रतलामपिपलोदा

रास्ता भटके बुजुर्ग को सोशल मीडिया से मिला परिवार, पुलिस व लोगों ने बस में बिठा ग्रामीण को सकुशल पहुंचाया घर

रिपोर्टर जितेंद्र सिंह चंद्रावत जडवासा

 

रास्ता भटके बुजुर्ग को सोशल मीडिया से मिला परिवार, पुलिस व लोगों ने बस में बिठा ग्रामीण को सकुशल पहुंचाया घर

जडवासा। राजस्थान के मण्डफिया में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल साँवरिया सेठ मंदिर दर्शनार्थ गए मंदसौर जिले के एक बुजुर्ग रास्ता भटककर रतलाम जिले के ढोढर कस्बे में पहुंच गए। जबकि वे मंदसौर जिले के सुवासरा के नजदीक स्थित ग्राम ढोढर के रहने वाले बताए जाते हैं। गांव के एक जैसे नाम से कन्फ्यूज होने के कारण बस कंडक्टर नीमच बस स्टैंड से उन्हें रतलाम जिले के ढोढर में कालूखेड़ा फंटा पर उतार कर रवाना हो गया। इनका नाम कारूलाल बलाई बताया जाता है, जो मानसिक रूप से जरा कमजोर भी है। ढोढर में कालूखेड़ा फंटा पर इनको परेशान होते देख पूर्व भाजपा अध्यक्ष बद्रीलाल माली और बाबू सेन ने उनसे पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि वे अपने गांव वालों के साथ सांवरिया जी दर्शन को गए थे। लेकिन उनसे बिछड़कर राह भूलकर वहाँ से नीमच होते हुए यहां आ गए। जबकि उनके गांव का नाम भी ढोढर है, जो मंदसौर जिले के सुवासरा के पास स्थित है। इसके बाद बद्रीलाल माली ने उक्त बुजुर्ग व्यक्ति का फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। साथ ही ढोढर पुलिस चौकी पर भी सम्पर्क कर डायल 112 की मदद ली गई। थोड़ी देर बाद ही पता चल गया कि गांव का नाम सेम होने से कारूलाल गलत बस में बैठ गए और यहां पहुंच गए। सोशल मीडिया पर ही उनके परिजनों से बद्रीलाल माली की चर्चा हुई। जिसके पश्चात उन्हें सम्बंधित बस में बिठाकर उनके घर के लिए रवाना किया। देर शाम तक कारूलाल अपने गांव पहुंच चुके थे। ग्रामीणों ने ढोढर पुलिस के साथ ही माली,सेन व अन्य लोगों के प्रयासों की सराहना की।

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