मधुबाला पाटीदार को पॉलीहाउस तकनीक से गुलाब की खेती से सालाना लगभग 25 लाख रुपये की आमदनी हो रही

मधुबाला पाटीदार को पॉलीहाउस तकनीक से गुलाब की खेती से सालाना लगभग 25 लाख रुपये की आमदनी हो रही
जिले के किशनगढ़-पिपलोदा की रहने वाली किसान मधुबाला पाटीदार ने पॉलीहाउस तकनीक अपनाकर गुलाब की खेती से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने 2 बीघा भूमि में पॉलीहाउस स्थापित कर गुलाब के फूलों की खेती शुरू की, जिससे उन्हें सालाना लगभग 25 लाख रुपये की आमदनी हो रही है। इसमें से मजदूरी एवं अन्य खर्च निकालने के बाद उन्हें 12 से 13 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा प्राप्त होता है।
मधुबाला पाटीदार ने बताया कि उनके द्वारा उत्पादित गुलाब रतलाम के अलावा भोपाल और दिल्ली तक बेचे जाते हैं, जिससे उन्हें बेहतर बाजार मूल्य मिलता है।
उन्होंने बताया कि उन्हें पॉलीहाउस मे खेती की जानकारी उन्हें उद्यानिकी विभाग के माध्यम से प्राप्त हुई तथा सरकारी योजना के अंतर्गत पॉलीहाउस निर्माण के लिए आर्थिक सहायता भी मिली। पॉलीहाउस लगाने से पहले उनका खेत उबड़-खाबड़ था, जिसे ट्रैक्टर से समतलीकरण कर खेती योग्य बनाया गया। इसके बाद 2 बीघा में पॉलीहाउस बनाकर गुलाब की खेती प्रारंभ की।
गुलाब की खेती में सफलता मिलने के बाद उन्होंने अपने खेत का विस्तार करते हुए 15 से 16 बीघा क्षेत्र में पॉलीहाउस स्थापित कर ककड़ी एवं गुलाब की खेती शुरू की। गुलाब की फसल से संबंधित तकनीकी मार्गदर्शन, खाद, कीट एवं रोग प्रबंधन की जानकारी उन्हें मोबाइल के माध्यम से प्राप्त हो जाती है।
मधुबाला ने बताया कि पहले वे पारंपरिक फसलें जैसे सोयाबीन, चना और गेहूं की खेती करती थीं, जिसमें प्रति बीघा मात्र 2 क्विंटल सोयाबीन का उत्पादन होता था। इससे मजदूरी का खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाता था। लेकिन पॉलीहाउस तकनीक अपनाने से उनकी आमदनी में कई गुना वृद्धि हुई है।


