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विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में बड़ा कदम: उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा

बजट को लेकर मंदसौर बीजेपी कांग्रेस नेताओं ने दी अपनी प्रतिक्रिया

तेजी से आगे बढ़ते मध्यप्रदेश को मिलेगा विशेष लाभ

प्रधानमंत्री श्री मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण का जताया आभार

उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की ओर एक बड़ा कदम है। उन्होंने मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण को कोटि-कोटि बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस बजट से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से विकसित हो रहे राज्य को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेज गति से अपनी जीडीपी में बढ़ोतरी कर रहा है। पूंजीगत व्यय में हमारा प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है। अब कैपेक्स बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ किया गया है। केन्द्रीय बजट में पूंजीगत व्यय के लिये राज्यों को विशेष पूंजीगत सहायता योजना में 2 लाख करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। जो विगत वर्ष से 50 हजार करोड़ रूपये अधिक है। इस योजना में मध्यप्रदेश को लगभग 15 हजार करोड़ रूपये प्राप्त होने की संभावना होगी। इससे अधोसंरचनात्मक गतिविधियों को विस्तार देने में भी मदद मिलेगी। अन्य राज्यों की तुलना में म.प्र. में एमएसएमई विकास का सबसे अच्छा इको-सिस्टम बना है। इस बजट से एमएसएमई सेक्टर को भरपूर विस्तार मिलेगा। उन्होंने कहा कि बजट में गरीब, युवा अन्नदाता और नारी शक्ति वर्ग पर विशेष फोकस है। उन्होंने कहा बजट में जिन तीन प्रमुख कर्तव्यों का उल्लेख है म.प्र. उनका पालन करते हुए आगे बढ़ रहा है।

आर्थिक वृद्धि, जन आकांक्षाओं का सम्मान और सबका साथ सबका विकास

बजट की विशेषताएं बताते हुए श्री देवडा ने कहा कि मोदी सरकार 3.0 का तीसरा बजट ‘सबका साथ-सबका विकास’ की भावना के अनुरूप है। बायोफार्मा हब बनाने की पहल के दूरगामी परिणाम आएंगे। विनिर्माण क्षेत्रों का रणनीतिक विकास किया जायेगा। लखपति दीदी विस्तार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की पहल स्वागत योग्य है। इसके तहत सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट बनाए जाएंगे जो क्लस्टर स्तरीय फेडरेशन के अंतर्गत सामुदायिक खुदरा आउटलेट्स के रूप में भी कार्य करेंगे। इससे मध्यप्रदेश में महिला उद्यमिता को भरपूर प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर ध्यान दिया गया है इसका लाभ मध्यप्रदेश को मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में उभरते सेमीकंडक्टर सेक्टर को बजट से सपोर्ट मिलेगा। वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफार्म से राज्य को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों का विकास किया जायेगा। शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5 हजार करोड़ खर्च किये जायेंगे। छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित होने से छोटे शहरों की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हेल्थ केयर इकोसिस्टम पर विशेष जोर दिया गया है। जिला अस्पतालों को अपग्रेड किया जायेगा। जिससे बुजुर्गों के इलाज पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती होंगी जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी। देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास का निर्माण करने की अनूठी पहल बजट में की गई है। भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की पहल से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से आगे बढ़ते राज्यों को भी लाभ होगा। मध्यप्रदेश पर्यटन की संभावना से भरपूर राज्य है इसलिए केंद्रीय बजट में पर्यटन विकास संबंधी प्रस्ताव स्वागत योग्य है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड रखें जायेंगे, जिससे पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएँ बढ़ेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री देवडा ने कहा, कि इनकम टैक्स में छोटे करदाताओं के लिये प्रक्रिया आसान होगी। राजकोषीय घाटे का 4.3 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि कुल 53 लाख 47 हजार करोड़ का बजट में पूंजीगत व्यय का अनुमान 12 लाख 21 हजार करोड़ रखा गया है। जी.डी.पी के लिये 393 लाख करोड़ का अनुमान रखा गया है जो विगत वर्ष की जी.डी.पी के अनुमान से 10 प्रतिशत अधिक है। इससे सभी राज्य जीडीपी में अपना योगदान बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

