कृषि दर्शनमंदसौरमंदसौर जिला

धमनार के प्रगतिशील कृषक बद्रीलाल धाकड़ ने विकसित की लहसुन की दो उन्नत किस्में – धमनार क्रांति एवं धमनार डायमंड

धमनार के प्रगतिशील कृषक बद्रीलाल धाकड़ ने विकसित की लहसुन की दो उन्नत किस्में – धमनार क्रांति एवं धमनार डायमंड

मंदसौर। जिले के ग्राम धमनार के प्रगतिशील कृषक श्री बद्रीलाल धाकड़ द्वारा कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र मंदसौर श्री निशीथ जी गुप्ता कृषि वैज्ञानिक मंदसौर के मार्गदर्शन तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के सहयोग से लहसुन की दो नई एवं उन्नत किस्मों – धमनार क्रांति एवं धमनार डायमंड झ्र को विकसित किया गया है।
इन किस्मों का विकास स्थानीय परिस्थितियों, मिट्टी की विविधता एवं बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए किया गया है। प्रारंभिक परीक्षणों में यह दोनों किस्में वर्तमान देसी एवं अन्य प्रचलित किस्मों की तुलना में अधिक उत्पादन देने वाली सिद्ध हुई हैं।

खेत पाठशाला का आयोजन
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में कृषक के खेत पर एक विशेष खेत पाठशाला का आयोजन किया गया, जिसमें हाई स्कूल के कृषि संकाय के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कृषि अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों द्वारा आधुनिक कृषि तकनीकों जैसे ड्रोन स्प्रे, मल्चिंग पद्धति, ड्रिप इरिगेशन एवं माइक्रो इरिगेशन सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं कृषि में कैरियर की अपार संभावनाओं के विषय में भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से डीडीए श्री रविन्द्र कुमार जी मोदी जी कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र श्री निशीथ जी गुप्ता कृषि वैज्ञानिक , २ंङ्मि श्री चेतन जी पाटीदार, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री जितेंद्र सिंह चौहान, श्री डीके जैन, श्री परमार साहब , श्री जितेंद्र कुमार चौधरी, कृषक जगत पत्रिका वरिष्ठ पत्रकार श्री अनिल कुमार जी सुराना, स्कूल टीचर श्री सोनिया धाकड़, अनुराधा जी, श्री शिवलाल जी, श्री बनवारीलाल जी बैरागी, श्री कारू लाल जी किसान श्री जगदीश धाकड़, श्री देवीलाल जी सुथार, श्री मंगलदास जी बैरागी प्रमुख रूप से एवं कृषि संकाय के छात्र छात्राएं शामिल हुए।

किस्मों की प्रमुख विशेषताएं

  • 1. धमनार क्रांति एक गठन ( बल्ब ) में 18 से 25 मोटी एवं लम्बी कलियां होती हैं।
  • 2. 40 से 85 मि.मी. तक बड़े आकार का बल्ब
  • 3. भरपूर गंध, स्वाद एवं प्रोटीन की पौष्टिकता वाली किस्म।
  • 4. 7 से 10 परतें (स्थानीय भाषा में पर्दे) होते हैं।
  • 5.आकर्षक सफेदी एवं उच्च बाजार मूल्य

उत्पादन क्षमता:
दोनों किस्मों की 25 से 35 क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन क्षमता

  • 1. धमनार डायमंड एक गठन में 25 से 35 पतली एवं लंबी कलियां
  • 2. चमकदार ठोस एवं पूर्ण सफेद बल्ब
  • 3. उत्कृष्ट भंडारण क्षमता (लगभग वर्षभर सुरक्षित)
  • 4. 140 से 160 दिनों में पूर्ण रूप से पककर तैयार
  • 6. सभी प्रकार की मिट्टी में अच्छा उत्पादन

दोनों किस्मों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर पाई गई है। थ्रिप्स, काली मस्सी एवं भूरी मस्सी का प्रकोप अन्य किस्मों की तुलना में कम देखा गया है।

भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि ये दोनों किस्में आने वाले समय में न केवल मंदसौर जिले बल्कि पूरे प्रदेश एवं देश में लहसुन उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेंगी। एवं किसानों को अच्छा लाभ भी देगी। यह पहल आत्मनिर्भर एवं तकनीकी खेती की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

बद्रीलाल धाकड़ धमनार
– 7987431922

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WhatsApp Icon
Whatsapp
ज्वॉइन करें
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}