने का प्रमुख आधार है। सर्वत्र फाल्गुन पूर्णिमा को गली मोहल्लों, चौराहों एवं सार्वजनिक खुले स्थान पर जनमानस एकत्र होकर स्थापित होली डांडा ध्वज दण्ड व ईंधन को होली व ध्वजा को प्रहलाद स्वरूप मानकर पूजन अर्चन करते हैं। यहां पर होली में गोबर के बने बडकूले, नारियल, खेरा खंडा (अस्त्र-शस्त्र) आदि चढाए जाते हैं। उपरान्त ध्वजा (धर्मस्वरूप) को सुरक्षित रखकर बाकी ईंधन (अधर्म स्वरूप) में आग लगाकर जलाते हैं। इसी अग्नि में नई उपज की गेहूं की बालियां सेंककर प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है तथा कुछ अग्नि घर में ले जाकर स्थापित की जाती है। जिससे हानिकारक जीवाणु नश्ट होने व नकारात्मक उर्जा व बूरी आत्माओं का पलायन होकर सात्विक वातावरण निर्मित होता है एवं सकारात्मक उर्जा का संचार होता है।
शहर के ह्दय स्थल दानागली, कुम्हारा गली चौराहे पर मनाई जाने वाली होली की अलग ही ऐतिहासिक पहचान है। यह स्थान धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक गतिविधि का केन्द्र है। तुर्रा कलंगी के माच (खेल) गैर निकालना, दशहरा उत्सव का श्रीगणेश भी यहीं से होता रहा है। शहर व छावनी की स्थापना से ही यहां पर एक माह पहले माघ पूर्णिमा पर धर्मध्वज होली का डंडा शुभ मुहूर्त्त में ठा.औंकारसिंह चौहान, भोलाराम सेठ, रतन बाजी, पं.मोहनलाल पन्नालाल (पंचांगकर्ता), छोगालाल मैनेजर, पं.छोटेलालजी, सेठ चांदमल सूरजमल जैसी अनेकों गणमान्य विभूतियों की उपस्थिति में श्री मुरली मनोहर मंदिर के पुजारी द्वारा विधान अनुसार स्थापित किया जाता रहा है। विगत 60 वर्शों से पं.राधेश्याम उपाध्याय (अध्यक्ष कर्मकाण्डीय विप्र परिशद) द्वारा यह सम्पन्न किया जा रहा है। जबकि फाल्गुन पूर्णिमा पर होली दहन के समय पूजा अर्चना विधान पालन श्री बूढा गोपाल मंदिर के वर्तमान पुजारी पं.जयप्रकाश शर्मा द्वारा कराया जायेगा। उल्लेखनीय है कि दोनों मंदिरों का यह सहधर्म जनहित में प्राचीनकाल से चला आ रहा है, जो अन्यत्र कहीं देखने को नहीं मिलता है। दूसरे दिन सब भेदभाव भुलाकर आपस में रंग गुलाल लगाकर रंगों का उत्सव मनाया जाता है एवं सायंकाल समय गत एक वर्श में जिन परिवारों में गमी हुई है, वहां जाकर रंग लगाकर शोक उठाने की परम्परा का निर्वाह किया जाता है।
विशेश – एक ही व्यक्ति द्वारा विगत 60 वर्शों से लगातार होली का डण्डा रोपना। विधानानुसार मनाई जाने वाली संभवतः एकमात्र होली। दो मंदिरों की जनहित में सहधर्म में भागीदारी।
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श्याम निशान यात्रा का रामपुरा नवजीवन निःशक्तजन अभिभावक कल्याण संघ ने किया भावभीना स्वागत
नीमच। रामपुरा नवजीवन निःशक्तजन अभिभावक कल्याण संघ एवं अन्तर्राश्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में बीती 25 फरवरी को श्री श्याम बाबा के फाग महोत्सव के प्रथम दिवस पर निकलने वाली निशान यात्रा का ढोल ढमाकों के बीच पुश्पवर्शा कर भावभीना स्वागत कर शीतल जल पिलाया गया।
इस अवसर पर निःशक्त कल्याण अध्यक्ष माणक मोदी, वार्ड क्र 8 पार्शद दुर्गाशंकर भील, पार्वती मोदी, विरेन्द्र पाटीदार, मनोहर बैरागी व टीम, महिला अध्यक्ष पिंकी ठाकुर, आलोक शर्मा, अनिल भागचन्दानी, नीलम सिंधी, रमेश भील, बालाराम चौहान, आकाश शर्मा, अनिता ठाकुर, आयुश मोदी, रईस पटवा, चन्द्रशेखर जायसवार, रोहित माली, पाटीदार सखी महिला मण्डल की मातृशक्ति सहित अन्तर्राश्ट्रीय मानवाधिकार के सभी पदाधिकारी व मनासा नाका, नीमच सिटी तिराहा के आसपास के दूकानदारों ने बडी संख्या में उपस्थित होकर सनातन की परम्परा में बढ चढकर हिस्सा लिया। अन्त में आभार माणक मोदी ने माना।