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बजट भारत की अर्थव्यवस्था को गति और रोजगार को बढ़ावा देने वाला — सुधीर गुप्ता

मंदसौर। बजट भारत की अर्थव्यवस्था को गति और रोजगार को बढ़ावा देने वाला है।  53 लाख करोड़ का बजट देश की आर्थिक प्रगति का मापदंड है और सभी वर्गों के सपनों को पंख लगाने वाला है, जिसकी भावना है-सबका साथ,सबका विकास,सबका विश्वास और सबका प्रयास।   उक्त बात सांसद सुधीर गुप्ता ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर कही।
सांसद गुप्ता ने बजट के लिए प्रधानमंत्री मोदी एवं वित्त मंत्री सीतारमण का आभार जताया। सांसद गुप्ता ने कहा कि  यह बजट सभी वर्गों और क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  बजट में विकसित भारत 2047 की स्पष्ट झलक दिखाई देती है और यह आने वाले वर्षों के लिए मजबूत नींव रखने का काम करेगा।  यह 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने की सोच के साथ लाया गया बजट है। किसान, नौजवान, महिलाएं, शिक्षक, चिकित्सक और व्यापारी समाज का कोई भी वर्ग ऐसा नहीं है जिसे इस बजट में नजरअंदाज किया गया हो।
उन्होंने कहा कि टैक्स प्रक्रियाओं का सरलीकरण मध्यम वर्ग के लिए राहतकारी है।  स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष आवंटन और MSME के लिए 40,000 करोड़ रुपए का निवेश स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करेगा।  हर जिले में एक महिला छात्रावास बनाने का निर्णय से महिलाओं की समस्या दूर होगी. हर टियर टू और टियर थ्री सिटीज के डेवलपमेंट ग्रोथ के लिए बजट में प्रावधान दिए गए हैं। यही से एम्पलॉयमेंट और मिडिल क्लास का डेवलपमेंट होता है। गर्ल हॉस्टल का निर्णय बालिका शिक्षा की बाधा दूर करेगा। सेमीकंडक्टर, रेयर अर्थ मिनरल्स, कैंसर व अन्य गंभीर दवाई गंभीर बीमारियों की दवा सस्ती कराने से आमजन को राहत मिलेगी।  किसानों के लिए भारत विस्तार AI एग्री टूल की शुरुआत कृषि क्षेत्र में तकनीक के समावेश से उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी l

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2047 के लक्ष्य पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बजट – सांसद श्री गुर्जर

