जब इंग्लैंड में एक भी स्कूल नहीं था तब भारत में 7000 गुरुकुल थे- वर्षा नागर

जब इंग्लैंड में एक भी स्कूल नहीं था तब भारत में 7000 गुरुकुल थे- वर्षा नागर
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भवानीमंडी- श्री महावीर बस्ती में शनिवार को आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर साध्वी वर्षा नागर ने कहा की अपनी बेटियों को सोने चांदी के आभूषणों के साथ लोहे की तलवार भी देना ताकि वो समय आने पर आत्मरक्षा कर सके।साध्वी ने कहा कि आज यह हिंदू सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे हैं जो सोए हुए हिंदुओं को जगाने का कार्य कर रहे हैं। नागर ने कहा कि जब इंग्लैंड के एक भी स्कूल नहीं था तब भारत में 7 हजार से अधिक गुरुकुल हुआ करते थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्र के गौरव का सम्मान बढ़ा रहा है। वहीं कार्यक्रम के मुख्यवक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाह शंकर सिंह ने कहा कि परमार्थ को छोड़कर स्वार्थ जब हावी हो जाता है तब समाज में संत जन्म लेते हैं जो राष्ट्र निर्माण के साथ हमारी संस्कृति को नई सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को गुलामी की आदत हो गई है और इसीलिए डॉक्टर केशव राव बलीराव हेडगेवार ने हिंदुओं को संगठित करने के लिए संघ का कार्य आरम्भ किया जो आज भी जारी है। वहीं कार्यक्रम को राष्ट्र सेविका समिति की बारां विभाग कार्यवाहिका श्रीमती मिथिलेश ने भी सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें पूर्ण रूप से वैदिक मंत्रों के साथ गृहस्थ जीवन में प्रवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में आदिकाल से महिलाओं का सम्मान है लेकिन आज के हालात देखें तो आप स्वयं समझदार हैं।
इस आयोजन में वरिष्ठ चिकित्सक व समाजसेवी डॉक्टर जेके अरोड़ा व डॉक्टर मोतीलाल आहूजा मंचासीन थे। इस दौरान आयोजन समिति के अध्यक्ष श्याम चौधरी, संयोजक दिलीप परमार व दिलीप सोनी, संरक्षक नरेश माधवानी,डॉक्टर राकेश शर्मा,डॉक्टर भूपेश दयाल,नवीन जायसवाल, ओम प्रकाश गुप्ता व रघुवीर सिंह राठौड़, कोषाध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता व दिलीप शर्मा राजकुमार खरड़िया , संस्कार पोरवाल आदि के साथ बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक व्यास ने किया।