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समाज, संवेदना और जीवन मूल्यों का सशक्त माध्यम है साहित्य-रेणुका व्यास

 
‘आख्यायिका’ एवं ‘दृष्टि पथ’ पुस्तक का विमोचन सम्पन्न
 
नीमच। शहर में आयोजित गरिमामयी समारोह में लेखिका रेणुका जयशंकर व्यास की कृतियों ‘आख्यायिका’ एवं ‘दृष्टि पथ’ का विधिवत विमोचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
विमोचन उपरांत सम्मान समारोह में लेखिका ने अपने उद्बोधन में कहा कि लेखन उनके लिए मात्र अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज, संवेदना और जीवन अनुभवों को शब्दों में संजोने का सतत प्रयास है। उन्होंने साहित्य को मनुष्य को विचारशील बनाने और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने वाला माध्यम बताया। अपनी कृतियों के माध्यम से समाज की विविध अनुभूतियों, संस्कारों एवं जीवन मूल्यों को पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास भी उन्होंने व्यक्त किया।
नगर समस्या एवं सुझाव ग्रुप के एडमिन विवेक खण्डेलवाल ने स्वागत भाषण में कहा कि सभी की गरिमामयी उपस्थिति से समारोह और अधिक सार्थक हुआ है। उन्होंने इसे शहर के लिए गर्व का अवसर बताया।
साहित्य की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए डॉ. अशोक जैन ने कहा कि लेखन समाज का दर्पण है और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने का प्रभावी माध्यम भी।
ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. माधुरी चौरसिया ने साहित्य को समाज को दिशा देने वाला सशक्त साधन बताया और लेखन को संस्कारों का संवाहक कहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भीलवाड़ा के प्रसिद्ध साहित्यकार राजेन्द्र गोपाल व्यास ने कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लेखिका की रचनाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कृतियां समाज को नई दृष्टि प्रदान करती हैं।
समारोह का प्रभावी संचालन प्रख्यात साहित्यकार प्रमोद रामावत ‘प्रमोद’ ने अपनी सहज शैली में किया। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा एवं कृतियों की विशेषताओं पर प्रकाश डाला।
दोनों पुस्तकों की समीक्षा प्रोफेसर डॉ. संजय जोशी द्वारा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में लेखिका एवं उपस्थित अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। समीक्षा लेखन करने वाले तथा वरिष्ठ समाजजनों का भी मोतियों की माला व दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया गया।
अंत में लेखिका के ज्येष्ठ पुत्र धीरेन्द्र व्यास ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी की उपस्थिति ने आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। नगर समस्या सुझाव ग्रुप एवं व्यास परिवार की ओर से सभी अतिथियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
समारोह में बड़ी संख्या में एनएसएसजी सदस्य, चिकित्सकगण, साहित्य प्रेमी एवं समाजजन उपस्थित रहे।
उक्त जानकारी का प्रेस नोट विवेक खण्डेलवाल ने जारी किया।
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