मंदसौर। केन्द्रीय बजट के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि आज हमारे देश की वित्त मंत्री माननीया निर्मला सीतारमणजी ने बजट पेश किया यह बजट विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वर्ष 2026-27 के इस बजट में किसानों, युवाओं, महिलाओं व सभी वर्गो के उत्थान के लिये पहल की गई है यह बजट विकासोन्मुखी बेहतर स्वास्थ्य व एम.एस.एम.ई. सेक्टर व रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने वाला बजट है। ये सभी वर्गो के उत्थान वाला बजट है।
किसानों की आय बढ़ाने के लिये – मत्स्य पालन के लिये 500 जलाशयों व अमृत सरोवरों के निर्माण की पहल एवं मत्स्य उत्पादन एफ.पी.ओं एवं महिला समूहों को बाजार से जोड़ने का प्रावधान।
पशुपालन क्षेत्र में सब्सिडी – पशुधन उद्यमों को संर्वधन और उनके आधुनिकीकरण के लिये तथा मुल्य निर्मित करने के लिये पशुधन, पालको, उत्पादको के एफ. पी. ओ. को प्रोत्साहन का प्रावधान है।
नारियल उत्पादक किसानो के एक करोड और परिवार सहित 3 करोड़ नारियल उत्पादकों के लिये नारियल संर्वधन योजना की पहल सराहनीय एवं स्वागत योग्य है।
पुराने कम उपज वाले फूलोघानों के संरक्षण पर्वतीय क्षेत्रों में अखरोट, बादाम, और खुमानी की पौदावार बढ़ाने के लिये मुख्य संर्वधन, योजना का प्रावधान है।
बजट में कैन्सर पीड़ित रोगीयों के लिये 17 औषधियों को कर मुक्त करने की पहल का हम स्वागत करते हैं। देश सुरक्षा हो मजवुत बनाने के लिये 7.85 लाख करोड़ का प्रावधान दिया गया है इसका हम स्वागत करते है मा. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी व वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमणजी को धन्यवाद देते है।
इस बजट मे 12.00 लाख करोड़ से अधिक राशी इन्फास्ट्रक्चर  के लिये रखी गई है इससे देश आधारभूत ढांचा मजबूत होगा।
उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओं के लिये हर जिले मे छात्रावास निर्माण की पहल महत्वपूर्ण है।
नागरिकों के स्वास्थ्य की बेहतरी के लिये भारत को एक वैश्वीक बायोफार्मो विनिर्माण केन्द्र के रूप मे विकसीत करने के लिये दस हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है।
सात उच्च रेल करिडोर के अंतर्गत मुंबई -पुणे,पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद – बेंगलुरू, हैदराबाद – चेन्नई, चेन्नई – बेंगलुरू, दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी- सिलिगुड़ी का प्रावधान है। भारत एक कृषि प्रधान देश है, पशु पालन उसका महत्वपूर्ण अंग है यह देश की आय में 16 प्रतिशत का योगदान देता है। इस क्षेत्र को महत्व देने के लिये निजि क्षेत्र को पशु चिकित्सा, पशु चिकित्सा शिक्षा में निजि क्षेत्र को शामिल कर ऋण सम्बद्ध सबसीडी का प्रावधान इस क्षेत्र को मजबूत करेगा। खेल क्षेत्र को महत्व देते हुए- खेलो इंण्डिया मिशन प्रारम्भ करने का प्रावधान युवाओं को खेल के प्रति आर्कषित और संकल्पित करेगा। बजट में हाई स्पीड रेल करिडोर के अंतर्गत सम्मेकन्डर सेक्टर के लिये 40 हजार करोड, एम. एस. एम. ई के लिये 10 हजार करोड़, यह बजट युवा शक्ति का बजर है, युवा शक्ति के सपनो को साकार करता है उनके संकल्पों हो पूरा करता है। 2047 की उड़ान का मजबुत आधार है।
मैं माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणजी को बधाई देता है प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देता है ‘देश के विकास में यह बजट मील का पत्थर साबीत होगा।

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केन्द्रीय बजट से हर सेक्टर मजबूत होगा – श्री सुराणा

भाजपा जिला महामंत्री विजय सुराणा ने बताया कि केन्द्रीय बजट से हर सेक्टर मजबूत होगा क्योंकि हर बार की तरह इस बार भी केन्द्र सरकार ने बजट में हर सेक्टर का ध्यान रखा गया है। विशेषकर रक्षा बजट में जरूरी बढ़ोत्तरी की गई है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा बजट में पिछले 10 सालों का सबसे बड़ा इजाफा किया है। उन्होंने तीनों सेनाओं के लिए कुल 7.84 लाख करोड़ रुपए दिए हैं। यह 2025-26 के मुकाबले करीब 1 लाख करोड़ रुपए ज्यादा है। यानी कुल 15% की बढ़ोतरी हुई है जो कि एक स्वागत योग्य कदम है। केंद्र सरकार युवाओं को रील बनाना सिखाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स खोलेगी। देश में 3 नए आयुर्वेदिक एम्स खुलेंगे। कैंसर और हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां सस्ती होंगी। बजट में कैंसर की 17 दवाओं पर से आयात शुल्क हटाया। अभी 5% शुल्क लगता था। हीमोफीलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री। बजट में 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है इनमें मुंबई -पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी शामिल है यह भारत के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।  15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाई जाएंगी।

