मंदसौरमध्यप्रदेश

जिले की प्रतिभा चित्रकार डॉ. राहुल देव लोहार को भोपाल में फिर किया सम्मानित

जिले की प्रतिभा चित्रकार डॉ. राहुल देव लोहार को भोपाल में फिर किया सम्मानित

नीमच। जिले की जीरन के एक छोटे से गांव कुचड़ोद के प्रतिभाशाली और चित्रकार डॉ. राहुल देव लोहार को चित्रकला क्षेत्र में निरंतर दिए जा रहे अद्भुत योगदान और विश्व में जिले व प्रदेश का नाम गौरान्वित करने पर क्रम बद्ध प्रदेश के केबिनेट मंत्रीयो द्वारा सम्मानित करते हुए आगामी उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामना सन्देश प्रदान किया।
इस दौरान पशुपतिनाथ दरबार की आध्यात्मिक कलाकृति जो की चित्रकार डॉ. राहुल की मौलिक कलाकृति हैं जिसे राहुल ने शुद्ध प्राकृतिक देसी रंगों बनाया हैं उसका भी अवलोकन किया। जिसमे जगदीश देवड़ा उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, गोविन्द सिँह राजपूत केबिनेट मंत्री मध्यप्रदेश शासन, राकेश सिंह लोक निर्माण मंत्री, विश्वास कैलाश सारंग केबिनेट मंत्री, नारायण सिंह कुशवाह केबिनेट मंत्री, हरदीप सिंह डंग पूर्व केबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक सुवासरा, महिला एवं बाल विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्य अधिकारी एस ए विशाल नाड़करणी ने चित्रकार डॉ. राहुल द्वारा निर्मित कलाकृति को सभी मंत्रियों और अधिकारियों ने सराहा और शासन द्वारा सन्देश, शुभकामना, और प्रशंसा पत्र जारी किया। साथ ही बहु कला केंद्र ‘भारत भवन’ भोपाल के वरिष्ठ कलागुरु एवं अधिकारियों ने भी डॉ. राहुल से शिष्टाचार भेंट की।

इससे पूर्व गत माह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भी राहुल से मिलकर उनकी अनूठी और दुर्लभ कलाकृतियों की प्रस्तुति के लिए विशेष सराहना की थी। राहुल का नाम उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में दर्ज है। घाना स्थित वेबबिक यूनिवर्सिटी द्वारा राहुक को मानद डॉक्टरेट की उपाधि देकर सम्मानित किया जा चूका है।

मंत्रीगणो द्वारा जारी सन्देश पत्रों में कहा गया है की ग्राम कुंचडौद, तहसील जीरन, जिला नीमच के सुप्रसिद्ध चित्रकार श्री राहुल कुमार लोहार ने भारतीय चित्रकला को अपनी अद्वितीय प्रतिभा से निखारा है। श्री राहुल पारंपरिक भारतीय रंगों का उपयोग कर ऐसे जीवंत और प्रभावशाली चित्र बनाते हैं, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत को गर्व से प्रदर्शित करते हैं। उनके कैनवास, भोजपत्र और ताम्रपत्र पर उकेरे गए चित्र न केवल देवी-देवताओं और आदिवासी कला की समृद्धता दर्शाते हैं, बल्कि भारत के महान वीर जवानों की शौर्य गाथा को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं। यह अत्यंत सराहनीय है कि भारतीय मीडिया ने भी उनके उत्कृष्ट योगदान को विशेष सम्मान दिया है।
उनके रचनात्मक प्रयास और कला की निष्ठा न केवल मध्यप्रदेश के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का विषय हैं। मैं श्री राहुल कुमार लोहार को उनके अद्भुत कला सफर के लिए हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते है। उनकी प्रतिभा सचमुच प्रेरणादायक है और आने वाले वर्षों में और ऊँचाइयाँ छूने की अपार क्षमता रखती है।

 

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