देशउत्तर प्रदेशगोरखपुर

महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र, गोरखपुर में इफको नैनो डीएपी तरल का हुआ सफल प्रक्षेत्र प्रदर्शन

महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र, गोरखपुर में इफको नैनो डीएपी तरल का हुआ सफल प्रक्षेत्र प्रदर्शन

गोरखपुर पीपीगंज इफको (भारतीय किसान उर्वरक सहकारी सीमित) और महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र, चौकमाफी, पीपीगंज, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में नैनो उर्वरकों (नैनो डीएपी तरल एवं नैनो यूरिया) पर आधारित प्रक्षेत्र प्रदर्शन का आज निरीक्षण किया गया।इस अवसर पर इफको के उप महाप्रबंधक (कृषि सेवाएं), लखनऊ डॉ. आर.के. नायक, महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. राजेश सिंह, इफको गोरखपुर के वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. विनोद कुमार सिंह तथा डॉ. अजीत श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन स्थल का भ्रमण किया और फसलों पर नैनो उर्वरकों के प्रभाव का जायजा लिया।नैनो डीएपी तरल उर्वरक इफको द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक तकनीक है, जो नाइट्रोजन (N) और फास्फोरस (P₂O₅) की बेहतर उपलब्धता प्रदान करता है। यह किसानों को पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में कम मात्रा में अधिक प्रभावी पोषण देता है, जिससे उत्पादकता बढ़ती है,लागत कम होती है और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने किसानों को नैनो डीएपी के उपयोग, छिड़काव की विधि तथा फसलों पर इसके सकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। यह पहल उत्तर प्रदेश में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम में उपस्थित कृषि विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि नैनो उर्वरकों का व्यापक उपयोग भारतीय कृषि को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकता है। महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र जैसे संस्थानों में ऐसे प्रदर्शनों से स्थानीय किसानों को नई तकनीकों से सीधे जुड़ने का अवसर मिल रहा है।इफको और कृषि विज्ञान केंद्र की यह संयुक्त पहल किसानों के लिए न केवल तकनीकी नवाचार ला रही है, बल्कि पर्यावरण-अनुकूल खेती की ओर भी मजबूत कदम बढ़ा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WhatsApp Icon
Whatsapp
ज्वॉइन करें
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}