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केंद्रीय बजट 2026-27 – गाँव, गरीब, किसान और ग्रामीण भारत की खुली उपेक्षा – कांग्रेस जिलाध्यक्ष गुर्जर
जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री महेंद्र सिंह गुर्जर ने आज संसद में पेश केंद्रीय बजट 2026-27 को “गाँव, गरीब, किसान और मजदूर विरोधी” बताते हुए कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह बजट पहली बार ऐसा है जिसमें किसान का नाम तक नहीं लिया गया – न सिंचाई पर कोई नई घोषणा, न खाद-बीज सब्सिडी में वृद्धि, न खेतीहर मजदूरों के लिए कोई राहत, और न ही MSP की कानूनी गारंटी या फसल बीमा में सुधार।
श्री गुर्जर ने कहा, “यह चूक नहीं, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक घोषणा है। मोदी सरकार ने ‘अन्नदाता’ को भुला दिया है। बजट में AI टूल, हाई-वैल्यू क्रॉप्स जैसे चमकदार नारों के पीछे छिपाकर किसानों के असल मुद्दों – बढ़ती खेती की लागत, गिरते फसल दाम, कर्ज का बोझ और आत्महत्या जैसी गंभीर समस्या – से मुंह मोड़ लिया गया है। जबकि इंफ्रा और बड़े कॉरपोरेट्स को लाखों करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “बजट में ग्रामीण रोजगार, सिंचाई सुविधा, मिट्टी स्वास्थ्य, फसल विविधीकरण या खेतीहर मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी जैसी कोई ठोस योजना नहीं है। यह बजट ‘विकसित भारत’ का सपना दिखाकर ग्रामीण भारत को अंधेरे में धकेल रहा है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार तुरंत किसानों की सुनवाई करे, MSP को कानूनी गारंटी दे, खाद-बीज पर सब्सिडी बढ़ाए और बजट में असल राहत शामिल करे ।

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बजट में व्यापारी वर्ग को कोई राहत नहीं – श्री रातड़िया

केन्द्रीय बजट से देश के व्यापारियों को बहुत उम्मीदें थी कि मंदी को झेल रहे व्यापारी वर्ग के लिए कुछ नया बजट में होगा लेकिन जैसा कि हर बार होता है इस बार भाजपा की वित्त मंत्री ने वहीं किया सिर्फ निराशा ही हाथ लगी। केन्द्रीय बजट के आने के तुरंत बाद  शेयर बाजार धराशायी  हो गई सेंसेक्स 1500 अंकों कि गिरावट के साथ बंद हुआ। इससे स्पष्ट होता कि देश के शेयर बाजार ने भी बजट को स्वीकार नहीं किया है। बजट में कृषि, बेरोजगारी, शिक्षा पर भी विशेष ध्यान नहीं दिया गया है। इस बार तो बजट में मेडीकल कॉलेज या आईआईटी, आईआईएम जैसे शैक्षणिक संस्थान बढाने ेके बारे में कोई बजट नहीं दिया है। हर बार की तरह इस बार भी बजट में  कहा गया है कि भविष्य के चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रु. का एमएसएमई ग्रोथ फंड बनेगा लेकिन इस प्रकार की सिर्फ घोषणाएं की जाती है उद्यमियों को इसका सीधा लाभ कभी नहीं मिलता। कुल मिलाकर इस बजट से सभी को निराशा ही मिली है पुराने बजट को उपर नीचे कर नये फोल्डर में लेकर पेश कर दिया गया है।
निर्विकार रातडिया,जिला कांग्रेस अध्यक्ष उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ  मदंसौर
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केन्द्रीय बजट सिर्फ आंकडो पर आधारित, धरातल से कौसो दूर – श्री कुमावत

