दोस्ती हो तो ऐसी; रक्षाबंधन पर दोस्ती निभाने दो दर्जन युवा पहुँचे इंदौर हॉस्पिटल, दोस्ती कि बहुत बड़ी मिसाल पेश की

दोस्ती हो तो ऐसी; रक्षाबंधन पर दोस्ती निभाने दो दर्जन युवा पहुँचे इंदौर हॉस्पिटल, दोस्ती कि बहुत बड़ी मिसाल पेश की

सच्चे दोस्त जरुरत पड़ने पर कही भी आ सकते है त्यौहार के समय नजारा मदद की मिसाल नहीं बल्कि इस बात का भी सबूत है की असली रिश्ते वही है जो मुश्किल वक़्त में हाथ थामने का हौसला रखते हो।
वही युवाओं ने बताया की हमेशा इंसानियत को सर्वोपरी रखकर मदद का भाव रखे व हमेशा जंहा जिस भी मित्र को जरुरत पड़े हमेशा हम तैयार मिलेंगे। कुछ भी किसी भी प्रकार का सहयोग लगता है तो हम सभी युवा साथी लगातार सभी सम्पर्क बनाये हुवे है
जानकारी के मुताबिक मल्हारगढ के बादपुर गाँव के कमलेश राठौर की माताजी राजीबाई / कचरूलाल राठौर कई दिनों से बीमार है जिनका इलाज कई दिनों तक शासकीय हॉस्पिटल मंदसौर में चला जिसके बाद ब्लड में इन्फेक्शन के चलते हॉस्पिटल द्वारा इंदौर रेफर किया गया जिसके बाद अरबिंदो हॉस्पिटल इंदौर में भी कई दिनों तक इलाज जारी रहा वहां ब्लड इन्फेक्शन के चलते उच्चस्तरिय जांचे हुवी उनमे गंभीर बीमारी होना बताया जिसमे ब्लड की 50 यूनिट से भी अधिक मात्रा में आवश्यकता होना बताया वही इधर बादपुर के मित्रो के पास जैसे ही खबर आई सभी ने न दिन देखा न रात ओर 24 साथी ब्लड के लिए पहुंच गए इंदौर हॉस्पिटल ओर एक साथ 20 यूनिट का रक्तदान किया।
युवाओं में प्रदीप राठौर, पारस राठौर, पवन राठौर,शुभम गेहलोत, विष्णु सूर्यवंशी,राहुल मेघवाल ,धीरज राठौर ,महेश,मनोहर राठौर, कमल राठौर, महेश राठौर, दिलखुश, राहुल, दिलखुश राठौर,मंगल राठौर, कमलेश राठौर दिपक, विजय सहित कई युवा साथी यों ने ब्लड डोनेशन कर मित्रता की एक बड़ी मिसाल पेश की।