केन्द्रीय बजट से इस बार देश की जनता को बहुत उम्मीदें थी लेकिन हमेशा की तरह इस बार भी केन्द्रीय बजट ने देश की जनता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है इस पर अंकु श लगाने के लिए सरकार के पास कोई प्लान नहीं है। डॉलर के मुकाबले रूपये रोज गिर रहा है बजट में ऐसा कुछ नया नहीं है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। देश के विकास मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले श्रमिक वर्ग के लिए बजट में कुछ नहीं है श्रमिको के लिए पहले कांग्रेस के समय हमेशा कुछ न कुछ होता था लेकिन अब हर बार श्रमिक वर्ग को निराशा ही हाथ लगती है। सोना चांदी की किमतों पर कैसे नियंत्रण हो इस पर सरकार के पास कोई प्लान नहीं है। कृषि, युवा और शिक्षा के लिए सरकार के पास कुछ नहीं है तो अन्य मुद्दों के बारें में क्या कहा जाये। स्थिति यह हो गई कि कॉलेजों में अब रिल बनाना सिखाया जायेगा यदि अच्छे दिन ऐसे होते है तो देश की जनता को ऐसे अच्छे दिन नहीं चाहिए। महंगाई के मुकाबले इनकम टैक्स में कोई छूट नहीं दी गई। यह बजट सिर्फ देश का कर्ज बढ़ाने वाला और आर्थिक मार देने वाला है। आज देश का कर्ज़ जीडीपी का 85% हो चुका है और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत को सचेत किया है कि अगर इसी प्रकार से कर्ज लिया जाता रहा तो भारत की जीडीपी का हंड्रेड परसेंट कर्ज हो जाएगा जो उतरना देश के लिए संभव नहीं विश्व बैंक में सबसे बड़ा कर्जदार भारत है इस कर्ज को उतारने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है।

– सुरेन्द्र कुमावत, जिला उपाध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी, मंदसौर

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बजट में हर वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया है – धीरज पाटीदार

केन्द्रीय बजट में हर वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया है। माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने एक सुव्यवस्थित को विकसित भारत बजट पेश किया है। बजट में विशेषकर देश का डिफेंस बजट 6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर 7.8 लाख करोड़ रुपए किया गया। जो कि वर्र्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जरूरी था। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बजट में अच्छे प्रावधान किये गये है जिसके अंतर्गत सात गंभीर रोगों की दवाएं सस्ती होंगी। शुगर, कैंसर की 17 दवाओं के दाम घटेंगे। देश में एम्स के स्तर के 3 नए आयुर्वेद संस्थान बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री दिव्यांग केंद्रो को और मजबूत किया जाएगा। यह सभी आम व्यक्ति से जुडी चीजें है जो कि स्वागत योग्य होकर आमजन के हित में है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लखपति दीदी प्रोग्राम – सेल्फ हेल्प उद्यमियों को इनोवेटिव फाइनेंसिंग के जरिए मदद मिलेगी। ग्रामीण महिला उद्यमों के लिए स्व-सहायता उद्यम यानी शी-मार्ट्स की शुरूआत होगी। कुल मिलाकर केन्द्रीय बजट में सबके लिए बहुत कुछ है। अच्छा और बेहतर बजट पेश करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का बहुत – बहुत धन्यवाद। -धीरज पाटीदार, प्रदेश मंत्री, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा,मप्र

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भारत के विकास को नई दिशा देने वाला बजट – हिम्मत डांगी

केन्द्रीय बजट 2026 भारत के विकास को नई दिशा देने वाला बजट है। विशेषकर मध्यम वर्गीय का बजट में विशेष ध्यान रखा गया है।  रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया गया है जो कि एक स्वागत योग्य फैसला है। चूंकि जमाना इलेक्ट्रानिक की ओर बढ़ रहा है ऐसे में इन्हें बढ़ावा देने के लिए मोबाइल, ईवी स्कूटर, ईवी कारें और सोलर से जुड़ीं चीजें सस्ती होंगी जिसका सीधा लाभ आम आदमी को मिलेगा। कैंसर की 17 दवाइयों सस्ती होंगी, कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी जो कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मील पत्थर साबित होगी। बजट में पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा। रक्षा बजट को बढ़ाया गया है कि जो कि एक बड़ा और आवश्यक कदम है। इस बजट में आॅर्टिफिशियल इंटिलिजेंसी को  बढ़ावा दिया जायेगा जिसका सीधा लाभ युवाओं को मिलेगा युुवाओं के लिए स्कूल और कॉलेज स्तर पर आत्याधुनिक लैब्स बनाई जायेगी। बालिका शिक्षा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए देश के प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने का प्रावधान किया गया है। कुल मिलाकर बजट किसान, युवा, नौकरीपेशा, महिला, बुजुर्ग, व्यापारी सभी के लिए कुछ न कुछ सौगात लेकर आया है।
-हिम्मत डांगी, पूर्व प्रदेश मंत्री, किसान मोर्चा

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देश की जनता को फिर मिली निराशा, केन्द्रीय बजट में कुछ भी नया नहीं – पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री टूटेजा

मंदसौर। बजट में कुछ खास नहीं है हर बार की तरह  सिर्फ आमजनों की झुझुना पकड़ा दिया गया है। जो पिछले 11 वर्षो से केन्द्र की भाजपा सरकार कर रही है वहीं इस बार भी किया है बजट सिर्फ और सिर्फ आंकड़ो का मायाजाल है। उक्त बात कहते हुए जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मनजीतसिंह टूटेजा ने बताया कि इस बजट से न तो महंगाई कम हो रही है और ना ही आमजन को कोई विशेष राहत मिल रही है। बजट अर्थ व्यवस्था के लिए कितना हानिकारक है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बजट भाषण के बाद भारतीय शेयर बाजार बुरी तरह से धाराशाही हो गए।  भारत की अर्थव्यवस्था का केन्द्र मान जेने वाली खेती के लिए बजट में कुछ नया नहीं है। युवा किस प्रकार खेती को लाभ का व्यवसाय बनायें इसे लेकर बजट में कुछ नहीं है किसानों की आय दुगुनी करने की बातें सिर्फ भाजपा के भाषणों तक ही सिमित है। पहले कांग्रेस की सरकार के समय केन्द्रीय बजट का अत्यधिक महत्व होता था लेकिन अब वस्तुओं के दाम जीएसटी से तय होते है और इसके लिए जीएसटी काउंसिल बनाया हुआ है ऐसे में बजट में जो बताया गया है कि यह वस्तुएं सस्ती हुई है उसका सीधा लाभ कभी आम जनता को नहीं मिलता। श्री टूटेजा ने कहा कि रोजगार को लेकर बजट में कुछ नहीं है बेरोजगारी कैसे कम होगी नौकरियां कैसे बढ़ेगी इस पर बजट मेंं कुछ नहीं है।  कुल मिलाकर यह बजट देश के किसान, युवा, उद्यमी, नौकरीपेशा और आमजन सभी के लिए निराशाजनक रहा है।
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विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करने वाला ऐतिहासिक बजट – श्री चंदवानी

केंद्रीय बजट की जिÞला टोली के सह संयोजक एवं शा. महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नरेश चंंदवानी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि  केन्द्रीय बजट में आम जनता को बहुत कुछ दिया है। आज दुनिया में हर तरफ युद्ध का माहौल ऐसे में रक्षा की बात करें तो इस बजट में रक्षा के लिए  देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ कर दिया है। जो कि आवश्यक था और स्वागत योग्य है, यानी कुल डिफेंस बजट में 15.2% की बढ़ोतरी हुई है। हथियार खरीदी में पिछले साल के 1.80 लाख करोड़ के मुकाबले इस साल 2.19 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह पूंजीगत खर्च में सीधी 22% की बढ़ोतरी है। कैंसर की 17 दवाओं पर से आयात शुल्क हटाया। अभी 5% शुल्क लगता था। हीमोफीलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री गई है। स्कूली शिक्षा को और अधिक सुदृढ बनाने के लिए 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाई जाएंगी, इससे मूलभूत शिक्षा को मजबूती मिलेगी। लडकियों को शिक्षित करने के लिए देश में 789 जिले हैं। हर जिले में एक स्पेशल गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है। लखपति दीदी की तर्ज पर महिला स्वयं सहायता समूह की उद्यमी महिलाओं के लिए शी-मार्ट बनाए जाएंगे। इन दुकानों को महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के समुदाय ही चलाएंगे। इससे महिला सशक्तिकरण को बढावा मिलेगा। कुल मिलाकर वर्तमान परिस्थितियों को देखकर केन्द्रीय बजट पेश किया गया है।

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